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फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल, 102 के पार निकला अमेरिकी डॉलरबाज़ार
27 अक्तू॰ 2026, 12:32 am (3 मिनट पहले)· 0

फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल, 102 के पार निकला अमेरिकी डॉलर

प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों से पहले निवेशकों ने सतर्कता अपनाई है। इस माहौल के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102.00 के पार पहुंच गया, जबकि सोना एक बार फिर 4,000 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है।

दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में इस हफ्ते बड़े नीतिगत फैसलों को लेकर गहरी अनिश्चितता और सतर्कता का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों से पहले निवेशकों ने जोखिम लेने से परहेज किया है, जिसका सीधा असर विदेशी मुद्रा बाजार पर पड़ा है। इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी मुद्रा में मजबूती देखने को मिली और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने हालिया निचले स्तरों से उभरते हुए कई दिनों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में मिला-जुला रुख रहने के बावजूद मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग बनी हुई है, जिससे दुनिया भर की अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ देखा जा सकता है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102.00 के पार और आने वाले महत्वपूर्ण आंकड़े

अमेरिकी डॉलर की ताकत को मापने वाला सूचकांक DXY संक्षिप्त रूप से 102.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। पिछले कारोबारी सत्र में मिली बढ़त को आगे बढ़ाते हुए डॉलर ने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। हालांकि, निवेशकों की नजर अब इस हफ्ते जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत का दायरा तय करेंगे। सबसे पहले एडीपी (ADP) रोजगार परिवर्तन के साप्ताहिक आंकड़े सामने आएंगे, जो श्रम बाजार की स्थिति का संकेत देंगे।

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इसके बाद अमेरिका के अंतिम भवन निर्माण अनुमति (Building Permits) के आंकड़े, टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर (Durable Goods Orders), और नए मकानों की बिक्री (New Home Sales) के आंकड़े जारी किए जाने हैं। इसके अतिरिक्त एफएचएफए (FHFA) हाउस प्राइस इंडेक्स और कॉन्फ्रेंस बोर्ड का उपभोक्ता विश्वास सूचकांक भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करेगा। कच्चे तेल के बाजार की दृष्टि से एपीआई (API) की साप्ताहिक तेल भंडार रिपोर्ट महत्वपूर्ण रहने वाली है। यह तमाम आंकड़े फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों को समझने के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

ब्रिटिश पाउंड पर दबाव और यूके मुद्रास्फीति आंकड़े

वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पाउंड का विनिमय दर घटकर 1.3330 से 1.3320 के दायरे में आ गया, जो पिछले चार दिनों का सबसे निचला स्तर है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है और निवेशकों को अब बीआरसी (BRC) शॉप प्राइस इनफ्लेशन आंकड़ों का इंतजार है, जिससे यूके में खुदरा कीमतों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कच्चे तेल में गिरावट और मध्य पूर्व शांति वार्ता की उम्मीदें

ऊर्जा बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा में नया दबाव देखने को मिला है। पिछले सत्र की गिरावट को जारी रखते हुए कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल 100.00 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गईं, जिसके बाद कीमतों में मामूली सुधार दर्ज किया गया। कच्चे तेल में आई इस नरमी का मुख्य कारण मध्य पूर्व संकट को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की नई उम्मीदें हैं। यदि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो तेल की वैश्विक आपूर्ति में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं।

सोने में मजबूती और 4,000 डॉलर का स्तर पुन: हासिल

कमोडिटी बाजार में सोने (XAU/USD) ने लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद वापसी की है। पीली धातु एक बार फिर प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रही। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी प्रतिफल के मिश्रित संकेतों के बावजूद सोने में यह उछाल देखा गया। विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है, जिससे सुरक्षित संपत्ति के रूप में इसकी मांग फिर से बढ़ी है।

ऑस्ट्रेलियन डॉलर और जापानी येन का हाल

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) 0.7000 के स्तर से ऊपर बना रहा। अमेरिकी डॉलर में आई अस्थायी बिकवाली के बल पर यह एक महीने के उच्चतम स्तर के पास कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और कच्चे तेल में नरमी से डॉलर की बढ़त थम गई। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की अटकलों ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर को समर्थन दिया। हालांकि, मंगलवार से शुरू हो रही एफओएमसी (FOMC) की दो दिवसीय बैठक के कारण ऑस्ट्रेलियन डॉलर की बढ़त सीमित रही।

दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) में नए बिकवाले हावी रहे। शुक्रवार को 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर को छूने के बाद यह जोड़ी अपनी रिकवरी को बरकरार नहीं रख सकी। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने डॉलर को कमजोर किया, जबकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त रुख ने जापानी येन को मजबूती प्रदान की। हालांकि, इस हफ्ते फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों की नीतिगत बैठकों को देखते हुए व्यापारी सतर्क हैं, जिससे गिरावट का दायरा सीमित नजर आ रहा है।

बिटकॉइन और मुद्रास्फीति की चिंताएं

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन (BTC) सोमवार को 80,500 डॉलर के आसपास मंडराता रहा। लगातार तीन हफ्तों की गिरावट के बाद बिटकॉइन में स्थिरता लाने की कोशिश देखी जा रही है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव ने वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है।

पाँच प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसले और अमेरिकी चुनाव का असर

यह हफ्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के पांच बड़े केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाले हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही, 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर भी वित्तीय बाजारों की नजरें टिकी हुई हैं। बाजार को उम्मीद है कि फेड दिसंबर में ब्याज दरों में एक और वृद्धि कर सकता है। हालांकि, अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण की लड़ाई भावी वित्तीय नीतियों की रूपरेखा को बदलेगी, जिसका सीधा असर वर्ष 2027 तक अमेरिकी मौद्रिक नीति के रास्ते पर पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) किस स्तर पर पहुंचा है?
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) हालिया बढ़त के साथ 102.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को संक्षिप्त रूप से पार कर गया।
सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत कितनी चल रही है?
सोने की कीमत दो दिनों की गिरावट के बाद संभलकर प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के स्तर के पार पहुंच गई है।
क्रूड ऑयल (WTI) की कीमतों में क्यों गिरावट आई?
अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व तनाव खत्म करने के समझौते की नई उम्मीदों के कारण कच्चे तेल की कीमतें घटकर 100.00 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं।
बिटकॉइन का मौजूदा स्तर क्या है?
लगातार तीन हफ्तों के करेक्शन के बाद सोमवार को बिटकॉइन लगभग 80,500 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।
इस हफ्ते कौन से प्रमुख आंकड़े जारी होने वाले हैं?
अमेरिका में एडीपी रोजगार आंकड़े, टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर, नए मकानों की बिक्री, बीआरसी यूके इनफ्लेशन और एपीआई क्रूड इन्वेंट्री आंकड़े जारी होंगे।
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