ग्रह गोचर: शनि-मंगल की चाल से मेष, कन्या, मीन और तुला की चमकेगी किस्मत, मकर-सिंह-कुंभ को सूर्य ग्रहण के दौरान बरतनी होगी सावधानीफुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया उड़ान में 300 फीट की अचानक गिरावट, डोप जांच में पायलट के मारिजुआना सेवन की पुष्टिभाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने वंदे मातरम पर रामजी लाल सुमन को घेरा, आरएसएस पर पवन खेड़ा के दावे को भी खारिज कियाचुनार की डालमिया सीमेंट फैक्ट्री से पटरियों पर दौड़ेगा सीमेंट, अगस्त से शुरू हुई बड़ी ढुलाई सेवागुड़ बनाने का प्लांट लगाकर कमाई का मौका, सरकार दे रही 35 प्रतिशत तक सब्सिडी, जानें कितनी जमीन और पैसा चाहिए28 अगस्त को राखी बांधने के लिए मिलेगा पूरा दिन, सात दशक बाद बना यह दुर्लभ खगोलीय योगबारामती में पति की हत्या कर घर में दफनाने की साजिश नाकाम, पुलिस ने पत्नी पर दर्ज की एफआईआरबंगाल के नदिया में दो भारतीय किसानों के अपहरण के बाद BSF और BGB वार्ता से सुलझा सीमा तनावखगोलीय घटना का गणित: जानिए पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के संरेखण से कैसे घटती है सूर्यग्रहण की प्रक्रियामानसून के मौसम में बेहद खास है हरियाणा की मिर्च कलौंजी सब्जी, जानिए इसे बनाने का सही तरीका
फेडरल रिजर्व की अनिश्चितता से थमी अमेरिकी डॉलर की तेजी, वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचलबाज़ार
27 जुल॰ 2026, 5:27 pm (16 दिन पहले)· 0

फेडरल रिजर्व की अनिश्चितता से थमी अमेरिकी डॉलर की तेजी, वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल

मध्य पूर्व में स्थिति सुधरने और ऊर्जा कीमतों में गिरावट के बीच फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर की मजबूती पर ब्रेक लग गया है।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में इस हफ्ते होने वाली महत्वपूर्ण केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले अमेरिकी डॉलर के तेवर नरम पड़े हैं। ऊर्जा की कीमतों में हालिया करेक्शन और मध्य पूर्व के घटनाक्रमों ने मौद्रिक नीति को लेकर बाजार के अनुमानों को नया मोड़ दिया है। इस हफ्ते फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की अहम नीतिगत घोषणाएं होनी हैं, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर टिकी हुई है।

ऊर्जा कीमतों का असर और ब्याज दरों के अनुमान

ऊर्जा के दाम घटने से केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कुछ हद तक राहत मिली है। पिछले हफ्ते अमेरिकी दर बाजार में इस बात की संभावना काफी बढ़ गई थी कि बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ने पर फेडरल रिजर्व इसी हफ्ते ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है। शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार, इस हफ्ते होने वाली नीतिगत बैठक में लगभग 10 आधार अंकों की दर वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, सप्ताहांत के दौरान मध्य पूर्व से आए सकारात्मक कूटनीतिक संकेतों के बाद यह अनुमान घटकर करीब 8 आधार अंकों पर आ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस हफ्ते फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को स्थिर रखे जाने की संभावना अधिक है, फिर भी पूरी तरह से दर वृद्धि की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

प्रमुख मुद्राओं में मजबूती और पाउंड-डॉलर की चाल

कमजोर अमेरिकी डॉलर के बीच प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में तेजी का रुख देखा जा रहा है। पाउंड-डॉलर यानी जीबीपी/यूएसडी में पिछले हफ्ते के निचले स्तर से रिकवरी जारी है और नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में सोमवार को इसमें लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की गई है। यूरोपीय सत्र के दौरान यह प्रमुख जोड़ी 1.3350 के आसपास कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व के संघर्ष में ठहराव और डॉलर के कमजोर होने से खरीदारों को बल मिला है। व्यापारी अब सप्ताह के अंत में आने वाले फेड और बोए के नीतिगत बयानों का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार की अगली दिशा तय हो सके।

यूरो में उछाल और भू-राजनीतिक स्थिति

दूसरी ओर, यूरो-डॉलर यानी यूरो/यूएसडी भी यूरोपीय सत्र में 1.3400 के स्तर के आसपास मजबूत बना हुआ है। इस इंट्राडे मजबूती के पीछे मुख्य वजह व्यापक रूप से कमजोर होता अमेरिकी डॉलर है। पिछले पांच महीनों से चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान की दिशा में बंधी नई उम्मीदों ने डॉलर पर दबाव बढ़ाया है, जिससे यूरो को महत्वपूर्ण सहारा मिला है।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर की स्थिति कैसी है?
ऊर्जा कीमतों में नरमी और मध्य Middle East के हालात सुधरने के कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती पर ब्रेक लग गया है और इसके तेवर नरम पड़े हैं।
जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
यूरोपीय सत्र के दौरान यह प्रमुख मुद्रा जोड़ी 1.3350 के आसपास कारोबार कर रही है और इसमें लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की गई है।
यूरो/यूएसडी (EUR/USD) में तेजी की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका-ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों और कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण यूरो में यह मजबूती आई है।
इस हफ्ते कौन से केंद्रीय बैंकों की बैठकें होनी हैं?
इस हफ्ते फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की अहम नीतिगत बैठकें होने वाली हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR