अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में लगातार नरमी देखी जा रही है। हालिया कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले येन पांच दिनों तक लगातार गिरते हुए 158.83 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि तकनीकी संकेतकों पर अत्यधिक खरीद यानी ओवरबॉट की स्थिति दिखाई दे रही है, फिर भी सकारात्मक गतिशीलता के बीच बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह जोड़ी 157.60 के मजबूत आधार से ऊपर बनी रहती है तो यह 159.60 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर का परीक्षण कर सकती है। मौजूदा समय में अल्पकालिक दायरे में 158.30 से लेकर 159.00 के बीच ठहराव देखने को मिल सकता है।
डॉलर बनाम येन का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर
यूओबी के बाजार विश्लेषक क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार, दैनिक तकनीकी परिदृश्य में डॉलर ने पिछले सत्र में 0.34 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी और 158.83 पर बंद हुआ था। तकनीकी गतिशीलता संकेतकों पर नकारात्मक विचलन यानी नेगेटिव डाइवर्जेंस और लगातार खरीदारी के दबाव के कारण तत्काल और बड़ी तेजी की बजाय 158.30 से 159.00 के दायरे में ठहराव की अधिक संभावना दिखाई देती है। एक से तीन सप्ताह के व्यापक नजरिए से देखें तो विश्लेषकों ने पहले ही 22 सितंबर को हाजिर भाव 157.30 पर रहने के दौरान इस मजबूती का संकेत दिया था।
उस समय यह रेखांकित किया गया था कि अत्यधिक खरीद की स्थिति के बीच किसी भी नई बढ़त को 158.40 के स्तर पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। गति को बरकरार रखने के लिए डॉलर का 156.20 के मजबूत समर्थन से ऊपर टिके रहना अनिवार्य था। डॉलर ने पहले 158.40 के स्तर का परीक्षण किया और फिर उसे पार करते हुए 159.03 के स्तर तक छलांग लगाई। मौजूदा स्थितियों में सुधार यानी पुलबैक का जोखिम बढ़ने से पहले मुद्रा जोड़ी 159.60 के मजबूत स्तर की ओर बढ़ सकती है, जबकि गिरावट के मामले में सुरक्षित समर्थन स्तर अब खिसक कर 157.60 पर आ गया है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 157.15 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 158.26 से 0.70 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 50 पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी -0.39 पर है जो सिग्नल लाइन -0.83 से ऊपर सकारात्मक हिस्टोग्राम 0.44 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 156.84, 50-दिवसीय ईएमए 158.03 और 200-दिवसीय ईएमए 157.66 पर स्थित है। बोलिंजर बैंड्स का दायरा 152.10 से 160.77 तक फैला है और इसका मध्य स्तर 156.44 है। ट्रेडिंग के लिए पिवट बिंदु 157.65 है, जिसके तहत पहला प्रतिरोध 158.36 और दूसरा प्रतिरोध 159.57 पर मौजूद है, जबकि पहला समर्थन 156.44 और दूसरा समर्थन 155.72 पर बना हुआ है।
केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले और मैक्रो आर्थिक परिदृश्य
मुद्रा बाजार की इस हलचल के पीछे फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतियां सबसे अहम भूमिका निभा रही हैं। दोनों केंद्रीय बैंकों ने पिछले सप्ताह अपनी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की थी। दोनों ही संस्थान महंगाई के जोखिमों का सामना कर रहे हैं और दोनों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनके आगामी कदम आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। हालांकि, बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि को बाजार ने अपेक्षाकृत नरम रुख वाला माना है, जिससे येन की तेजी सीमित हो सकती है और डॉलर को समर्थन मिलता दिख रहा है।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में दो दिनों तक आई तेजी ने महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर पहुंच गई है। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और भू-राजनीतिक जोखिमों ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। दूसरी तरफ, जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के डर से येन के बिकवाल सतर्क हो गए हैं, जिससे हालिया तेजी 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर कुछ समय के लिए रुक गई।
अन्य वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती का असर अन्य वैश्विक मुद्राओं पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) गिरकर अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और रात भर में 200-दिवसीय एसएमए के नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के स्तर के पास कमजोर दिखाई दिया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों पर फेडरल रिजर्व की सख्ती और भू-राजनीतिक तनाव भारी पड़ते दिखे।
कीमती धातुओं के बाजार में सोने में सप्ताह के अंत में कुछ लिवाली देखी गई और इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया, हालांकि यह अभी भी 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। ग्रीनबैक पर ताजे बिकवाली दबाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली नरमी ने सोने में इस धीमी रिकवरी को सहारा दिया है। वहीं दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन 84,000 डॉलर से थोड़ा ऊपर अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में जुटा रहा, जबकि इथेरियम में बिटकॉइन के अनुरूप गिरावट देखी गई और रिपल यानी एक्सआरपी ने इन दोनों से अलग रुख प्रदर्शित किया।
















