टेक सेक्टर में बिकवाली का माहौल था, लेकिन माइक्रोन (MU) ने इस दौर में भी अपना नया ऑल-टाइम हाई दर्ज कर लिया। अमेज़न (AMZN), मेटा (META), अल्फाबेट (GOOG) और एनवीडिया (NVDA) जैसी दिग्गज टेक कंपनियां बाज़ार की धारा के साथ नीचे खिसक रही थीं, जबकि माइक्रोन अपनी तेज़ रफ्तार अलग राह पर चलती रही। आगामी तिमाही कमाई रिपोर्ट और AI मेमोरी चिप की जबरदस्त मांग ने MU को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
बाज़ार में उथल-पुथल, माइक्रोन की अलग कहानी
S&P 500 करीब 0.4% टूटा और टेक-हेवी नैस्डैक कंपोजिट में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई। ट्रिलियन-डॉलर क्लब की सबसे नई सदस्य स्पेसएक्स (SPCX) को लगातार तीन दिनों की गिरावट झेलनी पड़ी। दिग्गज टेक कंपनियां इस बिकवाली की चपेट में आ गईं, लेकिन माइक्रोन (MU) ने उलटी दिशा चुनी और बाज़ार में नई रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली।
24 जून 2026 की कमाई रिपोर्ट पर टिकी नज़रें
माइक्रोन की इस असाधारण मज़बूती की सबसे बड़ी वजह है 24 जून 2026 को जारी होने वाली तिमाही कमाई रिपोर्ट। निवेशक उम्मीद से बेहतर नतीजों पर दांव लगा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि कंपनी की कमाई 33.5 बिलियन डॉलर रह सकती है, जिसमें 750 मिलियन डॉलर का ऊपर-नीचे का फर्क संभव है। इसके साथ ही कंपनी ने तीसरी तिमाही के लिए मज़बूत ग्रोथ मार्जिन का अनुमान भी पेश किया है, जिसने निवेशकों का भरोसा और पक्का किया है।
ईरान शांति वार्ता पर संशय से हिला बाज़ार
शेयर बाज़ार में जो व्यापक गिरावट आई उसकी एक बड़ी वजह अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है। ईरान कथित तौर पर तब तक किसी समझौते पर दस्तखत करने को तैयार नहीं जब तक इज़राइल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकता। राष्ट्रपति ट्रंप की ताज़ा धमकियों ने भी इस माहौल को और बिगाड़ा है। हालांकि इन तमाम भू-राजनीतिक दबावों के बीच माइक्रोन पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
AI मेमोरी चिप की कमी और बढ़ता उत्पादन
माइक्रोन अगली तिमाही में अपना उत्पादन स्तर बढ़ाने की तैयारी में है। उत्पादन बढ़ाने से कभी-कभी मार्जिन पर दबाव पड़ता है, लेकिन AI-बेस्ड मेमोरी चिप की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मांग आपूर्ति से कहीं आगे निकल चुकी है और ग्राहक माइक्रोन के उत्पाद पाने के लिए ऊंची कीमत चुकाने को भी तैयार हैं। इसीलिए उत्पादन बढ़ने के बावजूद कंपनी की मज़बूती बरकरार रहने की संभावना है।
मेमोरी चिप की दुनिया के तीन बड़े नाम
इस उछाल का फायदा सिर्फ माइक्रोन को नहीं मिल रहा। एसके हाइनिक्स भी इस दौर में बड़े फायदे में है। माइक्रोन, एसके हाइनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स मिलकर AI-बेस्ड मेमोरी चिप सेक्टर के तीन सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। एसके हाइनिक्स ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को पीछे छोड़ दक्षिण कोरिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनी का ताज हासिल कर लिया है, जो यह दर्शाता है कि मेमोरी चिप की मांग कितनी ज़बरदस्त हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तिमाही रिपोर्ट आने के बाद भी माइक्रोन की तेज़ी जारी रहने की पूरी उम्मीद है।













