मेक्सिको की मौद्रिक नीति और मुद्रा बाजार पर वित्तीय विश्लेषकों की नजरें एक बार फिर टिक गई हैं। बैंक ऑफ मेक्सिको (बैंक्सिको) की सितंबर बैठक के जारी विवरण से संकेत मिलता है कि बैंक का नीतिगत बोर्ड आगे मौद्रिक नीति को नरम करने की दिशा में विचार कर रहा है, भले ही ताजा फैसले में नीतिगत ब्याज दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया था। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि नवंबर में ब्याज दरों में सीधी कटौती की संभावना देखना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों के जोखिम लगातार बने हुए हैं।
सितंबर की बैठक और मुद्रा बाजार की प्रतिक्रिया
बैंक्सिको के पांच सदस्यीय बोर्ड ने 24 सितंबर को हुई अपनी बैठक में सर्वसम्मति से नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया था। इसके बावजूद, बैठक के मिनट्स से यह स्पष्ट होता है कि नीति निर्माताओं का एक बड़ा हिस्सा सही परिस्थितियां बनने पर मौद्रिक नरमी की गुंजाइश देख रहा है। जैसे ही यह ब्योरा सार्वजनिक हुआ, मुद्रा बाजार में मेक्सिकन पेसो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक समय करीब 1 प्रतिशत तक कमजोर हो गया। पहली नजर में बोर्ड के भीतर की चर्चा ढील देने के चक्र को आगे बढ़ाने की इच्छा दर्शाती है, लेकिन इसके क्रियान्वयन का समय अभी अनिश्चित है।
वैश्विक जोखिम और अमेरिकी चुनाव का साया
कॉमर्जबैंक के नॉर्मन लीबके के अनुसार, केंद्रीय बैंक के लिए आने वाले समय में तत्काल दर कटौती करना आसान नहीं होगा। आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शंस), लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा की ऊंची कीमतों से अप्रत्यक्ष तथा द्वितीय-स्तरीय प्रभावों के जरिए महंगाई फिर से भड़कने की आशंका मौजूद है। इन सभी कारकों के चलते यह अधिक संभावित लगता है कि बैंक्सिको फिलहाल 'ठहरो और देखो' (वेट एंड सी) की मुद्रा बनाए रखेगा और जल्दबाजी में कोई ढील देने से बचेगा।
ब्याज दर अंतर घटने और मुद्रा अवमूल्यन की चिंताएं
यदि मेक्सिको का केंद्रीय बैंक अतिरिक्त ब्याज दर कटौती करता है, तो इसका सीधा असर संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको के बीच के ब्याज दर अंतर पर पड़ेगा। दोनों देशों के बीच यह दर अंतर घटने से पेसो पर नए सिरे से अवमूल्यन का दबाव बन सकता है। यह चिंता इसलिए भी अधिक गंभीर हो जाती है क्योंकि 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि किए जाने के बाद से अमेरिकी डॉलर पहले ही पेसो के मुकाबले लगभग 7 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। मध्य सितंबर से यूएसडी/एमएक्सएन (USD/MXN) में आई यह तेजी पेसो की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
मुद्रा के और अधिक कमजोर होने से आयात लागत बढ़ सकती है, जो एक्सचेंज-रेट पास-थ्रू के जरिए घरेलू अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव को और तीव्र कर सकती है। इसलिए आयातित महंगाई को नियंत्रित रखना भी केंद्रीय बैंक के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है।
तकनीकी स्तर और लाइव बाजार आंकड़े
विदेशी मुद्रा बाजार में यूएसडी/एमएक्सएन की मौजूदा चाल को देखें तो यह जोड़ी 18.18 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 17.97 से 1.15 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 16.85 से 18.77 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर दर्ज किया गया है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 72 के स्तर पर है, जो ओवरबॉट स्थिति की ओर इशारा करता है। एमएसीडी (MACD) 0.27 पर है जबकि सिग्नल लाइन 0.24 पर है, जिससे हिस्टोग्राम 0.03 के साथ बुलिश रुख दिखा रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, ईएमए20 17.75, ईएमए50 17.47 और ईएमए200 17.55 पर स्थित है, जबकि एसएमए50 17.28 और एसएमए200 17.42 दर्ज है। ईएमए50 के ईएमए200 से नीचे होने के बावजूद मूल्य दीर्घकालिक अपट्रेंड में बना हुआ है। बॉलिंजर बैंड (20,2) 16.80 से 18.52 के बीच है और भाव बैंड के अंदर ट्रेड कर रहा है। एडीएक्स (ADX) 52 पर मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 80 और सिग्नल लाइन 70 पर है। दैनिक अस्थिरता एटीआर (ATR) 0.20 दर्ज की गई है। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 16.97 और रेजिस्टेंस 18.42 के आसपास है। प्रमुख पिवट स्तर 18.17 पर है, जिसमें रेजिस्टेंस आर1 18.21 और आर2 18.25 तथा सपोर्ट एस1 18.14 और एस2 18.10 के स्तर पर स्थित हैं।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का रुख
वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में भी व्यापक हलचल देखी जा रही है। शुक्रवार को एशियाई कारोबार के दौरान एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) ने अपने साप्ताहिक निचले स्तर से सुधार को आगे बढ़ाते हुए 0.7000 के स्तर का लक्ष्य बनाया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रातों-रात आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे इस जोड़ी को समर्थन मिला। साथ ही, रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) से जुड़े हॉकिश रुख की उम्मीदों ने भी इसे सहारा दिया।
दूसरी ओर, यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) 158.00 के आसपास अपनी बढ़त बनाए हुए है। शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरा, जिससे जापानी येन कमजोर हुआ। हालांकि, अमेरिकी यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के बीच इस जोड़ी की गिरावट को सीमित कर सकती हैं।
कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी मजबूती बनाए रखी और शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर को फिर से छुआ, जिससे दो महीने के निचले स्तर से उसकी रिकवरी का दायरा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड के साथ अमेरिकी डॉलर में आई नरमी के बीच बाजार अमेरिकी सेंटिमेंट डेटा का इंतजार कर रहा है। सोने के पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है, हालांकि दैनिक आरएसआई अब भी मंदी के संकेत दे रहा है। इसके अलावा, कनाडा की सांख्यिकी एजेंसी शुक्रवार को अपना सितंबर श्रम बल सर्वेक्षण जारी करने वाली है, जहां अगस्त की भारी गिरावट के बाद रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद है। यह रिपोर्ट 22 अगस्त से प्रभावी हुए नए अमेरिकी शुल्कों के असर को पूरी तरह प्रतिबिंबित करने वाली पहली रिपोर्ट होगी।






















