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तेल की कीमतों में उछाल से सितंबर में ECB की ब्याज दर बढ़ोतरी की राह खुली, कॉमर्ज़बैंक का आकलनबाज़ार
1 घंटे पहले· 0

तेल की कीमतों में उछाल से सितंबर में ECB की ब्याज दर बढ़ोतरी की राह खुली, कॉमर्ज़बैंक का आकलन

यूरोपियन सेंट्रल बैंक गुरुवार को ब्याज दर पर फैसला सुनाएगा और अगले हफ्ते फेड की बारी है। इस महीने दर बढ़ने की गुंजाइश नहीं, लेकिन तेल में तेजी सितंबर में एक और बढ़ोतरी का रास्ता खोल रही है।

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तकनीकी विश्लेषण22 जुलाई 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 62 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

इस हफ्ते बाजार की सबसे बड़ी नजर यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) पर टिकी है, जो गुरुवार को अपनी ब्याज दर का फैसला सुनाएगा। इसके ठीक बाद अगले हफ्ते अमेरिका के फेड की बैठक होगी, यानी दुनिया के दो सबसे अहम केंद्रीय बैंकों के फैसले लगातार आने वाले हैं। कॉमर्ज़बैंक के आकलन के मुताबिक इस महीने ब्याज दर में इजाफे को पूरी तरह खारिज माना जा सकता है, लेकिन असली चर्चा सितंबर को लेकर है।

तेल की तेजी ने बदला गणित

कच्चे तेल की कीमतों में लौटी तेजी ने सितंबर में ECB की एक और दर बढ़ोतरी की संभावना को जिंदा कर दिया है। बाजार ने इस कदम की पूरी कीमत पहले ही अपने भाव में जोड़ ली है, जो करीब +24 बेसिस पॉइंट के बराबर है। मतलब यह कि निवेशक अब इसे लगभग तय मानकर चल रहे हैं। तेल का महंगा होना महंगाई को हवा देता है, और यही वजह है कि ऊर्जा की कीमतों में हर उछाल केंद्रीय बैंक के लिए दर बढ़ाने का दबाव बढ़ा देता है।

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लगार्ड का रुख क्या रहेगा

माना जा रहा है कि ECB प्रमुख लगार्ड महंगाई के जोखिमों को लेकर सख्त लहजे में बात करेंगी। हालांकि, इस बात की संभावना कम है कि वे सितंबर में दर बढ़ाने का पहले से कोई पक्का वादा करेंगी। इसकी वजह साफ है, हालात लगातार बदल रहे हैं और आर्थिक विकास की राह में रुकावटें बढ़ती जा रही हैं। इसी उलझन के बीच इस हफ्ते आने वाले आंकड़े इशारा कर सकते हैं कि आर्थिक सुधार अभी भी दूर की बात है।

पाउंड और यूरो पर दबाव

करेंसी बाजार में GBP/USD सोमवार को 1.3450 के ऊपर टिका रहा, लेकिन इसमें तेजी की रफ्तार पकड़ने की जद्दोजहद दिखी। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और टकराव के हालात पर बाजार की नजर बनी हुई है, जिसने अमेरिकी डॉलर को दूसरी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बनाए रखा है। मंगलवार को ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट पर सबकी निगाहें रहेंगी।

वहीं EUR/USD सोमवार के दूसरे हिस्से में 1.1450 के नीचे एक तंग दायरे में झूलता रहा। मिडल ईस्ट के संकट को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक बड़ी पोजिशन लेने से बच रहे हैं। हफ्ते के आखिर में ECB का ब्याज दर फैसला ही इस जोड़ी की दिशा तय करेगा।

सोना 4,000 डॉलर के ऊपर संभला

पिछले हफ्ते भारी गिरावट झेलने के बाद सोना अब 4,000 डॉलर के ऊपर स्थिर हो गया है। मिडल ईस्ट में बढ़ती सैन्य आक्रामकता से पैदा हुए भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें, दोनों ही अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रही हैं। मजबूत डॉलर सोने की तेजी पर ढक्कन लगा रहा है, जिससे इस कीमती धातु की बढ़त सीमित हो गई है।

कच्चा तेल फिर चढ़ा

लाइव आंकड़ों के मुताबिक WTI कच्चा तेल फिलहाल 84.71 डॉलर पर है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 83.23 डॉलर था, यानी 1.78 फीसदी की बढ़त। बीते 52 हफ्तों में इसका दायरा 54.98 डॉलर से लेकर 119.48 डॉलर तक रहा है। तकनीकी मोर्चे पर इसका RSI (14) 62 पर है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से आपूर्ति बाधित होने के डर के चलते तेल में यह उछाल आया है, और अब कारोबारी API रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यही तेजी घूम-फिरकर महंगाई और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से जुड़ जाती है।

इथेरियम की बढ़त, पर नींव कमजोर

क्रिप्टो बाजार में इथेरियम ने पिछले हफ्ते बाकी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई। लेकिन सतह के नीचे के अहम आंकड़े बता रहे हैं कि यह तेजी अभी नाजुक है। पिछले हफ्ते से बुधवार तक ETH ने दहाई अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP और सोलाना जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद गुरुवार से पूरे बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो गया।

सवाल-जवाब

ECB का ब्याज दर फैसला कब आएगा?
यूरोपियन सेंट्रल बैंक गुरुवार को अपना ब्याज दर फैसला सुनाएगा और इसके बाद अगले हफ्ते फेड की बैठक होगी।
क्या इस महीने ब्याज दर बढ़ेगी?
नहीं, इस महीने दर बढ़ोतरी को पूरी तरह खारिज माना जा रहा है। चर्चा सितंबर को लेकर है।
सितंबर में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद है?
बाजार ने सितंबर में करीब +24 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी को पूरी तरह अपने भाव में जोड़ लिया है।
तेल की कीमतें इसमें क्यों अहम हैं?
कच्चे तेल में आई तेजी महंगाई बढ़ाती है, जिससे सितंबर में एक और दर बढ़ोतरी की संभावना मजबूत हुई है।
सोना अभी किस स्तर पर है?
पिछले हफ्ते भारी गिरावट के बाद सोना 4,000 डॉलर के ऊपर स्थिर हुआ है, पर मजबूत डॉलर इसकी बढ़त सीमित कर रहा है।
इथेरियम का प्रदर्शन कैसा रहा?
ETH ने पिछले हफ्ते से बुधवार तक दहाई अंकों में बढ़त दर्ज कर बिटकॉइन, XRP और सोलाना को पीछे छोड़ा, लेकिन गुरुवार से बाजार में गिरावट शुरू हो गई।
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