कॉमर्जबैंक के तथा घोष का कहना है कि पोलैंड की लॉ एंड जस्टिस पार्टी में हाल ही में हुए विभाजन से राजनीतिक माहौल बदल गया है। इस पार्टी से अलग होकर मातेउश मोराविएकी ने डेवलपमेंट प्लस नाम से नए राजनीतिक दल का गठन किया है और शुरुआती सर्वे बताते हैं कि यह दल सेजम के लिए निर्धारित चुनावीthreshold को पार करने में सफल हो रहा है। सैद्धांतिक रूप से देखा जाए तो इससे एक पार्टी के पूर्ण बहुमत वाली मजबूत सरकार का जोखिम कम हो सकता है और मुद्रा पर से राजनीतिक अनिश्चितता का प्रीमियम घट सकता है। हालांकि इसके साथ ही दक्षिणपंथी राजनीति के बिखरने से गठबंधन और सरकार चलाने के समीकरण अधिक जटिल होने की आशंका भी बनी हुई है जिसके कारण पॉलिश ज़्लॉटी पर इसके संपूर्ण प्रभाव को लेकर तस्वीर फिलहाल साफ नहीं हो पाई है।
विभाजन की वजह और शुरुआती सर्वे
पिछले सप्ताह पोलैंड की विपक्षी राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया जब लॉ एंड जस्टिस पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिली। पार्टी के प्रमुख यारोस्लाव काचिन्स्की द्वारा वफादारी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने की मांग किए जाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मातेउश मोराविएकी और तीस से अधिक सांसदों ने पार्टी का दामन छोड़ दिया। इस विभाजन के ठीक बाद आए पहले जनमत सर्वेक्षणों से यह संकेत मिलता है कि यदि चुनाव कराए जाएं तो मोराविएकी के नेतृत्व वाला नया दल साढ़े सात प्रतिशत वोट हासिल कर सकता है जो सेजम में प्रतिनिधित्व पाने के लिए जरूरी पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है। इसके मुकाबले सिविक कोएलिशन यानी केओ पार्टी अठ्ठाईस दशमलव पांच प्रतिशत समर्थन के साथ सबसे आगे बनी हुई है जबकि मूल लॉ एंड जस्टिस पार्टी का समर्थन गिरकर पंद्रह दशमलव नौ प्रतिशत पर आ गया है। इसके अलावा दक्षिणपंथी और उग्र दक्षिणपंथी दलों की स्थिति भी मजबूत दिखती है जहां कॉन्फेडरेज़ा और कोरोना को क्रमशः तेरह दशमलव पांच प्रतिशत और बारह दशमलव तीन प्रतिशत वोट मिलते दिखाई दे रहे हैं।
संसदीय सीटों का गणित और संभावित आंकड़े
इन चुनावी आंकड़ों के आधार पर यदि सीटों का अनुमान लगाया जाए तो केओ और वामपंथी दलों के पास कुल दो सौ सात सीटें आ सकती हैं। दूसरी ओर मूल लॉ एंड जस्टिस, कॉन्फेडरेज़ा और कोरोना मिलकर कुल दो सौ बाईस सीटें हासिल कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में मातेउश मोराविएकी के नए दल को मिलने वाली इकतालीस सीटें किसी भी गठबंधन सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। यह अंकगणित पोलैंड की संसद में सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है जहां छोटे और नए दल किंगमेकर की स्थिति में आ सकते हैं।
मुद्रा बाजार पर संभावित प्रभाव के दो पहलू
बाजार में पहली प्रतिक्रिया यही हो सकती है कि लॉ एंड जस्टिस पार्टी के टूटने से ज़्लॉटी को फायदा मिल सकता है। यदि पोलैंड का दक्षिणपंथी आंदोलन बिखर जाता है तो इससे आगामी वर्ष दो हजार सत्ताईस के आम चुनाव में एक मजबूत दक्षिणपंथी सरकार के पूर्ण रूप से सत्ता में लौटने की संभावना कम हो जाएगी जिससे ज़्लॉटी पर बना संरचनात्मक राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम हो सकता है। लेकिन इस तरह का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि इसके कई अन्य पहलू भी हैं। यह विभाजन एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है जिसके तहत मुख्य पार्टी दक्षिणपंथी मतदाताओं को साधे रखेगी जबकि मोराविएकी अधिक उदारवादी केंद्र-दक्षिणपंथी वोटर्स को अपने पाले में करेंगे और चुनाव के बाद दोनों दल फिर से साथ आ सकते हैं। इसके विपरीत बिखरा हुआ दक्षिणपंथी खेमा गठबंधन को आसान बनाने के बजाय और अधिक उलझा सकता है खासकर तब जब उग्रवादी दल सरकार गठन के लिए अनिवार्य हो जाएं।
व्यापक बाजार परिप्रेक्ष्य और मुद्रा विनिमय
यूरोपीय सत्र के दौरान मंगलवार को मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ियों की स्थिति भी सतर्कता भरी रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक शुरू होने से पहले अमेरिकी डॉलर के मासिक उच्च स्तर पर बने रहने के कारण जीबीपी/यूएसडी जोड़ी एक दशमलव तैंतीस शून्य शून्य के आसपास रक्षात्मक रुख बनाए हुए है। इसी तरह ईयूआर/यूएसडी जोड़ी भी यूरोपीय बाजार की सुबह के समय एक दशमलव तेरह के मध्य स्तर के पास संघर्ष करती नजर आ रही है और अमेरिकी डॉलर की लगातार मांग के कारण व्यापारी किसी भी बड़े दिशात्मक दांव से बच रहे हैं। कुल मिलाकर पोलैंड के राजनीतिक घटनाक्रम पर करीब से नजर रखी जा रही है लेकिन फिलहाल इसे ज़्लॉटी के लिए पूरी तरह सकारात्मक नहीं माना जा सकता है।



















