अमेरिकी केंद्रीय बैंक की हालिया मौद्रिक समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव में सुधार का रुख देखने को मिला है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद अमेरिकी डॉलर अपने सात सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसल गया, जिससे बहुमूल्य धातुओं को निचले स्तरों पर सहारा मिला। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को हाल के शिखरों से नीचे बनाए रखा है, जिससे पीली धातु में बिकवाली का दबाव कुछ हल्का हुआ। कारोबार के दौरान XAU/USD लगभग 4,332 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा, जिसमें दिन के आधार पर 1.60 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। वहीं ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना 4,425 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 4,400 डॉलर से 0.57 प्रतिशत ऊपर है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व का नीतिगत बयान
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने साल 2023 के बाद पहली बार नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया। फेडरल रिजर्व ने सर्वसम्मति से फेडरल फंड्स टारगेट रेंज को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत कर दिया है। अपनी मौद्रिक नीति संबंधी घोषणा में केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी आर्थिक गतिविधियां ठोस रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, घरेलू खर्च मजबूत बना हुआ है और बेरोजगारी दर में बहुत मामूली बदलाव देखने को मिला है। नीति निर्माताओं का कहना है कि मुद्रास्फीति अब भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है, और दर वृद्धि का यह कदम महंगाई को दोबारा 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक समयबद्ध तरीके से लाने में मददगार साबित होगा। केंद्रीय बैंक के डॉट प्लॉट से आगे भी मौद्रिक सख्ती जारी रहने के संकेत मिले हैं, जिससे सोने की लंबी अवधि की तेजी पर अंकुश लगा रह सकता है।
मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक परिदृश्य और कूटनीति
व्यापक वित्तीय बाजारों में मध्य पूर्व से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि ईरान युद्ध जल्द समाप्त होने की कगार पर है और उन्होंने दावा किया कि तेहरान समझौता करने का इच्छुक है। हालांकि, कूटनीतिक बयानों के बावजूद इस समूचे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव काफी ऊंचा बना हुआ है, क्योंकि सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लगातार हमलों का आदान-प्रदान जारी है। जब तक भू-राजनीतिक स्थिरता पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सर्राफा और डॉलर दोनों के लिए बुनियादी समर्थन बना रहने का अनुमान है।
दैनिक चार्ट पर सोने के तकनीकी स्तर और संकेतक
दैनिक तकनीकी चार्ट पर XAU/USD अपने अहम मूविंग एवरेज के बीच झूलता दिखाई दे रहा है, जिससे निकट अवधि का रुझान तटस्थ से लेकर हल्का मंदी की ओर बना हुआ है। हाजिर भाव 4,283 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर टिका हुआ है और 4,323 डॉलर के 100-दिवसीय SMA को फिर से पार करने की मशक्कत कर रहा है। यह स्थिति संकेत देती है कि बाजार मध्यम अवधि के ट्रेंड प्रतिरोध के ठीक नीचे अल्पकालिक दायरे में कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में लाइव तकनीकी पैमानों पर 50-दिवसीय SMA 4,325 डॉलर तथा 200-दिवसीय SMA 4,553 डॉलर पर स्थित है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 4,430 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 4,393 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,426 डॉलर पर दर्ज है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 50 के आसपास घूम रहा है, जो बाजार में सुस्त या संतुलित गतिशीलता की ओर इशारा करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) शून्य से नीचे नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जहां मैकड लाइन -1.38 और सिग्नल लाइन 19.46 पर है, जिसका हिस्टोग्राम -20.83 पर मंदी का परिदृश्य दर्शा रहा है। यह तकनीकी बनावट खरीदारों के बीच मजबूत विश्वास की कमी को उजागर करती है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 4,255 डॉलर से 4,729 डॉलर के दायरे में है और भाव इसके अंदर ही बने हुए हैं, जबकि एडीएक्स 17 पर है जो किसी मजबूत ट्रेंड के अभाव का संकेत है।
ऊपरी और निचले स्तरों पर महत्वपूर्ण बाधाएं
कीमतों में किसी भी संभावित उछाल के दौरान सोने के लिए निकटतम प्रतिरोध 4,323 डॉलर के 100-दिवसीय एसएमए पर तय है। यदि लिवाली इस स्तर से आगे बढ़ती है, तो अगला बड़ा अवरोध 4,540 डॉलर के 200-दिवसीय एसएमए के रूप में सामने आएगा, जिसके बाद लगभग 4,700 डॉलर के पास अधिक दूरी वाला क्षैतिज अवरोध मौजूद है। ताजा लाइव तकनीकी स्तरों के आधार पर धुरी बिंदु (पिवट) 4,412 डॉलर है, जहां पहला प्रतिरोध 4,452 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 4,480 डॉलर पर देखा जा रहा है। नीचे की ओर पहला तात्कालिक समर्थन 4,385 डॉलर और दूसरा अहम समर्थन 4,345 डॉलर पर है, जबकि पिछले 52 हफ्तों का ट्रेडिंग दायरा 3,664 डॉलर से 5,586 डॉलर दर्ज किया गया है। दैनिक अस्थिरता को दर्शाने वाला एटीआर (14) 108.68 पर स्थित है, जो स्टॉप-लॉस निर्धारित करने के लिए प्रासंगिक दायरा प्रदान करता है।
मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और जापानी येन की स्थिति
अमेरिकी डॉलर के ठहराव का प्रभाव अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) को नए खरीदार मिले और उसने 0.7100 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के अनुमानों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित राजनयिक समाधान की उम्मीदों ने जोखिम उठाने की क्षमता को बढ़ावा दिया, जिससे जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा मजबूत हुई।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी एशियाई सत्र में 156.00 के नीचे की संक्षिप्त गिरावट से उबरने की कोशिश करती दिखी, जिससे उसकी लगातार तीन दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा नीति सामान्यीकरण की गति तेज किए जाने की संभावनाओं ने जापानी येन को सहारा दिया है। जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। चूंकि अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, उस दौरान जापान एकमात्र अपवाद बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा फिर से मौद्रिक सख्ती के संकेत दिए जाने के बाद इस दशकों पुरानी रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



















