अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो एक सीमित दायरे में संघर्ष करता नजर आ रहा है, जहां तकनीकी स्तर पर 1.1135 का भाव एक बेहद संवेदनशील सपोर्ट जोन बनकर उभरा है। बीते सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में शुक्रवार को यूरो ने कुछ देर के लिए 1.1214 का स्तर छुआ था, लेकिन वहां टिकने में नाकाम रहने के बाद यह फिसलकर 1.1136 के निचले स्तर तक आ गया और अंत में 1.1158 पर बंद हुआ, जिसमें 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद जब सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में मुद्रा 1.1160 के आसपास चल रही थी, तब बाजार विशेषज्ञों का मानना था कि तत्काल ऊपर की ओर दबाव कम हो चुका है और कीमतें 1.1135 से 1.1190 के बीच सीमित दायरे में स्थिर हो सकती हैं।
लंदन सत्र की तेज बढ़त और दैनिक तकनीकी दृष्टिकोण
हालांकि लंदन कारोबारी सत्र के दौरान बाजार की चाल ने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। उस दौरान यूरो अचानक तेज उछाल के साथ 1.1237 तक पहुंच गया, लेकिन यह तेजी बहुत अल्पकालिक साबित हुई। इसके तुरंत बाद मुद्रा में मुनाफावसूली हावी हो गई और दिन के अंत में यूरो 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.1185 पर बंद हुआ। इस संक्षिप्त उछाल के बावजूद ऊपर की दिशा में किसी नई तेजी या मोमेंटम का निर्माण नहीं हो सका। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यूरो के आज 1.1160 से 1.1220 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
एक से तीन सप्ताह का व्यापक दृष्टिकोण और प्रमुख स्तर
मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के तकनीकी परिप्रेक्ष्य पर गौर करें तो शुक्रवार 30 अक्टूबर को, जब स्पॉट भाव 1.1190 पर था, यह रेखांकित किया गया था कि यूरो फिर से उछलकर 1.1220 तक पहुंच सकता है। यदि यूरो 1.1220 से ऊपर दैनिक आधार पर बंद होने में सफल रहता, तो यह आगे 1.1250 की ओर बढ़ने का रास्ता साफ कर सकता था। लेकिन शुक्रवार को 1.1214 तक चढ़ने के बाद भाव का अचानक 1.1136 के निचले स्तर तक लुढ़कना तेजी की रफ्तार पर ब्रेक लगा गया। 02 नवंबर को जब स्पॉट भाव 1.1160 पर था, तब यह स्पष्ट संकेत मिला कि गिरावट के साथ तेजी की गति कमजोर पड़ चुकी है। ऐसे में यदि यूरो 1.1135 के मजबूत सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे फिसलता है, तो यह माना जाएगा कि तेजी की उम्मीद समय से पहले लगा ली गई थी। यद्यपि बाद में भाव 1.1237 तक उछला, लेकिन बढ़त बनाए न रख पाने और 1.1185 पर बंद होने के कारण मोमेंटम संकेतकों में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं हुआ है, जिससे सतर्क रुख बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट: आरबीए की दर वृद्धि के बाद दबाव
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिली और एशियाई सत्र के दौरान यह मुद्रा जोड़ी दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर आ गई। यह गिरावट रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में उम्मीद के मुताबिक 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि किए जाने के तुरंत बाद दर्ज की गई। केंद्रीय बैंक का यह फैसला पूरी तरह सर्वसम्मत नहीं रहा, क्योंकि बोर्ड के तीन सदस्य ब्याज दरों को 4.60 प्रतिशत के स्तर पर ही अपरिवर्तित रखने के पक्ष में थे। विभाजित फैसले के कारण आगे और नीतिगत सख्ती की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं, जिसने मामूली अमेरिकी डॉलर की मजबूती के साथ मिलकर इस मुद्रा जोड़ी पर गहरा दबाव बनाया है।
जापानी येन और अमेरिकी डॉलर: सीमित दायरे में हलचल
दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) मंगलवार के एशियाई सत्र में थोड़ा नीचे खिसका और पिछले कारोबारी दिन की 158.00 तक की बढ़त के कुछ हिस्से को गंवा दिया। ईरान कूटनीति की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के पहले बने अनिश्चित माहौल के बीच डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है। इसी बीच, जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित करेंसी हस्तक्षेप के जोखिम से जापानी येन को निचला सहारा मिल रहा है, हालांकि बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की अगली दर वृद्धि के सटीक समय को लेकर अनिश्चितता येन की बढ़त को सीमित कर रही है। इन परस्पर विरोधी कारकों की वजह से USD/JPY एक जाने-पहचाने दायरे में फंसा हुआ है, जहां कोई भी नई दिशा तय करने से पहले बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सोने में बिकवाली का दबाव: मजबूत अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग आंकड़े
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी का रुख बरकरार रहा और एशियाई सत्र के दौरान पीली धातु 3,950 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गई। इस गिरावट ने पिछले सप्ताह बने एक साल के निचले स्तर से हुई आंशिक रिकवरी को फिर से पलट दिया है। सोमवार को जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की व्यावसायिक गतिविधि में लगातार दसवें महीने विस्तार दर्ज किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (आईएसएम) का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आम सहमति के अनुमानों से बेहतर रहा और सितंबर के 54.5 से बढ़कर अक्टूबर में 55.5 पर पहुंच गया। इस मजबूत आर्थिक आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त नीति बनाए रखने की संभावनाओं को बल दिया है, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दोबारा उछाल आया और ब्याज न देने वाली संपत्तियों जैसे सोने में नई बिकवाली शुरू हो गई।
क्रिप्टो बाजार में कार्डानो की गिरावट
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में कार्डानो (ADA) का सुधार का दौर और गहरा गया है। पिछले कारोबारी सत्र में अपना महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन गंवाने के बाद मंगलवार को यह टोकन 0.189 डॉलर से नीचे आ गया। डेरिवेटिव्स बाजार से मिल रहे मिले-जुले रुझान और सतर्क ऑन-चेन आंकड़े निवेशकों की धारणा को लगातार प्रभावित कर रहे हैं। इसके साथ ही तकनीकी संकेतकों में दिख रही कमजोरी कार्डानो के लिए आगे और गिरावट का जोखिम पैदा कर रही है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव: सीनेट और हाउस पर नजरें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजरें मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों पर भी टिकी हैं, जहां काफी कुछ दांव पर लगा है। इन मध्यावधि चुनावों के तहत अमेरिकी सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों और प्रतिनिधि सभा (हाउस) की सभी 435 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरने के लिए फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में नीतिगत दिशा और बाजार की धारणा को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।
















