कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट के कारण नॉर्वेजियन क्रोने अपने अधिकांश प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले दबाव में दिखाई दिया। इसके बावजूद नॉर्वे में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के मिले-जुले आंकड़ों ने नॉर्गेस बैंक द्वारा ब्याज दरों में आगे वृद्धि की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म नहीं किया है। इस रुख से क्रोने को निचले स्तरों पर कुछ सहारा भी मिल रहा है। विनिमय बाजारों में स्वैप कर्व से संकेत मिलता है कि साल के अंत तक ब्याज दर में 25 आधार अंकों की एक और बढ़ोतरी होकर दर 4.75 प्रतिशत तक पहुंचने की करीब 50 प्रतिशत संभावना बनी हुई है।
मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर और नॉर्वेजियन क्रोने की जोड़ी यानी USD/NOK में ताजा कारोबारी सत्र के दौरान 9.58 के स्तर पर कारोबार देखा गया, जो पिछले बंद स्तर 9.57 से 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52 हफ्तों का दायरा 9.15 से 10.30 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 63 पर है, जबकि एमएसीडी 0.06 पर सिगनल लाइन 0.05 से ऊपर बना हुआ है, जिसका हिस्टोग्राम 0.01 पर बुलिश रुझान दिखा रहा है। हालांकि, मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 50-दिवसीय ईएमए 9.48 के मुकाबले 200-दिवसीय ईएमए 9.61 पर होने से डेथ क्रॉस जैसी स्थिति दिख रही है और 20-दिवसीय ईएमए 9.51 पर स्थित है। वहीं बोलिंजर बैंड्स 9.29 से 9.70 के बीच फैले हैं और एडीएक्स 38 पर ट्रेंडिंग स्थिति की पुष्टि कर रहा है। पिवट स्तर 9.56 के आसपास है, जहां पहला रेजिस्टेंस 9.60 और दूसरा 9.62 पर देखा जा रहा है, जबकि पहला सपोर्ट 9.55 और दूसरा सपोर्ट 9.51 पर बना हुआ है।
नॉर्वे में महंगाई के आंकड़े और केंद्रीय बैंक के अनुमान
नॉर्वे में सितंबर महीने की हेडलाइन सीपीआई सालाना आधार पर बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 3.3 प्रतिशत रहा था। हालांकि यह आंकड़ा बाजार के आम अनुमान 3.6 प्रतिशत और नॉर्गेस बैंक के अपने 3.5 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम रहा। दूसरी ओर, खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर मदों को अलग रखने वाली अंतर्निहित सीपीआई लगातार दूसरे महीने सालाना आधार पर 3.0 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही। यह आंकड़ा बाजार के 3.1 प्रतिशत के अनुमान से मामूली कम था, लेकिन नॉर्गेस बैंक के 2.9 प्रतिशत के अनुमान से ऊपर दर्ज किया गया। अनुमान से अधिक बनी हुई इस अंतर्निहित महंगाई के कारण ही नीति निर्माताओं के पास ब्याज दरों को और सख्त करने का विकल्प खुला हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन की चाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर भी अहम हलचल देखी जा रही है। शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी अपने साप्ताहिक निचले स्तर से संभलते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश में रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे इस जोड़ी को मजबूत सहारा मिला। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया है।
इसके विपरीत जापानी येन में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। जापान में शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिससे येन पर दबाव बढ़ा और USD/JPY 158.00 के स्तर के आसपास बना रहा। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को कुछ हद तक सीमित किया, जिससे इस जोड़ी की गिरावट भी एक दायरे में सिमटी रही।
सोने में मजबूती और अमेरिकी उपभोक्ता धारणा के आंकड़े
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में सुधार का रुख देखने को मिला है। शुक्रवार को सोना अपने दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए एक बार फिर 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के साथ अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने को सहारा मिला। बाजार में धारणा सोने के पक्ष में मुड़ती दिख रही है, हालांकि दैनिक आरएसआई अब भी मंदी के संकेत दे रहा है और निवेशक नए अमेरिकी सेंटीमेंट आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में आगामी आंकड़ों के तहत मिशिगन कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स के शुरुआती अनुमान जारी होने हैं, जिसमें अक्टूबर महीने के दौरान लगातार तीसरे महीने गिरावट की संभावना जताई गई है। इन आंकड़ों के आने से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने 2026 के उच्च स्तर के करीब 102.50 के क्षेत्र में मजबूती बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।























