एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में जापानी येन के मुकाबले लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। मुद्रा जोड़ी 113.50 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। ऑस्ट्रेलिया से सामने आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों और व्यापक व्यापारिक दबाव के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा बैकफुट पर आ गई है, जबकि क्षेत्र के अन्य प्रमुख बाजारों में नए आर्थिक रुझान देखने को मिल रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर लगातार चौथे दिन दबाव
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) और जापानी येन (JPY) की विनिमय दर में नरमी का सिलसिला जारी है। गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/JPY क्रॉस 113.50 के समीप कारोबार करता हुआ देखा गया। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में जापानी येन के सामने कमजोरी दर्ज की गई है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के घरेलू व्यापार आंकड़ों और चीन व जापान के हालिया मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर पीएमआई आंकड़ों ने इस मुद्रा जोड़ी की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाई है।
ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटा, निर्यातों में गिरावट
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में देश का व्यापार अधिशेष काफी हद तक सिमट कर A$1,923 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) रह गया। यह आंकड़ा इससे पिछले महीने के संशोधित A$2,341 मिलियन के सरप्लस से काफी कम है। हालांकि यह गिरावट के बावजूद बाजार विशेषज्ञों के A$1,390 मिलियन के अनुमान से बेहतर रहा है।
व्यापार अधिशेष में इस गिरावट का मुख्य कारण ऑस्ट्रेलियाई निर्यातों में दर्ज की गई 3.3 प्रतिशत की महीने-दर-महीने गिरावट रही। इससे पिछले महीने निर्यात में 9.1 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई थी, जो अब उलट गई है। इसके साथ ही देश के आयात आंकड़ों में भी 2.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। आयात और निर्यात दोनों में आई इस सुस्ती ने ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की विदेशी मांग को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।
चीन के सर्विस सेक्टर में उम्मीद से बेहतर बढ़त
एशियाई क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन से सकारात्मक आर्थिक आंकड़े सामने आए हैं। रेटिंगडॉग सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अगस्त महीने में बढ़कर 51.4 पर पहुँच गया। जुलाई के महीने में यह आंकड़ा 50.4 के स्तर पर था।
चीन के सर्विस सेक्टर का यह प्रदर्शन बाजार के 50.6 के पूर्वानुमान से काफी बेहतर रहा है। चीन के सेवा क्षेत्र में आई यह मजबूती ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए आमतौर पर राहत भरी मानी जाती है क्योंकि चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन वर्तमान में मुद्रा बाजार पर अन्य मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का प्रभाव अधिक हावी दिख रहा है।
जापान में सर्विस और कंपोजिट सेक्टर की मजबूत रफ्तार
जापान की अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र का विस्तार लगातार मजबूत बना हुआ है। जिबून बैंक सर्विसेज पीएमआई अगस्त में बढ़कर 52.5 के स्तर पर पहुँच गया, जो जुलाई में 51.2 दर्ज किया गया था। यह शुरुआती अनुमान (फ्लैश रीडिंग) 52.3 से भी थोड़ा अधिक है।
मार्च के बाद से जापानी सेवा क्षेत्र की यह सबसे तेज वृद्धि दर है। जुलाई में नए ऑर्डर्स 25 महीने के निचले स्तर पर पहुँच गए थे, जिसके बाद अगस्त में नए ऑर्डर्स में तेजी से सुधार देखने को मिला। समग्र कारोबारी गतिविधियों की बात करें तो जिबून बैंक कंपोजिट पीएमआई अगस्त 2026 में 53.5 पर पहुँच गया, जो जुलाई के 52.7 और फ्लैश अनुमान 53.4 दोनों से अधिक है। फरवरी के बाद का यह उच्चतम स्तर है और इसके साथ ही जापान के प्राइवेट सेक्टर में लगातार 17वें महीने विस्तार का सिलसिला कायम रहा है।
बीएनवाई मेलेन का विश्लेषण: येन की तेजी पर संशय
जापान के मजबूत आंकड़ों के बावजूद वित्तीय संस्थान बीएनवाई मेलेन (BNY Mellon) के रणनीतिकार इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि आधिकारिक नीतियां येन को दीर्घकालिक मजबूती दे पाएंगी। बीएनवाई मेलेन के विशेषज्ञों का कहना है कि वे जापानी अधिकारियों द्वारा येन को मजबूती देने की क्षमता को लेकर बेहद संशय में हैं।
रणनीतिकारों ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) की मंगलवार की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अबेनॉमिक्स मुद्रास्फीति बढ़ाने वाला कदम था और जापान अब आराम से इसका आनंद ले सकता है। बीएनवाई के अनुसार, यह अवलोकन स्पष्ट करता है कि कम वृद्धि और कम प्रतिफल वाली अर्थव्यवस्थाओं में पुनरिफ्लेशन (reflation) का दौर मुद्रा के प्रदर्शन को अधिक सहनीय बना देता है। इससे यह धारणा पुख्ता होती है कि जापान की वर्तमान नीति येन पर से दबाव तो कम कर सकती है, लेकिन इससे किसी स्थायी बढ़त की गारंटी नहीं मिलती।
अन्य प्रमुख मुद्राएं: पाउंड में सुधार, यूरो पर दबाव
वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य जोड़ों में भी हलचल देखी गई। पाउंड स्टर्लिंग (GBP/USD) लगातार कई दिनों की गिरावट के सिलसिले को रोकते हुए बुधवार को 1.3470 के चार सप्ताह के निचले स्तर से थोड़ा उबरने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर के नरम रुख और भू-राजनीतिक चिंताओं के बावजूद केबल (GBP/USD) में यह सुधार देखा गया।
दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) दबाव में बना हुआ है। बुधवार को उत्तरी अमेरिकी सत्र की समाप्ति के समय यूरो टूटकर 1.1580 के क्षेत्र में आ गया। मंगलवार की मंदी के बाद अमेरिकी डॉलर धीरे-धीरे अपनी ताकत हासिल कर रहा है और निचले स्तरों से उबर रहा है।
सोना $4,400 के नीचे स्थिर, ईरान-अमेरिका तनाव से समर्थन
कीमती धातुओं के बाजार में सोना गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान $4,400 प्रति औंस के स्तर से नीचे समेकित (consolidate) होता दिखा। इससे पहले बुधवार को चार सप्ताह के निचले स्तर से सोने में अच्छी रिकवरी देखी गई थी।
बाजार में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें सोने को सहारा दे रही हैं। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के कमजोर एडीपी रोजगार आंकड़े डॉलर को संतुलित रख रहे हैं। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट गैर-प्रतिफल वाली धातु सोने के लिए मददगार साबित हो सकती है।
बिटकॉइन पर बिकवाली का दबाव, $76,000 के स्तर पर आया
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन (BTC) की रिकवरी को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऑन-चेन डेटा विश्लेषण फर्म ग्लासनोड (Glassnode) की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बिटकॉइन मौजूदा कीमतों के नीचे एक प्रमुख संचय क्षेत्र (accumulation zone) और ऊपर सप्लाई कंसंट्रेशन के बीच फंसा हुआ है।
27 अगस्त को $80,000 के स्तर को पार करने के बाद बिटकॉइन में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे कीमत घटकर $76,000 के आसपास आ गई। इस गिरावट के कारण बाजार में बड़े पैमाने पर लॉन्ग लिक्विडेशन (long liquidations) दर्ज किए गए।
ऊर्जा बाजार: डीजल क्रैक स्प्रेड $100 के पार ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर
कच्चे तेल का बाजार सतह पर शांत दिख रहा है, लेकिन रिफाइंड उत्पादों विशेषकर डीजल के बाजार से अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया।
कारोबार के दौरान यह स्प्रेड $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर (intraday record) पर पहुँच गया। यह क्रूड ऑयल और रिफाइंड ईंधन की कीमतों के बीच भारी अंतर को दर्शा रहा है।


















