वैश्विक मुद्रा बाजारों में यूरो की चाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में बनी हुई है, जहां 1.1270 का स्तर इसके लिए एक मजबूत ऊपरी रुकावट साबित हो रहा है। यूरोजोन के लिए हाल ही में सामने आए अक्टूबर के फ्लैश पीएमआई आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित मजबूती दिखाई है। इन आंकड़ों से चालू वर्ष की तीसरी तिमाही में यूरोज़ोन के भीतर संतोषजनक विकास दर दर्ज किए जाने के संकेत मिलते हैं। हालांकि, समग्र क्षेत्र की इस मजबूती के बीच फ्रांस की स्थिति अलग बनी हुई है। फ्रांस में कमजोर आर्थिक वृद्धि दर देश के पहले से चले आ रहे राजकोषीय संकट और बजटीय दबावों को कम करने में नाकाम साबित हो रही है।
दूसरी तरफ, रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा शुक्रवार को फ्रांस की एए3 (Aa3) रेटिंग बरकरार रखने के फैसले के बाद सोमवार की सुबह ओएटी और बंड (OAT-Bund) स्प्रेड में कुछ कमी देखने को मिली है। सरकारी बॉन्ड स्प्रेड में यह सिकुड़न अल्पावधि के लिए भले ही थोड़ी राहत लेकर आई हो, लेकिन यूरो पर बना दबाव पूरी तरह हटने के लिए आने वाले महीनों में फ्रांस के बजट पर ठोस और व्यावहारिक प्रगति दिखनी जरूरी होगी। ऊर्जा की ऊंची कीमतें इस पूरे परिदृश्य को और अधिक जटिल बना रही हैं, जिसके चलते निकट भविष्य में त्वरित सुधार की संभावनाएं काफी कम नजर आती हैं। वित्तीय विश्लेषकों का आकलन है कि भले ही हाल ही में यूरो और डॉलर के दो वर्षीय स्वैप अंतर में 10 आधार अंकों (10bp) की कमी आई है, जो यूरो में मामूली उछाल के पक्ष में तर्क पेश करती है, लेकिन व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण यूरो में 1 से 2 प्रतिशत का जोखिम प्रीमियम (रिस्क प्रीमियम) बने रहने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
एशियाई सत्र में डॉलर पर बिकवाली का दबाव
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की हालिया रिकवरी पर ब्रेक लग गया है। सोमवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर पर नया दबाव बनाया, जिससे यह अपने तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में संघर्ष करता दिखा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की नरमी ने भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को नीचे खींचने में भूमिका निभाई है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर इस माहौल का सीधा लाभ उठाते हुए एशियाई सत्र में 0.7000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा और सोमवार को एक महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी डॉलर में नए सिरे से जारी बिकवाली के अलावा, ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (आरबीए) द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को ठोस सहारा दिया है। हालांकि, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक से पहले व्यापारियों की सतर्कता के कारण मुद्रा की बढ़त एक सीमित दायरे में ही बंधी हुई है।
जापानी येन और सुरक्षित परिसंपत्तियों की स्थिति
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) के विनिमय दर में भी एशियाई सत्र के दौरान ताजा बिकवाली दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण शुक्रवार को दर्ज किए गए 18 सितंबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से डॉलर की वापसी की कोशिशें थम गईं। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के अपेक्षाकृत सख्त और आक्रामक रुख ने जापानी येन को अतिरिक्त मजबूती दी है, जिससे इस जोड़ी पर नीचे की ओर दबाव बढ़ गया। फिर भी, बाजार प्रतिभागी इस सप्ताह आयोजित होने वाली फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों की अहम नीतिगत बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे इस जोड़ी में ज्यादा बड़ी गिरावट फिलहाल सीमित रही है।
कमोडिटी बाजार में सोने (XAU/USD) ने सोमवार को मामूली बढ़त को संभालते हुए स्थिरता दिखाई। पिछले सप्ताह आई भारी बिकवाली के चलते सोना लुढ़ककर 3,975 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था, जो अगस्त के बाद का इसका सबसे निचला स्तर था। कच्चे तेल के भाव में आई नरमी और मध्य पूर्व में तनाव कम करने के राजनयिक प्रयासों की खबरों से सोने की कीमतों को आधार मिला है, जिससे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले इस बहुमूल्य धातु में सुधार की जमीन तैयार हुई है।
क्रिप्टो बाजार में बिकवाली और ट्रेजरी यील्ड की चाल
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में कार्डानो की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। अक्टूबर की शुरुआत से लगातार तीन हफ्तों तक हर हफ्ते 20 प्रतिशत से अधिक टूटने के बाद कार्डानो अब 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। कमजोर होते डेरिवेटिव्स मेट्रिक्स, मंदी का संकेत देने वाले ऑन-चेन आंकड़े और तकनीकी चार्ट पर बिगड़ते रुझानों के कारण बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। डेरिवेटिव्स का वर्तमान डेटा स्पष्ट तौर पर कार्डानो के लिए नकारात्मक और मंदी के रुझान की पुष्टि कर रहा है।
इधर बॉन्ड बाजारों में अमेरिकी ट्रेजरीज में लगातार दूसरे सप्ताह तेजी की रैली दर्ज की गई, जिसके प्रभाव से 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत और 30 वर्षीय यील्ड 5.33 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे यील्ड कर्व में चपटापन (फ्लैटनिंग) आया है। बॉन्ड यील्ड का यह स्तर तब देखने को मिला जब ब्रेंट क्रूड लगभग 7 प्रतिशत उछलकर 119.50 अमेरिकी डॉलर के मार्च के अपने उच्चतम स्तर के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था, जबकि तकनीकी कंपनियों के शेयरों ने लगातार दूसरे हफ्ते नुकसान झेला।
आगामी राजनीतिक और नीतिगत मोड़
अमेरिकी डॉलर अब 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले एक अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक दौर से गुजर रहा है। हालांकि वित्तीय बाजार फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी दिसंबर में ब्याज दरों में एक और वृद्धि की पूरी उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण को लेकर छिड़ी सियासी खींचतान राजकोषीय नीति की भावी दिशा को पूरी तरह नया रूप दे सकती है। यह राजनीतिक घटनाक्रम अप्रत्यक्ष रूप से वर्ष 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति के लंबे पथ और ब्याज दरों की संरचना को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।


















