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कच्चे तेल से महंगाई का खतरा और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा, लगातार तीसरे दिन फिसला न्यूजीलैंड डॉलरबाज़ार
22 सित॰ 2026, 8:01 am (36 दिन पहले)· 0

कच्चे तेल से महंगाई का खतरा और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा, लगातार तीसरे दिन फिसला न्यूजीलैंड डॉलर

रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की ओर से भविष्य में ब्याज दरों में धीमी बढ़ोतरी के संकेतों और वैश्विक तनाव के चलते कीवी मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है। मंगलवार को एशियाई कारोबार में कीवी-डॉलर जोड़ी 0.5700 के करीब फिसल गई।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कीवी मुद्रा के नाम से पहचानी जाने वाली न्यूजीलैंड की करेंसी में कमजोरी का दौर जारी है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले न्यूजीलैंड डॉलर मंगलवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ एशियाई कारोबारी सत्र में 0.5700 के आसपास कारोबार करता दिखा। इस कमजोरी के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के भावी नीतिगत रुख को मुख्य वजह माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने यह संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी काफी धीमी गति से की जाएगी। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति के नए जोखिम पैदा कर दिए हैं, जिसके चलते वित्तीय बाजारों में अक्टूबर के भीतर एक और संभावित ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं अभी भी पूरी तरह खारिज नहीं हुई हैं।

वैश्विक कूटनीति और पाबंदियों के बीच झूलता बाजार

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार इस समय दुनिया भर के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से आने वाले मिश्रित संकेतों से जूझ रहा है। एक तरफ कूटनीतिक वार्ताओं से निवेशकों का मनोबल कुछ हद तक संभला है। व्यापारी समुदाय वाशिंगटन और बीजिंग के बीच होने वाले आगामी द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन पर पैनी नजरें गड़ाए हुए है। दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच रिश्तों में किसी भी किस्म के सुधार की उम्मीद सीधे तौर पर निर्यात पर टिकी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देती है, और न्यूजीलैंड के लिए यह बेहद अहम मोड़ साबित हो सकता है। इसके साथ ही मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के कूटनीतिक प्रयासों पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम उठाने की धारणा को बढ़ावा मिल सकता है।

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दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन की नई आर्थिक पाबंदियों ने वित्तीय बाजारों के उत्साह को सीमित कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव गहरा गया है। स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरानी एयरलाइंस को किसी भी तरह की सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों पर 23 सितंबर से द्वितीयक प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। इस कड़े कदम से ईरानी विमानन कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा तंत्र से पूरी तरह कट जाने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे व्यापक भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

कीवी मुद्रा की बुनियादी ताकत और चीनी अर्थव्यवस्था का प्रभाव

न्यूजीलैंड डॉलर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कारोबारियों के बीच खासा लोकप्रिय है। इसका सामान्य मूल्य मुख्य रूप से घरेलू अर्थव्यवस्था की सेहत और वहां के केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों पर निर्भर करता है। हालांकि, कुछ विशिष्ट वैश्विक कारक भी इस मुद्रा में तेज हलचल पैदा करते हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारक चीनी अर्थव्यवस्था की स्थिति है, क्योंकि चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यदि चीनी अर्थव्यवस्था में कोई नकारात्मक रुख दिखता है या आर्थिक मंदी के संकेत मिलते हैं, तो न्यूजीलैंड से चीन को होने वाले कुल निर्यात में सीधी कमी आती है। इसका व्यापक नकारात्मक असर न्यूजीलैंड की घरेलू अर्थव्यवस्था और अंततः वहां की मुद्रा पर पड़ता है।

इसके अलावा, डेयरी उत्पादों के वैश्विक भाव भी कीवी मुद्रा की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। न्यूजीलैंड के कुल निर्यात में डेयरी उद्योग का सबसे बड़ा योगदान रहता है। वैश्विक बाजार में जब डेयरी उत्पादों के भाव ऊंचे स्तर पर रहते हैं, तो देश की निर्यात आय में जबरदस्त इजाफा होता है। यह आर्थिक मजबूती न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को सहारा देती है और मुद्रा बाजार में कीवी को बल प्रदान करती है।

आरबीएनजेड का मुद्रास्फीति लक्ष्य और ब्याज दर अंतर

रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड का मुख्य वैधानिक लक्ष्य मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति की दर को 1% से 3% के तय दायरे में सीमित रखना है, जिसमें बैंक का विशेष ध्यान इस दर को 2% के मध्य बिंदु के निकट बनाए रखने पर केंद्रित रहता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के स्तर का निर्धारण करता है। जब भी अर्थव्यवस्था में महंगाई की दर तय दायरे से बाहर निकलती है, केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की गति को धीमा करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाता है। इस कदम से सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है, जिससे विदेशी निवेशक आकर्षित होते हैं और मुद्रा की मांग बढ़ने से कीवी डॉलर मजबूत होता है। इसके उलट, ब्याज दरों में कमी आने पर मुद्रा में कमजोरी दर्ज की जाती है।

मुद्रा बाजार में एनजेडडी/यूएसडी जोड़ी की चाल को समझने के लिए ब्याज दर अंतर एक बेहद निर्णायक कारक बनता है। न्यूजीलैंड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौजूदा तथा अनुमानित ब्याज दरों के बीच का फासला ही तय करता है कि निवेशक किस मुद्रा में अपनी पूंजी लगाना पसंद करेंगे। घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के फैसले को प्रभावित करते हैं। आर्थिक वृद्धि में तेजी, कम बेरोजगारी और मजबूत कारोबारी भरोसे से अर्थव्यवस्था में मजबूती आती है। अगर आर्थिक विस्तार के साथ महंगाई भी बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश मिलती है, जिससे मुद्रा चढ़ती है। कमजोर आर्थिक आंकड़ों के आने पर मुद्रा में मूल्यह्रास का जोखिम गहरा जाता है। आमतौर पर वैश्विक बाजारों में जोखिम उठाने के दौर में कमोडिटी आधारित मुद्रा होने के कारण कीवी में बढ़त दिखती है, जबकि उथल-पुथल या वैश्विक अनिश्चितता के समय निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख करते हैं और कीवी को बेचकर बाहर निकलते हैं।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन के मोर्चे पर गतिविधियां

न्यूजीलैंड के साथ-साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी मंगलवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई कारोबारी घंटों में 0.7100 के स्तर के पास रक्षात्मक मुद्रा में बना रहा। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की असिस्टेंट गवर्नर सारा हंटर की आक्रामक टिप्पणियों के बावजूद मुद्रा में कोई बड़ी तेजी नहीं देखी गई, क्योंकि बाजार के प्रतिभागी अब रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक के आगामी संबोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच इसी सप्ताह होने वाला अहम शिखर सम्मेलन भी निवेशकों के रडार पर है। दूसरी तरफ मध्य पूर्व के संकट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दे रखी है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बरकरार है।

जापानी येन की बात करें तो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूएसडी/जेपीवाई 157.50 के स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की बड़ी गिरावट को थामने का काम किया है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा 31 साल के उच्चतम स्तर पर ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद मौद्रिक रुख में नरमी के संकेतों से येन के खरीदार असमंजस में हैं। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया है, जिसकी बाजार कई हफ्तों से पहले से ही उम्मीद कर रहा था।

सोने की चमक पर डॉलर का साया

कमोडिटी बाजार में सोने ने मंगलवार के एशियाई सत्र में कुछ सकारात्मक गति हासिल की, लेकिन तेजी में दृढ़ विश्वास की कमी साफ दिखाई दी और पीली धातु $4,400 के स्तर से नीचे ही बनी रही। कच्चे तेल की गिरती कीमतों से मुद्रास्फीति की चिंताएं कुछ हद तक शांत हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और ब्याज न देने वाली धातु सोने को नीचे से सहारा मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और मध्य पूर्व के तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर जुलाई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब टिका हुआ है, जो सोने की कीमतों में बड़ी छलांग के रास्ते में एक मजबूत रुकावट बना हुआ है।

सवाल-जवाब

न्यूजीलैंड डॉलर में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा भविष्य में ब्याज दरें धीमी गति से बढ़ाने के संकेत और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते कीवी मुद्रा में गिरावट आई है।
एशियाई कारोबारी सत्र में एनजेडडी/यूएसडी किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
मंगलवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान एनजेडडी/यूएसडी 0.5700 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी एयरलाइंस को लेकर क्या चेतावनी दी है?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि ईरानी एयरलाइंस को सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों पर 23 सितंबर से द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।
सोने की कीमतों पर किन कारकों का असर देखा जा रहा है?
कच्चे तेल के दाम गिरने से बॉन्ड यील्ड घटी जिससे सोने को सहारा मिला, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोना $4,400 के नीचे ही रहा।
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