मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान हुई सुनवाई के बाद 1,510 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किए जाने के योग्य नहीं पाया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि जिन 1,510 मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेज अधूरे थे या नियमों के अनुकूल नहीं पाए गए। इसके विपरीत, आगामी 26 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची के लिए लगभग 20 लाख मतदाताओं के नामों को मंजूरी दे दी गई है।
प्रारूप सूची और जारी किए गए नोटिसों के आंकड़े
संशोधन प्रक्रिया की शुरुआत में जारी की गई प्रारूप मतदाता सूची में कुल 21,69,243 मतदाताओं के नाम दर्ज थे। विस्तृत जांच और सत्यापन के दौरान इनमें से 6,51,735 मतदाताओं के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किए गए। चुनाव मशीनरी ने तेजी दिखाते हुए इनमें से 6,51,391 नोटिस मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही 6,13,512 मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई का काम भी पूरा कर लिया गया है, जो कुल जारी किए गए नोटिसों का 94.14 प्रतिशत बैठता है। अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार कुल 19,96,297 मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चिह्नित किया जा चुका है।
मैपिंग गड़बड़ियों और श्रेणियों का विवरण
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान जारी किए गए कुल नोटिसों में से 2,22,786 नोटिस उन मतदाताओं को दिए गए थे जिन्हें नो मैपिंग श्रेणी में रखा गया था। वहीं दूसरी तरफ 4,28,949 मामले ऐसे थे जहां मतदाताओं के विवरण और रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां या मैपिंग संबंधी अंतर पाया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को एक वर्चुअल बैठक आयोजित करके जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और अन्य चुनावी अधिकारियों के साथ पूरी प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रत्येक पात्र मतदाता को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।
घर-घर जाकर सत्यापन और सुनवाई के नए नियम
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए लागू किए गए नियमों के तहत जिन मतदाताओं को मैपिंग न होने या तार्किक विसंगतियों के संबंध में नोटिस मिले हैं, उन्हें सामान्य तौर पर चुनाव दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए बूथ लेवल अधिकारी सीधे उनके घर जाएंगे, जरूरी दस्तावेज एकत्रित करेंगे और फिर उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के विचारार्थ ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष सुनवाई केवल असाधारण परिस्थितियों में ही की जाएगी, जिसका निर्णय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे। ऐसी असाधारण सुनवाई को भी प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो मतदाता अपनी जगह अपने परिवार के किसी बालिग सदस्य को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकता है।
नए आवेदनों की स्थिति और राजनीतिक दलों की भागीदारी
पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक कुल 23,259 आवेदन प्राप्त कर डिजिटल किए जा चुके हैं। इनमें नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 के 12,624 आवेदन, नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के 1,616 आवेदन, निवास स्थान बदलने के लिए फॉर्म 8 के 1,590 आवेदन और विवरण में सुधार कराने के लिए फॉर्म 8 के 7,429 आवेदन शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और उन्हें नोटिस, सुनवाई तथा मतदाता सुविधा उपायों की जानकारी दी। राजनीतिक दलों ने राज्य भर में कुल 1,814 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए हैं। इनमें एनपीपी ने 736, भाजपा ने 393, वीपीपी ने 320, कांग्रेस ने 186, यूडीपी ने 121 और तृणमूल कांग्रेस ने 58 एजेंट नियुक्त किए हैं। निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 26 अक्टूबर को जारी होगी, जिसके लिए अधिकारियों को शेष कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया है।





















