अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। बाजार विश्लेषक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फेडरल ओपन मार्केट कमेटी द्वारा लिए जाने वाले फैसले और नीतिगत संकेत अमेरिकी मुद्रा तथा अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों पर किस तरह का असर डालेंगे। टीडी सिक्योरिटीज की मैक्रो टीम, जिसमें ऑस्कर मुनोज और उनके सहयोगी शामिल हैं, मानती है कि नीति निर्माता इस बार ब्याज दरों में 25 आधार अंकों का इजाफा कर सकते हैं। इसके साथ ही नए डॉट प्लॉट अनुमानों में ब्याज दरों में आगे होने वाली वृद्धि को लेकर बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कम बढ़ोतरी के संकेत मिल सकते हैं।
नीतिगत परिदृश्य और अमेरिकी डॉलर की संभावित प्रतिक्रिया
विश्लेषकों का मानना है कि यदि टीडी सिक्योरिटीज का मूल अनुमान सही साबित होता है, तो अमेरिकी डॉलर में घोषणा के तुरंत बाद हल्की कमजोरी देखने को मिल सकती है। चूंकि बाजार में 25 आधार अंकों की वृद्धि की संभावना पहले से ही लगभग पूरी तरह समाहित हो चुकी है, इसलिए फैसला आने पर डॉलर पर तात्कालिक दबाव बन सकता है। इसके विपरीत, यदि फेडरल रिजर्व दरों को स्थिर रखने का फैसला करता है, तो यह एक बड़ा अप्रत्याशित कदम होगा। ऐसी स्थिति में अमेरिकी डॉलर अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े जारी होने से पहले वाले निचले स्तरों पर वापस फिसल सकता है।
दूसरी ओर, यदि डॉट प्लॉट अनुमान अधिक सख्त रुख दर्शाते हैं और अक्टूबर की बैठक में भी ब्याज दर बढ़ाने की संभावना खुली रखते हैं, तो डॉलर की हालिया तेजी को और रफ्तार मिल सकती है। टीडी सिक्योरिटीज की टीम का आकलन है कि समिति सितंबर बैठक में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि के साथ अपने बढ़ोतरी चक्र की शुरुआत कर सकती है। अगस्त महीने के मुद्रास्फीति आंकड़ों ने प्रगति की कमी दिखाई है। ऐसे में माना जा रहा है कि चेयर वॉर्श भी इस स्थिति को स्पष्ट करेंगे, हालांकि वे किसी सीधी भविष्यगामी नीतिगत प्रतिबद्धता से बच सकते हैं।
आर्थिक अनुमान और बॉन्ड यील्ड की स्थिति
आर्थिक अनुमानों के सारांश में होने वाले बदलाव सख्त रुख की ओर इशारा कर सकते हैं। बाकी समिति सदस्यों की ओर से आने वाले संकेत अधिक दर वृद्धि, उच्च मुद्रास्फीति और मजबूत श्रम बाजार अनुमानों को रेखांकित कर सकते हैं। आधारभूत स्थिति में, जहां 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी होती है लेकिन डॉट प्लॉट अपेक्षा से कम वृद्धि दिखाते हैं, बॉन्ड यील्ड वक्र में हल्का बदलाव आ सकता है और डॉलर में अस्थायी नरमी देखी जा सकती है।
वर्तमान में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तरों के करीब टिकी हुई हैं। इसके पीछे आगामी नीति बैठक और कच्चे तेल की कीमतों से उपजी महंगाई के जोखिम प्रमुख कारण हैं। यह मजबूत यील्ड अमेरिकी डॉलर को निरंतर समर्थन दे रही है, जिसका सीधा प्रभाव अन्य प्रमुख मुद्राओं और धातुओं के प्रदर्शन पर नजर आ रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में बना हुआ है। एशियाई कारोबारी सत्र में मंगलवार को एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.7150 के स्तर से नीचे कारोबार करती दिखी, जो कि पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं और अमेरिकी यील्ड की मजबूती ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर लगातार भार डाल रही हैं। इसके अतिरिक्त, चीन से अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई खास सहारा नहीं दिया।
वहीं दूसरी तरफ, मंगलवार सुबह यूएसडी/जेपीवाई में बढ़त का सिलसिला जारी रहा और यह 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। मुद्रा कारोबारी इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों की महत्वपूर्ण बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। फेड द्वारा दरें बढ़ाने के दावों और ऊर्जा से पैदा होने वाले महंगाई के खतरों ने डॉलर को मजबूती दी है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य करने के मार्ग पर अधिक सख्त कदम उठाने की उम्मीदें जापानी येन को भी आंतरिक समर्थन प्रदान कर रही हैं, जिससे यूएसडी/जेपीवाई की अतिरिक्त बढ़त सीमित हो सकती है।
सोने की कीमतों पर बिकवाली का दबाव
कीमती धातुओं के बाजार में भी नीतिगत अनिश्चितता का स्पष्ट असर देखा जा रहा है। सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को सोने में कमजोरी और गहरी हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पीली धातु फिसलकर 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में निरंतर मजबूती, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की मिली-जुली चाल और फेड बैठक से पहले निवेशकों द्वारा बरती जा रही सतर्कता के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। निवेशक किसी भी नई बड़ी खरीदारी से पहले केंद्रीय बैंकों के आगामी रुख पर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।



















