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शिलांग में 7 अक्टूबर को सड़कों पर उतरेंगे प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग के आदेशों के खिलाफ विरोध मार्च का ऐलानमेघालय
5 अक्तू॰ 2026, 8:35 pm (52 मिनट पहले)· 0

शिलांग में 7 अक्टूबर को सड़कों पर उतरेंगे प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग के आदेशों के खिलाफ विरोध मार्च का ऐलान

मेघालय में प्राथमिक शिक्षकों के संगठन ने शिक्षा विभाग की अधिसूचनाओं के विरोध में 7 अक्टूबर को शिलांग में एक रैली निकालने की घोषणा की है। शिक्षकों ने रिक्त पदों को भरने और बीएलओ ड्यूटी से राहत सहित कई प्रमुख मांगें रखी हैं।

मेघालय में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए विभिन्न आदेशों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ऑल मेघालय प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (एएमपीएसटीए) ने राज्य की राजधानी शिलांग में आगामी 7 अक्टूबर को एक बड़ा विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि विभाग के हालिया आदेशों से शिक्षकों के हितों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसको लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

रैली का समय और तय मार्ग

संगठन की संयुक्त महासचिव सीडी सिनरेम ने सोमवार को संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि यह मार्च सुबह 10 बजे गोल्फलिंक स्थित कम्युनिटी हॉल से शुरू होगा। इसके बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक बिशप्स कॉटन रोड और फोर्थ फरलॉन्ग से होते हुए आगे बढ़ेंगे। यह पूरी रैली अपना निर्धारित चक्कर पूरा करने के बाद वापस गोल्फलिंक पहुंचेगी, जहां इसका औपचारिक समापन किया जाएगा।

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लंबित मांगों पर सुनवाई न होने से नाराजगी

सीडी सिनरेम ने स्पष्ट किया कि संगठन ने अपनी चिंताओं और समस्याओं को सुलझाने के लिए शिक्षा विभाग के समक्ष कई बार बात रखी और आवश्यक कदम उठाए, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस रैली के आयोजन के बाद भी राज्य सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो एएमपीएसटीए एक बैठक बुलाकर अपने आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा तय करेगी।

प्रमुख मांगें और 27 जुलाई के आदेश का विरोध

शिक्षकों के इस संगठन की मुख्य मांगों में सरकारी, डेफिसिट और गैर-सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत खाली पदों को बनाए रखना और उन्हें शीघ्र भरना शामिल है। इसके अलावा, जिन स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है, वहां अतिरिक्त शिक्षकों के पद सृजित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

संगठन प्राथमिक शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के कार्यों से मुक्त करने की मांग भी कर रहा है। इसके साथ ही, वर्ष 2007 में नियुक्त लोअर प्राइमरी (एलपी) शिक्षकों और गैर-सरकारी लोअर प्राइमरी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी शिक्षक शिक्षा विभाग के 27 जुलाई के आदेश के कुछ विशेष प्रावधानों को तत्काल वापस लेने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।

सवाल-जवाब

शिलांग में प्राथमिक शिक्षक कब विरोध रैली निकालेंगे?
यह विरोध रैली 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी।
विरोध मार्च का रास्ता क्या रहेगा?
यह मार्च गोल्फलिंक के कम्युनिटी हॉल से शुरू होकर बिशप्स कॉटन रोड और फोर्थ फरलॉन्ग होते हुए वापस गोल्फलिंक में समाप्त होगा।
इस प्रदर्शन का आयोजन कौन सा संगठन कर रहा है?
इसका आयोजन ऑल मेघालय प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (एएमपीएसटीए) कर रहा है।
शिक्षकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
शिक्षकों की मांगों में खाली पदों को भरना, एकल-शिक्षक स्कूलों में अतिरिक्त पद बनाना, 2007 के एलपी शिक्षकों का नियमितीकरण, बीएलओ ड्यूटी से छूट और 27 जुलाई के आदेश के कुछ प्रावधानों को वापस लेना शामिल है।
यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो संगठन क्या करेगा?
संगठन की संयुक्त महासचिव के अनुसार, मांगें पूरी न होने पर एएमपीएसटीए बैठक कर अपने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 मिनट पहले

शिक्षकों से पढ़ाने के अलावा बाकी सारे काम करवाओगे तो वे सड़कों पर ही उतरेंगे। बीएलओ ड्यूटी हटानी ही चाहिए ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

Ravikash Gupta@ravikash·6 मिनट पहले

बिल्कुल सही कहा करण भाई! पढ़ाने के अलावा चुनाव और बाकी कामों में लगाओगे तो पढ़ाई का बेड़ा गर्क होना ही है।

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