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शिलांग में खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, कार जलाई गईमेघालय
17 सित॰ 2026, 11:27 am (7 घंटे पहले)· 0

शिलांग में खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, कार जलाई गई

शिलोंग के रिसा कॉलोनी स्थित खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए, जिससे एक कर्मचारी की कार में आग लग गई और वह क्षतिग्रस्त हो गई। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शिलांग की रिसा कॉलोनी में स्थित खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय को निशाना बनाकर बुधवार को दोपहर के वक्त दो पेट्रोल बम फेंके गए। पुलिस के अनुसार इस अचानक हुए हमले की वजह से परिसर में खड़ी एक कार में आग लग गई और वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है।

कार्यालय के भीतर मौजूद थे कर्मचारी

निदेशालय के निदेशक एम.बी. टोंगपेर ने जानकारी दी कि यह घटना दोपहर करीब 3 बजकर 32 मिनट पर हुई, जिस समय कार्यालय के अंदर कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे। फेंके गए ज्वलनशील उपकरणों में से एक उपकरण सीधे कार्यालय के एक कर्मचारी की कार पर जा गिरा, जिससे उसमें तुरंत आग भड़क उठी। राहत की बात यह रही कि जिस कर्मचारी की यह निजी कार थी, वह घटना के वक्त कार्यालय में मौजूद नहीं था और बाहर गया हुआ था।

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बैठक के दौरान सुनी गई जोरदार आवाज

एम.बी. टोंगपेर ने बताया कि वे उस समय अपने कमरे में एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, तभी उन्हें एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद किसी वाहन ने बाहर किसी चीज में टक्कर मार दी है, लेकिन जब उन्होंने करीब से जाकर देखा तो उन्हें वाहन से लपटें उठती हुई दिखाई दीं। उन्होंने घटना को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने और अन्य लोगों ने ध्यान से देखा तो पाया कि कार के अगले हिस्से में आग लग चुकी थी।

कुछ ही मिनटों में आग पर पाया गया काबू

निदेशक ने स्पष्ट किया कि आग इतनी तेजी से फैली थी लेकिन सतर्कता बरतते हुए कर्मचारियों ने चार से पांच मिनट के भीतर ही उस पर पूरी तरह काबू पा लिया। उन्होंने दोहराया कि वाहन के मालिक कर्मचारी घटना के समय दफ्तर के बाहर थे और समय रहते आग बुझाए जाने से बड़ा नुकसान टल गया।

मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने किया दौरा

इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा तुरंत खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पहुंचे। उनके साथ मुख्य सचिव और अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे जिन्होंने मौके का मुआयना किया और पूरी स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त वाहन को लेकर आश्वासन दिया कि चूंकि यह कार किसी सरकारी वाहन के बजाय एक कर्मचारी की निजी संपत्ति है, इसलिए सरकार की तरफ से उचित मुआवजा सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही एम.बी. टोंगपेर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निदेशालय और अन्य सरकारी परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों में शामिल उपद्रवियों की आसानी से पहचान की जा सके।

पुलिस जांच और दर्ज की गईं एफआईआर

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि लाितुमखराह पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से एक शिकायत निदेशालय के निदेशक की तरफ से दी गई है जबकि दूसरी प्राथमिकी उस कर्मचारी ने दर्ज कराई है जिसकी कार इस हमले में जलाई गई है। एम.बी. टोंगपेर ने मीडिया को बताया कि बुधवार को हुआ यह हमला उनके कार्यालय पर अपनी तरह की पहली ऐसी घटना है। उन्होंने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया है और इसके पीछे की असली वजह क्या थी। पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है और गहन जांच की जा रही है।

लाबान पुलिस थाने पर भी हुआ था हमला

गौरतलब है कि यह हमला ठीक उस घटना के चार दिन बाद हुआ है जब शिलांग के ही लाबान पुलिस स्टेशन पर अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर पेट्रोल बम फेंके थे। उस पुरानी घटना में दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए थे जबकि थाने के भीतर खड़ी एक पुलिस की गाड़ी को आंशिक रूप से क्षति पहुंची थी। वह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और पुलिस उस मामले की भी समानांतर जांच कर रही है।

सवाल-जवाब

शिलांग में खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पर हमला कब हुआ?
यह हमला बुधवार को दोपहर करीब 3 बजकर 32 मिनट पर हुआ।
इस हमले में किस वाहन को नुकसान पहुंचा?
हमले के दौरान फेंके गए पेट्रोल बम से एक डीएमआर अधिकारी की निजी कार में आग लग गई और वह क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना के वक्त कार का मालिक कहां था?
जिस कर्मचारी की वह कार थी, वह घटना के समय कार्यालय के बाहर था।
घटनास्थल का दौरा किसने किया?
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया।
इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं?
लाितुमखराह पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 घंटे पहले

शिलांग के खनिज संसाधन निदेशालय पर हुआ यह पेट्रोल बम हमला कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है। दिनदहाड़े सरकारी परिसर में घुसकर इस तरह की हिंसा होना सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक को दर्शाता है। लाितुमखराह थाने में दर्ज दो एफआईआर के बाद अब पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि वे जल्द से जल्द अज्ञात हमलावरों की पहचान करें और उनके पीछे के उद्देश्यों का खुलासा करें। मुख्यमंत्री द्वारा सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश और मुआवजे के आश्वासन के बाद यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 घंटे पहले

यह घटना पूर्वोत्तर में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों और प्रशासनिक संस्थानों की सुभेद्यता को उजागर करती है। दिनदहाड़े इस तरह का दुस्साहस यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ कम हो रहा है। खनिज जैसे संवेदनशील और रणनीतिक विभाग पर यह हमला केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि नीतिगत और भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए भी एक चेतावनी है। सरकार और खुफिया तंत्र को न केवल अपनी चौकसी बढ़ानी होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे उपद्रवी तत्वों को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण न मिले, अन्यथा राज्य की आंतरिक सुरक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

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