कारगिल में एक साथ दो मोर्चों पर लड़ी गई थी जंग, पूर्व आर्मी चीफ ने बताया दिल्ली मुख्यालय का पूरा किस्सापूजा से लेकर खेत तक: उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में चीड़ की राख का सदियों पुराना इस्तेमालयूरो के मुकाबले नॉर्वेजियन क्रोन में तेजी अभी थमेगी, फिर आएगी मजबूती: राबोबैंक का अनुमानरिकॉर्ड मुनाफे के बाद भी टूटा एचडीएफसी बैंक का शेयर, एक झटके में ₹64 हजार करोड़ स्वाहाउत्तराखंड मानसून पूर्वानुमान: उत्तरकाशी और चमोली समेत इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्टफिटमेंट फैक्टर 2.57 रहा तो लेवल 1 का बेसिक 18 हजार से सीधे 46 हजार के पार, जानें हर स्तर का हिसाबअंक राशिफल 22 जुलाई 2026: मूलांक 1 से 9 वालों के लिए कैसा रहेगा आज का दिनमूलांक 6 (6, 15 और 24 तारीख) भविष्यवाणी: शुक्र के प्रभाव से ब्रांडेड चीजों की ओर बढ़ेगा आकर्षण, जानें अपना विस्तृत राशिफलमध्य पूर्व में तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 59 डॉलर के पार निकली चांदीमानसून का रौद्र रूप: रांची और देवघर समेत झारखंड के 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, आईएमडी की एडवाइजरी जारी
टीडी सिक्योरिटीज का बड़ा अनुमान: 2026 तक दरें नहीं घटाएगा फेडरल रिजर्व, मिडिल ईस्ट तनाव से सोने और डॉलर में हलचलबाज़ार
1 घंटे पहले· 1

टीडी सिक्योरिटीज का बड़ा अनुमान: 2026 तक दरें नहीं घटाएगा फेडरल रिजर्व, मिडिल ईस्ट तनाव से सोने और डॉलर में हलचल

दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रमुख वित्तीय विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 तक अपनी ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा। इसके साथ ही मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने मुद्रा बाज़ार, सोने की कीमतों और एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है।

ETHSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण22 जुलाई 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

Ethereum का RSI 65 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय एक बेहद नाजुक दौर से गुज़र रही है, जहां लगातार बढ़ती महंगाई ने केंद्रीय बैंकों को अपनी दीर्घकालिक रणनीतियों में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है। प्रमुख वित्तीय संस्था टीडी सिक्योरिटीज के ताज़ा विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व साल 2026 के अंत तक अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करेगा। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि महंगाई दर अभी भी केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। हालांकि श्रम बाज़ार में धीरे-धीरे स्थिरता आ रही है, लेकिन नीति निर्माताओं के लिए यह राहत दरें घटाने के लिए नाकाफी है। फेडरल रिजर्व की नई कार्यप्रणाली के तहत नीतियां काफी हद तक आंकड़ों पर निर्भर हो गई हैं, जिससे बाज़ार में अनिश्चितता का माहौल है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि इस वर्ष मौद्रिक नीति में कोई भी बदलाव होता है, तो दरें घटने के बजाय उनके और बढ़ने की संभावना कहीं अधिक है।

महंगाई के आंकड़े और भविष्य का नज़रिया

जून महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़ों ने नीति निर्माताओं को थोड़ी फौरी राहत ज़रूर दी है। पिछले सप्ताह जारी हुए इन आंकड़ों से पता चलता है कि महंगाई उम्मीद से कहीं अधिक कमज़ोर रही है, जो इस बात का संकेत है कि बुनियादी महंगाई अब बेकाबू स्थिति में नहीं है। इस हल्की गिरावट ने फेडरल रिजर्व की अल्पकालिक चिंताओं को थोड़ा कम किया है, लेकिन साथ ही इस धारणा को भी मज़बूत किया है कि मौद्रिक नीति अनिश्चित काल तक यथावत रहेगी। टीडी सिक्योरिटीज ने अपने सीपीआई पूर्वानुमानों को संशोधित किया है। नए अनुमानों के अनुसार, साल 2026 की चौथी तिमाही तक कोर सीपीआई के 2.6 प्रतिशत के स्तर पर सिमटने की उम्मीद है। चूंकि यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के आदर्श लक्ष्य से अभी भी अधिक है, इसलिए बाज़ार में किसी भी तरह की दर कटौती की उम्मीदें धूमिल होती नज़र आ रही हैं।

ये भी पढ़ें

नीति निर्माताओं के बीच बंटी हुई राय

फेडरल रिजर्व के शीर्ष अधिकारियों के बीच मौद्रिक नीति की दिशा को लेकर आम सहमति का अभाव साफ दिखाई दे रहा है। अगर सीपीआई के आंकड़े उम्मीद से अधिक आते, तो फेडरल गवर्नर वॉलर जुलाई में ही दरें बढ़ाने के पक्ष में थे। लेकिन नरम आंकड़ों के बाद अब वह मौजूदा दरों को बनाए रखने का समर्थन कर रहे हैं। दूसरी ओर, हैमैक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दरें बढ़ाने के पक्ष में अपनी असहमति जताई है। इसी तरह लोगान भी महंगाई को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं, जबकि जेफरसन ने इन सबके बीच एक तटस्थ और संतुलित रुख बनाए रखा है। अधिकारियों के इन अलग-अलग बयानों से यह स्पष्ट होता है कि नया प्रबंधन आंकड़ों पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे निवेशकों के लिए फेडरल रिजर्व के अगले कदम का सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल हो गया है।

मुद्रा बाज़ार और भू-राजनीतिक तनाव

ब्याज दरों की अनिश्चितता का सीधा असर वैश्विक मुद्रा बाज़ारों पर देखने को मिल रहा है। सोमवार को ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (जीबीपी/यूएसडी) की जोड़ी 1.3450 के स्तर से ऊपर स्थिर रही, लेकिन इसमें किसी बड़े उछाल के संकेत नहीं दिख रहे हैं। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए विवाद के बाद निवेशक मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। इस भू-राजनीतिक संकट ने अमेरिकी डॉलर को अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मज़बूती प्रदान की है। अब निवेशकों का ध्यान मंगलवार को आने वाली ब्रिटेन की रोज़गार रिपोर्ट पर केंद्रित है। उधर, यूरो और अमेरिकी डॉलर (ईयूआर/यूएसडी) की जोड़ी लगातार तीसरे दिन दबाव में कारोबार कर रही है और यह 1.1400 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के करीब पहुंच गई है। मध्य पूर्व के संकट और डॉलर की मज़बूती के कारण यूरो पर दबाव बढ़ा है, और अब बाज़ार की नज़रें इसी सप्ताह होने वाले यूरोपीय सेंट्रल बैंक के ब्याज दर फैसले पर टिकी हैं।

सोने की कीमतों में कशमकश

मौजूदा आर्थिक और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सोने की कीमतों में एक दिलचस्प जद्दोजहद देखने को मिल रही है। सप्ताह की शुरुआत में सोना 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है, हालांकि इस पर मामूली गिरावट का दबाव भी बना हुआ है। मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख किया है, जिससे इसे कुछ समर्थन मिल रहा है। लेकिन दूसरी ओर, अमेरिका में लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर को मज़बूत कर दिया है। एक मज़बूत डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए सोने को महंगा बना देता है, जिसके चलते सोने की कीमतों पर दबाव कायम है और बाज़ार विश्लेषक इसकी हर चाल पर सूक्ष्म नज़र रखे हुए हैं।

एथेरियम की तकनीकी स्थिति और क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार

क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में भी भारी हलचल है, जहां एथेरियम ने बिटकॉइन, एक्सआरपी और सोलाना जैसी अन्य प्रमुख संपत्तियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले सप्ताह से बुधवार के बीच एथेरियम में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार को पूरे बाज़ार में आई गिरावट ने इसकी कमज़ोरी को उजागर कर दिया। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, वर्तमान में एथेरियम 1,936 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव 1,904 डॉलर से 1.72 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिनों के औसत से 1.22 गुना अधिक है, जो बाज़ार में सक्रिय भागीदारी का संकेत देता है। अल्पकालिक तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 65 के स्तर पर है, जबकि एमएसीडी 46.21 पर है जो अपनी 32.11 की सिग्नल लाइन से ऊपर रहकर 14.09 का बुलिश हिस्टोग्राम बना रहा है।

इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद एथेरियम का दीर्घकालिक तकनीकी ढांचा चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कीमतें एक लंबे डाउनट्रेंड में फंसी हुई हैं, जिसकी पुष्टि चार्ट पर बन रहे 'डेथ क्रॉस' से होती है। वर्तमान में 50-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 1,822 डॉलर पर है, जो 200-दिन के ईएमए 2,275 डॉलर से काफी नीचे खिसक चुका है। बाज़ार की कीमतें 1,688 डॉलर से लेकर 1,944 डॉलर के बोलिंजर बैंड के बीच झूल रही हैं और इसका मध्य स्तर 1,816 डॉलर है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर में फास्ट लाइन 97 और सिग्नल लाइन 83 पर है। सक्रिय ट्रेडर्स के लिए पिवट पॉइंट 1,935 डॉलर पर स्थित है। 66.24 के एवरेज ट्रू रेंज (एटीआर) के साथ, बाज़ार में प्रवेश करने वालों के लिए 1,930 डॉलर का पहला सपोर्ट और 1,942 डॉलर का रेजिस्टेंस स्तर बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।

सवाल-जवाब

टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर क्या फैसला लेगा?
टीडी सिक्योरिटीज का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व 2026 के अंत तक अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा और उन्हें मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखेगा।
महंगाई (CPI) के आंकड़ों का मौद्रिक नीति पर क्या असर हुआ है?
जून में सीपीआई के आंकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहे हैं, जिससे तत्काल ब्याज दरें बढ़ने का डर कम हुआ है, लेकिन 2026 तक 2.6% कोर सीपीआई के लक्ष्य के कारण दरें घटने की उम्मीद भी खत्म हो गई है।
भू-राजनीतिक तनाव का मुद्रा बाज़ार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व संकट के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को चुन रहे हैं, जिससे पाउंड और यूरो जैसी मुद्राओं पर भारी दबाव है।
सोने की कीमतें 4,000 डॉलर के आसपास क्यों संघर्ष कर रही हैं?
युद्ध के डर से सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में समर्थन मिल रहा है, लेकिन अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों के कारण डॉलर मज़बूत हो रहा है, जो सोने की कीमतों को तेज़ी से बढ़ने से रोक रहा है।
वर्तमान में एथेरियम का तकनीकी प्रदर्शन कैसा है?
एथेरियम 1,936 डॉलर पर कारोबार कर रहा है और इसने अल्पकालिक बढ़त दिखाई है, लेकिन चार्ट पर एक 'डेथ क्रॉस' बनने के कारण इसकी दीर्घकालिक स्थिति कमज़ोर बनी हुई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR