अमेरिका के मिडवेस्ट और नॉर्थईस्ट इलाकों के साथ-साथ कनाडा के कुछ हिस्सों में इस हफ्ते घना धुआं छा गया, जिसने आसमान को नारंगी रंग में रंग दिया और कई शहरों में हवा की गुणवत्ता को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी। यह धुआं मिनेसोटा और पश्चिमी ओंटारियो में लगी आग से आ रहा है।
सबसे ज्यादा आग कनाडा में
ज्यादातर आग की घटनाएं कनाडा में हो रही हैं, जहां शुक्रवार दोपहर तक 119 जंगल की आग बेकाबू होकर जल रही थीं। आग इतनी तेज है कि धुआं ऊंचाई तक उठकर वायुमंडल में पहुंच रहा है, जहां से जेट स्ट्रीम इसे सैकड़ों मील दूर पूर्व की ओर अमेरिका तक ले जा रही है।
शिकागो और डेट्रॉइट की हवा दुनिया में सबसे खराब
इसी वजह से शुक्रवार को शिकागो और डेट्रॉइट की हवा दुनिया के किसी भी शहर से ज्यादा खराब दर्ज की गई। न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन डीसी भी उस दिन दुनिया के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो गए, जिससे पता चलता है कि कनाडा और मिनेसोटा से उठा धुआं कितनी दूर तक फैल चुका है।
लोगों से घर के अंदर रहने की अपील
हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद प्रभावित शहरों ने लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की है, और लोग जंगल की आग के हानिकारक धुएं से बचने के तरीके तलाश रहे हैं। इस वीकेंड कम से कम कुछ इलाकों में साफ हवा आने की उम्मीद है, लेकिन आग की घटनाओं में अभी कोई कमी नहीं दिख रही, जिससे इस गर्मी में आगे और धुआं फैलने की आशंका बनी हुई है।
गर्म होती दुनिया का असर
कोयला, तेल और गैस जलाने से विनाशकारी जंगल की आग लगने की आशंका बढ़ी है, और इसके साथ ही ऐसी धुएं वाली घटनाएं भी ज्यादा बार हो रही हैं। इस हफ्ते अमेरिका के पूर्वी तट पर छाया नारंगी आसमान 2023 की याद दिलाता है, जब कनाडा में अब तक के सबसे भीषण जंगल आग के मौसम ने पूरे इलाके को धुएं से ढक दिया था। इसी तरह के नजारे इस गर्मी में यूरोप में भी देखे जा रहे हैं, जहां स्पेन में आग फैली हुई है, और पिछले कुछ सालों में ऑस्ट्रेलिया से लेकर कैलिफोर्निया तक कई जगहों पर नारंगी आसमान दिख चुका है।
आगे और बुरे हालात की चेतावनी
पिछले साल नेचर जर्नल में छपी एक रिसर्च के मुताबिक अगर दुनिया ने कोयला, तेल और गैस का इस्तेमाल कम नहीं किया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। रिसर्च का अनुमान है कि सदी के मध्य तक अकेले अमेरिका में जंगल की आग के धुएं से हर साल 71,420 अतिरिक्त मौतें होंगी, जो 2010 के दशक के मुकाबले 73 प्रतिशत ज्यादा है। शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी से लेकर उस समय तक अमेरिका में धुएं से जुड़ी सेहत समस्याओं के चलते 1.9 मिलियन लोगों की मौत हो सकती है।
इस हफ्ते अमेरिका में फैला धुआं इस बात की एक झलक है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और ज्यादा तथा और भयानक हो सकती हैं।



















