अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में आई हल्की गिरावट ने वैश्विक बॉन्ड बाजार में जारी बिकवाली पर फिलहाल रोक लगा दी है। ऊर्जा लागत घटने के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रात भर नरमी दर्ज की गई, जिससे हालिया दौर में 18 महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचे अमेरिकी डॉलर की तेज रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। हालांकि, अमेरिकी आर्थिक वृद्धि दर का अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर रहना और अमेरिकी सिक्योरिटीज के प्रति विदेशी निवेशकों की मजबूत मांग अब भी डॉलर के पक्ष में जोखिम को ऊपर की तरफ बनाए हुए है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की इस सुस्ती का सीधा असर अन्य मुद्राओं और कमोडिटी बाजार पर देखने को मिला है, जहां सोने की कीमतों ने राहत की सांस ली है।
फेडरल रिजर्व का रुख और आर्थिक अनुमानों पर मंथन
फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने केंद्रीय बैंक के 'समरी ऑफ इकोनॉमिक प्रोजेक्शन' (SEP) को बनाए रखने की पुरजोर वकालत की है। साल के अंत तक आने वाली टास्क फोर्स की रिपोर्ट से पहले वॉलर ने जोर देकर कहा कि एसईपी वित्तीय बाजारों को नीतिगत दिशा का स्पष्ट संकेत देता है, बिना इसके कि फेडरल रिजर्व किसी पूर्व-निर्धारित रास्ते में बंध जाए। उनके मुताबिक, यह आर्थिक अनुमान केंद्रीय बैंक को लचीलापन बनाए रखने में मदद करता है और निवेशकों को आगे के ब्याज दर परिदृश्य को समझने में सहायता करता है। दूसरी तरफ, बाजार की नजर मिशिगन विश्वविद्यालय के अक्टूबर महीने के उपभोक्ता सर्वेक्षण पर टिकी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सर्वेक्षण दर्शाएगा कि लंबी अवधि की मुद्रास्फीति प्रत्याशाएं तय दायरे में बनी हुई हैं, जिससे फेडरल रिजर्व पर नीतिगत सख्ती का दबाव संतुलित रह सकता है।
सोने में 4,200 डॉलर के स्तर पर वापसी
अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से सोने की कीमतों में दो महीने के निचले स्तर से सुधार देखा गया है। शुक्रवार को हाजिर सोना 4,200 डॉलर के स्तर पर दोबारा पहुंच गया। ताजा क्लोज-बेल सत्र के आंकड़ों के अनुसार, कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,208 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 4,157 डॉलर था। सोने का 52-सप्ताह का दायरा 3,901 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है। हालांकि, तकनीकी आधार पर 14-दिवसीय आरएसआई 43 के स्तर पर रहने से दैनिक चार्ट पर मंदी का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। एमएसीडी -65.06 पर है, जो सिग्नल लाइन -58.16 से नीचे हिस्टोग्राम -6.91 के साथ नकारात्मक बना हुआ है। 50-दिवसीय ईएमए 4,314 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,439 डॉलर के साथ डेथ क्रॉस बना हुआ है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 4,255 डॉलर पर स्थित है। फिलहाल पिवट स्तर 4,199 डॉलर के ऊपर टिके रहने से पहला प्रतिरोध 4,242 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 4,277 डॉलर पर देखा जा रहा है, जबकि सपोर्ट 4,165 डॉलर और 4,122 डॉलर पर है।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का रुख: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कनाडाई डॉलर
विदेशी मुद्रा विनिमय में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने मजबूती दर्ज करते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के अलावा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के नीतिगत रुख को लेकर बनी सख्त उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन दे रही हैं। इसके विपरीत, डॉलर के मुकाबले जापानी येन में कमजोरी बरकरार रही और USD/JPY 158.00 के करीब बना रहा। शुक्रवार को आए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरा है, जिसने येन पर गहरा दबाव डाला। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर की बढ़त को सीमित करने का भी काम किया। वहीं, कनाडा का सांख्यिकी विभाग शुक्रवार को सितंबर का श्रम बल सर्वेक्षण जारी करेगा। अगस्त की तेज गिरावट के बाद रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद की जा रही है। यह रिपोर्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें 22 अगस्त से लागू हुए नए अमेरिकी शुल्कों का पहला पूर्ण प्रभाव परिलक्षित होगा।
























