राजस्थान में ब्यावर से भरतपुर तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली से अजमेर का सफर घटकर पांच घंटे होगाहोर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, 2 नाविक लापता और 23 को बचाया गयाअमेरिकी डॉलर में लगातार चौथे दिन मजबूती, क्या 1.3940 का दायरा पार करेगा यूएसडी/सीएडीवाशिंगटन की एल्व्हा नदी से हटे सौ साल पुराने दो विशाल बांध, साल्मन मछलियों और कुदरत की हुई ऐतिहासिक वापसीपाकिस्तानी खुफिया तंत्र ने भारतीय बेरोजगार युवाओं को डिजिटल मोहरा बनाकर खड़ा किया फर्जी मीडिया नेटवर्कवजन घटाने के लिए गेहूं छोड़ मिलेट्स अपनाएं, जानिए रागी, ज्वार और राजगीरा की रोटी में कौन है सबसे असरदारमध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में जोरदार उछाल, डब्लूटीआई 98 डॉलर के पार निकलाअमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर समीक्षा से पहले वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल तेजउत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी जहाज की टक्कर से उपजा तनाव, कराची नाकेबंदी का पुराना डर फिर हुआ ताजाअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई के दबाव से चांदी में फिसलन, कच्चा तेल उछलने से ब्याज दर बढ़ने की आशंका
गणेश चतुर्थी पर भारतीय शेयर बाजार बंद, कमोडिटी में शाम को खुलेगा कारोबारबाज़ार
19 सित॰ 2026, 5:34 pm (10 मिनट पहले)· 0

गणेश चतुर्थी पर भारतीय शेयर बाजार बंद, कमोडिटी में शाम को खुलेगा कारोबार

गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई में कोई कारोबार नहीं होगा, जबकि एमसीएक्स पर शाम के सत्र में ट्रेडिंग सामान्य रूप से चलेगी।

गणेश चतुर्थी के पावन पर्व और गणपति स्थापना के पहले दिन के अवसर पर 14 सितंबर 2026, सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में अवकाश घोषित किया गया है। महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में दस दिनों तक चलने वाले इस गणेशोत्सव की शुरुआत धूमधाम से हो रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई दोनों के मुख्यालय मुंबई में स्थित हैं, जहां हर वर्ष हजारों भव्य गणेश पंडाल सजाए जाते हैं और उत्सव का माहौल रहता है। इसी वजह से देश के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में सामान्य कारोबारी गतिविधियां पूरी तरह थमी रहेंगी। हालांकि भारतीय बाजार बंद रहने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई बाजारों और वॉल स्ट्रीट में सामान्य रूप से कामकाज जारी है, जिससे निवेशक वैश्विक हलचलों पर नजर बनाए रख सकते हैं।

घरेलू शेयर बाजार में कामकाज का पूरा कार्यक्रम

बीएसई और एनएसई द्वारा जारी आधिकारिक अवकाश सूची के मुताबिक, 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में भारतीय शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सोमवार के दिन किसी भी प्रकार का सौदा नहीं किया जा सकेगा। इसके बाद सभी खंडों में नियमित ट्रेडिंग मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को सुबह अपने निर्धारित समय पर दोबारा शुरू होगी। लंबी छुट्टी या एक दिन के इस विराम के चलते निवेशकों और ब्रोकरों को अपनी पोजिशन को आगे बढ़ाने के लिए अगले कारोबारी दिन का इंतजार करना होगा।

ये भी पढ़ें

एमसीएक्स पर कमोडिटी ट्रेडिंग का अलग नियम

इक्विटी और वित्तीय डेरिवेटिव्स के विपरीत, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अवकाश के दिन एक अलग व्यवस्था लागू रहती है। एमसीएक्स पर प्रत्येक कारोबारी दिन दो अलग-अलग सत्रों में कामकाज संचालित होता है, जिसमें पहला सुबह का सत्र और दूसरा शाम का सत्र कहलाता है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय अवकाश के चलते सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलने वाला पहला सत्र पूरी तरह बंद रखा गया है। इसके विपरीत, शाम का सत्र जो सामान्य कार्यदिवसों में 5:00 बजे से शुरू होकर रात 11:30 या 11:45 बजे तक चलता है, वह अपने सामान्य समय पर संचालित होगा। इसका मतलब यह है कि कमोडिटी कारोबारियों को शाम के समय सोना, चांदी, कच्चा तेल और अन्य धातुओं के सौदों में भाग लेने का मौका मिलेगा।

गणेशोत्सव की परंपरा और देश में उत्सव का उल्लास

विनायक चतुर्थी के नाम से भी विख्यात गणेशोत्सव 14 सितंबर 2026 से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अपार श्रद्धा के साथ शुरू हो गया है। दस दिनों तक चलने वाला यह भव्य उत्सव अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न होता है। यह पावन पर्व गहरी भक्ति, मोदक के मिष्ठान और भव्य शोभायात्राओं के लिए पहचाना जाता है। विघ्नहर्ता, बुद्धि, समृद्धि और ज्ञान के अधिष्ठाता भगवान श्री गणेश की विभिन्न रूपों, आकारों और आकर्षक शिल्पों वाली मूर्तियों को लोग अपने घरों, सोसायटियों और सार्वजनिक पंडालों में नई शुरुआत और मंगल कामना के साथ स्थापित करते हैं।

एशियाई बाजारों में दबाव और टेक शेयरों में गिरावट

भारतीय शेयर बाजारों के बंद रहने के बीच एशिया के अन्य प्रमुख बाजार सोमवार को खुले रहे, लेकिन वहां शुरुआती घंटों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक में सख्त रुख अपनाए जाने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को काफी कमजोर कर दिया। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई अचानक गिरावट ने बाजार का मूड और खराब कर दिया। दक्षिण कोरिया की दिग्गज मेमोरी चिप निर्माता एसके हाइनिक्स के शेयर 5 प्रतिशत से अधिक टूट गए, जबकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं एडवांटेस्ट के शेयर 4.7 प्रतिशत नीचे आ गए और जापान की कियॉक्सिया में 9 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई।

प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1 प्रतिशत नीचे फिसल गया, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.4 प्रतिशत से अधिक गिरा और ताइवान का ताइएक्स भी 1 प्रतिशत टूट गया। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया का एस&पी/एएसएक्स 200 अत्यधिक उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग हल्की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहे।

अमेरिकी बाजार का हाल और वॉल स्ट्रीट की चाल

एशियाई बाजारों के साथ-साथ अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट भी 14 सितंबर को ट्रेडिंग के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। इससे पहले 11 सितंबर के सत्र में डाउ जोन्स इंडेक्स 509.19 अंक यानी 0.98 प्रतिशत चढ़कर 52,573.29 के स्तर पर बंद हुआ था। नैस्डैक 100 में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी और यह 264.93 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 29,368.44 पर पहुंचा था। तकनीकी शेयरों वाले नैस्डैक कंपोजिट ने 251.31 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की छलांग लगाई और 26,333.04 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एस&पी 500 सूचकांक 65.28 अंक यानी 0.86 प्रतिशत मजबूत होकर 7,656.98 पर बंद हुआ था।

शुक्रवार की इस तेजी के बावजूद पूरे हफ्ते के आधार पर वॉल स्ट्रीट में कमजोरी हावी रही। पूरे सप्ताह के दौरान डाउ जोन्स 1,011.60 अंक यानी 1.9 प्रतिशत टूट गया, जिससे यह हफ्ते का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला प्रमुख सूचकांक बन गया। साप्ताहिक आधार पर नैस्डैक 100 में 171.13 अंकों की गिरावट दर्ज हुई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 254.86 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट आई। इसी तरह, एस&पी 500 सूचकांक भी सप्ताह के दौरान 93.21 अंक यानी 1.20 प्रतिशत फिसल गया।

विशेषज्ञ की राय और बाजार के लिए प्रमुख ट्रिगर्स

रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा के अनुसार, घरेलू बाजार आने वाले हफ्ते में सतर्क रुख के साथ प्रवेश कर रहा है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत दृष्टिकोण आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक साबित होंगे। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी महंगाई की उम्मीदों, रुपये की कीमत और कंपनियों के मुनाफे पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। वहीं दूसरी तरफ, फेडरल रिजर्व का सख्त रुख विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह और उभरते बाजारों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

अजीत मिश्रा ने आगे सलाह दी कि निवेशकों को एक चयनात्मक और संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए, जिसमें मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर कमाई की स्पष्टता और कच्चे तेल की कीमतों व वैश्विक मांग के प्रति कम संवेदनशीलता वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब तक बाहरी आर्थिक माहौल स्थिर नहीं हो जाता, तब तक नए सौदे किस्तों में धीरे-धीरे किए जाने चाहिए और जोखिम प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर होना चाहिए। वहीं सक्रिय ट्रेडरों के लिए उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीति के इर्द-गिर्द बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ा रहेगा। इसलिए ट्रेडरों को अनुशासित पोजिशन साइजिंग और सख्त स्टॉप-लॉस के साथ अपने सौदों का प्रबंधन करना चाहिए और बाजार के तेज झटकों के दौरान आक्रामक जोखिम लेने से पूरी तरह बचना चाहिए।

इस सप्ताह ध्यान देने योग्य बड़े आर्थिक घटनाक्रम

चालू हफ्ते के दौरान कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू घटनाक्रम बाजार को नई दिशा देंगे। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के घटनाक्रम और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में होने वाली हलचल सबसे प्रमुख कारक रहेंगी। इसके अलावा, पूरा सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीतिगत फैसले और भविष्य में ब्याज दरों की दिशा पर आने वाले बयानों के इर्द-गिर्द घूमेगा। निवेशक फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयान और फेड चेयरमैन वॉर्श की टिप्पणियों पर बेहद पैनी नजर रखेंगे, ताकि महंगाई, आर्थिक वृद्धि और ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर केंद्रीय बैंक के रुख का सटीक आकलन किया जा सके।

घरेलू मोर्चे पर भारत में अगस्त महीने के डब्ल्यूपीआई यानी थोक महंगाई और सीपीआई यानी खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होंगे। इसके बाद बेरोजगारी दर और व्यापार संतुलन के आंकड़े भी सामने आएंगे, जो अर्थव्यवस्था में महंगाई के दबाव, रोजगार की स्थिति और बाहरी व्यापारिक संतुलन की अहम तस्वीर पेश करेंगे। इसके साथ ही, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से रुपये पर बने दबाव के बीच 18 सितंबर को जारी होने वाले देश के विदेशी मुद्रा भंडार के ताजा आंकड़ों पर भी सभी की कड़ी नजर रहेगी।

सवाल-जवाब

क्या 14 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार खुला है?
नहीं, गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के अवसर पर 14 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई दोनों पूरी तरह बंद हैं।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग दोबारा कब शुरू होगी?
भारतीय शेयर बाजारों में नियमित कारोबार मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को सुबह अपने निर्धारित समय पर फिर से शुरू होगा।
क्या एमसीएक्स पर कमोडिटी ट्रेडिंग आज पूरी तरह बंद रहेगी?
नहीं, एमसीएक्स पर केवल सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे का सत्र बंद है, जबकि शाम 5:00 बजे से रात 11:30/11:45 बजे तक का सत्र सामान्य रूप से खुला रहेगा।
क्या गणेश चतुर्थी पर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार भी बंद हैं?
नहीं, गणेश चतुर्थी पर केवल भारतीय शेयर बाजार बंद हैं, जबकि अमेरिका के वॉल स्ट्रीट और एशिया के अन्य प्रमुख बाजार सामान्य रूप से खुले हैं।
इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक कौन से हैं?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और भारत के अगस्त सीपीआई व डब्ल्यूपीआई महंगाई के आंकड़े इस हफ्ते मुख्य ट्रिगर होंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp