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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के करीब जमा, आईएमएफ ने आरबीए को दी सख्त मौद्रिक नीति की सलाहबाज़ार
19 सित॰ 2026, 2:39 pm (14 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के करीब जमा, आईएमएफ ने आरबीए को दी सख्त मौद्रिक नीति की सलाह

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा प्रमुख ब्याज दरें 3.75% से बढ़ाकर 4.0% करने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूती बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं आईएमएफ ने ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति जोखिमों से निपटने के लिए दरें बढ़ाने को कहा है।

AUD/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.71 पर है, जबकि EMA20 0.71, EMA50 0.71 और EMA200 0.70 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.71) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.70) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का RSI 48 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का बैंड दायरा 0.71–0.72 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (0.72) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7090 के करीब अपनी मजबूती दर्ज करता दिखा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत ब्याज दरों में की गई हालिया वृद्धि के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा ने लचीलापन दिखाया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) को मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों के प्रति आगाह करते हुए जरूरत पड़ने पर सख्त मौद्रिक रुख अपनाने की स्पष्ट सलाह दी है।

फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती और अमेरिकी राजनीतिक प्रतिक्रिया

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को व्यापक बाजार उम्मीदों के अनुरूप अपनी बेंचमार्क उधार दरों को 3.75% से बढ़ाकर 4.0% के दायरे में कर दिया। पिछले तीन वर्षों की अवधि में फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में की गई यह पहली बढ़ोतरी है। इस अहम फैसले के बाद फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति बहुत अधिक है और लंबे समय से उच्च स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने इस नीतिगत निर्णय को एक गंभीर और जिम्मेदार फैसला करार दिया। केविन वॉर्श ने यह संकेत भी दिया कि कीमतों में हो रही वृद्धि की रफ्तार को धीमा करने के मकसद से आगामी बैठकों में दरों में और इजाफा किया जा सकता है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मनी मार्केट ट्रेडर्स अक्टूबर महीने में फेड द्वारा एक और दर वृद्धि की लगभग 49.8% संभावना मानकर चल रहे हैं।

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मॉर्गन स्टेनली के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल गैपेन ने इस निर्णय पर अपनी टिप्पणी में कहा कि यह रुख आक्रामक है और यदि फेड चेयरमैन यह मानते हैं कि वर्तमान नीति अब भी उदार बनी हुई है, तो आगे केंद्रीय बैंक को और कड़े कदम उठाने होंगे। दूसरी तरफ, राजनीतिक मोर्चे पर इस फैसले की तीखी आलोचना भी देखने को मिली। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमेरिकी केंद्रीय बैंक से नीतिगत दरों में भारी कटौती कर उन्हें 1% या उससे भी नीचे लाने की मांग रखी। डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका दुनिया के लगभग हर देश का बोझ उठा रहा है और यह स्थिति अब आगे जारी नहीं रह सकती।

ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक का रुख और ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं

ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) ने इस साल की शुरुआत में लगातार तीन बार दरों में वृद्धि करने के बाद अपनी आधिकारिक नकद दर (ओसीआर) को 4.35% के स्तर पर स्थिर रखा हुआ है। हालांकि घरेलू स्तर पर मूल्य वृद्धि के दबाव को देखते हुए आगामी बैठक को लेकर बाजार में अटकलें तेज हैं। आरबीए रेट ट्रैकर के अनुसार, वित्तीय बाजार इस बात की लगभग 76% संभावना जता रहे हैं कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक अपनी अगली बोर्ड बैठक में आधिकारिक नकद दर को बढ़ाकर 4.60% कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी इस बात पर जोर दिया है कि मुद्रास्फीति के ऊपर जाने के जोखिम मौजूद हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक को आवश्यकता पड़ने पर ब्याज दरें बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।

यूओबी का तकनीकी परिप्रेक्ष्य और मुद्रा जोड़ी का चार्ट विश्लेषण

यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों ने मध्यम अवधि के नजरिए से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी पर अपना सतर्क दृष्टिकोण बरकरार रखा है। यूओबी के विश्लेषकों ने अपने एक से तीन सप्ताह के परिदृश्य को दोहराते हुए उल्लेख किया कि यद्यपि आगे और कमजोरी की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अल्पकालिक स्थितियां ओवरसोल्ड दायरे में पहुंच चुकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस जोड़ी को 0.7050 के स्तर की ओर बढ़ने से पहले 0.7100 के नीचे दैनिक आधार पर बंद होना आवश्यक होगा। यूओबी का यह भी कहना है कि जब तक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7175 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बना रहता है, तब तक 0.7100 के नीचे बंद होने की संभावना बरकरार रहेगी।

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में निकट अवधि का रुझान मंदड़ियों के पक्ष में दिखाई देता है क्योंकि कीमत 20 दिवसीय बोलिंजर बैंड्स की मध्य रेखा के नीचे बनी हुई है। इसके साथ ही 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) मौजूदा बाजार भाव के ठीक नीचे शुरुआती समर्थन प्रदान कर रहा है। मोमेंटम संकेतकों में नरमी आई है और 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 40 के निचले स्तर की तरफ फिसला है, जो बाजार में बिकवाली के बजाय तेजी के दबाव के कमजोर पड़ने का संकेत देता है।

ऊपर की ओर, तत्काल प्रतिरोध 0.7095 के निचले बोलिंजर बैंड पर देखा जा रहा है, जिसके बाद लगभग 0.7166 पर बोलिंजर एसएमए केंद्र और 0.7240 के निकट ऊपरी बैंड स्थित है, जो मौजूदा कीमतों के ऊपर एक व्यापक अवरोध उत्पन्न करते हैं। नीचे की तरफ, 0.7080 के स्तर पर स्थित 100 दिवसीय एसएमए पहला महत्वपूर्ण समर्थन स्तर बना हुआ है। यदि कीमत इस सीमा को तोड़कर नीचे टिकती है, तो आगे निचले दैनिक स्तरों का रास्ता खुल सकता है और मंदी का रुझान और अधिक पुख्ता हो सकता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, इस समय जोड़ी 0.7121 पर कारोबार कर रही है जो पिछले बंद 0.7115 से 0.08% अधिक है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। लाइव 14 दिवसीय आरएसआई 48 पर है और 20 दिवसीय बोलिंजर बैंड 0.7092 से 0.7239 के बीच बने हुए हैं, जिसमें मध्य रेखा 0.7165 पर है।

ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था, लौह अयस्क और चीन का व्यापारिक प्रभाव

विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य निर्धारण में कई बुनियादी कारक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण कारक रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरों का स्तर है। ऑस्ट्रेलिया का केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों के बीच आपसी ऋण की दरों को निर्धारित करता है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था में उधारी लागत प्रभावित होती है। आरबीए का प्राथमिक उद्देश्य ब्याज दरों को आवश्यकतानुसार समायोजित करके मुद्रास्फीति को 2% से 3% के दायरे में स्थिर बनाए रखना है। अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती प्रदान करती हैं, जबकि कम दरें इसे कमजोर बनाती हैं। इसके अतिरिक्त, आरबीए क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग जैसे उपायों का उपयोग करके ऋण स्थितियों को प्रभावित कर सकता है, जिनमें से पहला मुद्रा के लिए नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक प्रभाव डालता है।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर देश है, इसलिए उसके सबसे बड़े निर्यात उत्पाद लौह अयस्क (आयरन ओर) की वैश्विक कीमतें मुद्रा के लिए एक बड़ा प्रेरक कारक हैं। 2021 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लौह अयस्क का वार्षिक निर्यात लगभग 118 अरब डॉलर रहा था, जिसका प्रमुख गंतव्य चीन था। सामान्य तौर पर जब वैश्विक बाजार में लौह अयस्क की कीमतें चढ़ती हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कुल मांग में वृद्धि होती है और मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत कीमतों में गिरावट से मुद्रा पर नकारात्मक असर पड़ता है। लौह अयस्क की ऊंची कीमतें ऑस्ट्रेलिया के व्यापार संतुलन को भी सकारात्मक बनाए रखने में सहायता करती हैं।

चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसके कारण चीनी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्यांकन पर सीधा असर डालता है। जब चीनी अर्थव्यवस्था में मजबूती होती है, तो वह ऑस्ट्रेलिया से कच्चे माल, वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खरीद करती है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की मांग बढ़ती है। वहीं दूसरी ओर यदि चीनी विकास दर अपेक्षा से कमजोर रहती है, तो यह मुद्रा के लिए प्रतिकूल साबित होता है। अतः चीनी विकास आंकड़ों में होने वाले सकारात्मक या नकारात्मक उतार-चढ़ाव का प्रभाव सीधे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से जुड़ी जोड़ियों पर पड़ता है। साथ ही व्यापार संतुलन, जो निर्यात से होने वाली आय और आयात पर होने वाले खर्च का अंतर होता है, मुद्रा को गति देता है। जब ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष मजबूत रहता है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से मुद्रा मजबूत होती है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन इसे नीचे खींचता है।

वैश्विक जोखिम माहौल, अन्य मुद्राएं और कमोडिटी रुझान

व्यापक वित्तीय बाजारों में निवेशकों का जोखिम संबंधी दृष्टिकोण भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के रुख को प्रभावित करता है। जब निवेशक अधिक जोखिम वाली संपत्तियों में पूंजी लगाने को प्राथमिकता देते हैं जिसे रिस्क-ऑन माहौल कहा जाता है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को लाभ मिलता है। इसके विपरीत जब बाजार प्रतिभागी सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं यानी रिस्क-ऑफ की स्थिति बनती है, तो इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। हालिया सत्र में एशियाई कारोबार के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पूर्व दिन के नुकसान को समेटते हुए लगभग एक महीने के निचले स्तर के करीब सीमित रहा और 0.7100 के नीचे कारोबार करता दिखा, क्योंकि अमेरिकी डॉलर की तेजी अस्थायी रूप से थमी थी। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को समर्थन दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की दर वृद्धि की उम्मीदों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा का उछाल सीमित रहा।

अन्य वैश्विक बाजारों में भी अहम हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी गुरुवार को लगातार तीन दिनों की बढ़त के सिलसिले को तोड़ते हुए 156.00 के नीचे आ गई। बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाने की उम्मीदों ने जापानी येन को सहारा दिया। उल्लेखनीय है कि एक दशक से अधिक समय तक जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेशों में खरबों डॉलर के वित्तपोषण का काम किया, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। चूंकि बैंक ऑफ जापान इस सप्ताह नीति सख्त करने की तैयारी में है, इसलिए यह लाभ अब एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है।

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें गुरुवार को एशियाई सत्र में 4,300 डॉलर के आसपास पहुंच गईं, जिससे पिछले दिन के छह सप्ताह के निचले स्तर के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हुई। हालांकि कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं और फेडरल रिजर्व का सख्त दृष्टिकोण अभी भी दरों में वृद्धि की संभावनाओं को हवा दे रहे हैं, जबकि अमेरिका-ईरान तनाव डॉलर को मजबूती प्रदान करते हुए गैर-उपज वाले सोने की बढ़त को सीमित रख सकते हैं। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में इथेरियम और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों पर क्लैरिटी एक्ट के अमेरिकी सीनेट में पारित न हो पाने का नकारात्मक असर देखा गया। विश्लेषकों ने इस विधेयक को दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक बड़ा सकारात्मक कारक माना था, लेकिन इसके रुकने से बाजार की उम्मीदों को झटका लगा है।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75% से 4.0% के दायरे में बढ़ा दिया है, जो पिछले तीन वर्षों में उसकी पहली दर वृद्धि है।
आईएमएफ ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया को क्या सलाह दी है?
आईएमएफ ने मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए आरबीए को आवश्यकता पड़ने पर ब्याज दरें बढ़ाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
बाजार आरबीए द्वारा दर वृद्धि की कितनी संभावना मान रहा है?
आरबीए रेट ट्रैकर के अनुसार, वित्तीय बाजार लगभग 76% संभावना जता रहे हैं कि आरबीए अगली बैठक में आधिकारिक नकद दर को बढ़ाकर 4.60% कर देगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी केंद्रीय बैंक से ब्याज दरों को घटाकर 1% या उससे भी नीचे लाने की मांग की।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए लौह अयस्क क्यों महत्वपूर्ण है?
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है जिसका वार्षिक मूल्य 118 अरब डॉलर रहा है, इसलिए इसकी कीमतों में वृद्धि से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की मांग बढ़ती है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार एयूडी/यूएसडी के प्रमुख स्तर क्या हैं?
यूओबी के अनुसार 0.7175 मजबूत प्रतिरोध है जबकि 0.7080 का 100 दिवसीय एसएमए पहला समर्थन स्तर है, जिसके टूटने पर 0.7050 का रास्ता खुल सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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