अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के सामने ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की सख्त ब्याज दर नीति का प्रभाव फीका पड़ गया। दिन के कारोबार में AUD/USD की जोड़ी 0.48% लुढ़ककर दो महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गई। एशियाई कारोबारी घंटों में यह करेंसी पेयर 0.6900 के मध्य स्तरों पर संघर्ष करता नजर आया। ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6923 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो अपने पिछले बंद स्तर 0.6989 से 0.95% नीचे है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतों के कारण महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताएं और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का नई ऊंचाई पर पहुंचना इस गिरावट के प्रमुख कारण बने हैं।
ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष भारी गिरावट के साथ A$495 मिलियन पर सिमटा
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर जारी हुए आधिकारिक व्यापार आंकड़ों ने घरेलू मुद्रा को सहारा देने के बजाय निराशाजनक संकेत दिए। अगस्त महीने में ऑस्ट्रेलिया का ट्रेड बैलेंस सरप्लस भारी गिरावट के साथ केवल A$495 मिलियन पर आ गया। यह आंकड़ा जुलाई में दर्ज किए गए A$1.351 बिलियन के व्यापार अधिशेष से काफी कम है। इस तेज संकुचन के पीछे आयात में आया तेज उछाल मुख्य वजह रहा।
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में आयात में 5.8% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इससे पिछले महीने यानी जुलाई में आयात में 2.4% की गिरावट देखने को मिली थी। वहीं दूसरी ओर, देश के निर्यात में केवल 3.7% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले महीने के 3.6% के संकुचन के मुकाबले एक मामूली सुधार है। आयात और निर्यात की रफ्तार में इस असंतुलन ने व्यापार अधिशेष को तेजी से सिकोड़ दिया, जिसके चलते मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास समर्थन नहीं मिल सका।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंची
AUD/USD जोड़ी पर नकारात्मक दबाव का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आई अभूतपूर्व तेजी और अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग रही। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति दबावों के चलते बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल देखा गया है। मानक 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.34% के उच्च स्तर को छूने के बाद 5.24% के आसपास कारोबार कर रही है। यह यील्ड का स्तर साल 2002 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर दर्ज किया गया है।
बॉन्ड बाजार में यील्ड के इस स्तर तक पहुंचने से वैश्विक निवेशकों का रुझान अमेरिकी संपत्तियों की ओर तेजी से बढ़ा है। हालांकि बुधवार को जारी हुए कमजोर कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की अटकलों को कुछ हद तक ठंडा किया था, लेकिन कच्चे तेल से जुड़े मुद्रास्फीति जोखिमों ने यील्ड को बहु-वर्षीय ऊंचाइयों पर बनाए रखा है।
मजबूत जॉब्स डेटा और संशोधित GDP ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को दी ताकत
अमेरिका में हाल ही में सामने आए व्यापक आर्थिक संकेतक इस बात की पुष्टि करते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अभी भी बेहद मजबूत स्थिति में है। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी निजी क्षेत्र ने सितंबर के दौरान 90,000 नई नौकरियां जोड़ीं। यह संख्या बाजार के 70,000 के अनुमान से काफी अधिक थी और अगस्त में जोड़ी गई 36,000 नौकरियों की तुलना में इसमें उल्लेखनीय तेजी देखी गई।
इसके अलावा, दूसरी तिमाही के लिए अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर को ऊपर की ओर संशोधित किया गया। पूर्व में घोषित 1.5% की वार्षिक विकास दर को संशोधित करके 2.2% कर दिया गया है। इन दोनों ही आंकड़ों ने यह साबित किया कि ब्याज दरों के उच्च स्तर पर होने के बावजूद अमेरिकी आर्थिक गतिविधियां धीमी नहीं पड़ रही हैं।
विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े और मूल्य दबाव
अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र भी दृढ़ता का प्रदर्शन कर रहा है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में घटकर 54.5 पर आ गया, जो अगस्त में 54.6 था। हालांकि यह आंकड़ा 55 के बाजार अनुमान से थोड़ा कम रहा, लेकिन इस रिपोर्ट के आंतरिक घटक काफी मजबूत स्थिति दर्शा रहे हैं।
रिपोर्ट में एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स बढ़कर 52.7 पर पहुंच गया, जबकि न्यू ऑर्डर्स इंडेक्स 55.3 पर जा पहुंचा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्राइसेज पेड इंडेक्स 71.1 से उछलकर 77.9 पर आ गया। कीमतों के इस सूचकांक में आई यह तेज छलांग साफ तौर पर संकेत देती है कि विनिर्माण स्तर पर लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है, जिससे भविष्य में महंगाई दोबारा भड़क सकती है।
फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक और ब्याज दर की संभावनाएं
मजबूत आर्थिक गतिविधियों और स्थिर मूल्य दबावों के संयोजन से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास अपनी प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति को जारी रखने की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि नरम कोर PCE आंकड़ों के बाद अतिरिक्त सख्ती की उम्मीदों में कुछ नरमी आई है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय बाजार अब 27-28 अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दर में बढ़ोतरी की लगभग 36% संभावना देख रहे हैं। बाजार की धारणा में यह बदलाव काफी तेजी से आया है, जहां एक हफ्ते पहले तक अक्टूबर में ब्याज दर वृद्धि को सबसे संभावित परिदृश्य माना जा रहा था, लेकिन अब नीतिगत ठहराव की संभावना प्रमुख बन गई है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल
अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और ट्रेजरी यील्ड में उछाल का असर सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर ही नहीं, बल्कि अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी पड़ा है। एशियाई सत्र में USD/JPY की जोड़ी 158.00 के पार अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर कारोबार करती देखी गई। बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त नीति और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद मजबूत डॉलर भारी पड़ रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में भी अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है।
सोने के बाजार में भी सुस्ती देखी गई। डॉलर और यील्ड की तेजी के बीच XAU/USD 0.26% की बढ़त के साथ लगभग $4,167 प्रति औंस पर संघर्ष करता रहा। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन $82,500 के समर्थन और $85,000 के प्रतिरोध के बीच फंसा हुआ है। एथेरियम भी दबाव में रहा और $2,700 के नीचे फिसल गया, जहां उसे $2,600 पर समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर रिपल भी गिरकर $1.50 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
AUD/USD के प्रमुख तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिलहाल गंभीर मंदी के ढांचे में फंसा हुआ है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 24 के स्तर पर पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि मुद्रा ओवरसोल्ड जोन में चली गई है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) और उसका हिस्टोग्राम भी मंदी के संकेत दे रहे हैं। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 34 पर है, जो मौजूदा गिरावट के रुझान की मजबूती को दर्शाता है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 6 और सिग्नल लाइन 13 पर है। 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच बना हुआ है, जबकि 20-दिवसीय औसत ट्रू रेंज (ATR) 0.01 पर है।
गिरावट की दिशा में तात्कालिक समर्थन 0.6907 पर बना हुआ है, जिसके नीचे 0.6901 (S1) और एक निचला क्षैतिज स्तर 0.6883 है, जिसके बाद 0.6879 (S2) का स्तर आता है। ऊपर की तरफ, पहला प्रतिरोध 0.6951 (R1) और 0.6955 पर है, जिसके बाद 0.6980 (R2) और 100-अवधि का SMA 0.6988 पर स्थित है। यदि रिकवरी आगे बढ़ती है, तो 0.7005 और 200-अवधि का SMA 0.7030 पर एक व्यापक आपूर्ति क्षेत्र तैयार करते हैं। इसके बाद मंदी के रुख को पलटने के लिए इस जोड़ी को क्रमशः 0.7045, 0.7075, 0.7105 और 0.7140 के महत्वपूर्ण अवरोधों को पार करना होगा।



















