मेघालय में सरकार के भीतर किसी भी प्रकार के फेरबदल की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर किसी भी स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले को केवल कुछ हलकों की कल्पना और अफवाह करार दिया।
फेरबदल की चर्चाओं को बताया पूरी तरह बेबुनियाद
राज्य के प्रशासनिक गलियारों में नए मंत्रियों के शामिल होने को लेकर चल रही बातचीत पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में किसी भी नए चेहरे को शामिल करने अथवा विभागों के बदलाव पर कोई विमर्श नहीं हुआ है। संगमा के अनुसार, यह पूरी तरह से लोगों द्वारा गढ़ी गई अटकलें हैं, जिनका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा,
There has been no induction, no discussion at all.इस बयान के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार अपनी मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में किसी बदलाव पर विचार नहीं कर रही है।
यूडीपी विधायकों के भाजपा में जाने के बाद शुरू हुआ सियासी घटनाक्रम
मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तब शुरू हुई थी जब 23 सितंबर को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के 8 विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद भाजपा के सदस्यों की संख्या 2 से बढ़कर सीधे 10 पर पहुंच गई। इस अप्रत्याशित फेरबदल के साथ ही भाजपा विधानसभा में नेशनल पीपुल्स पार्टी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह दावा किया जाने लगा था कि भाजपा में शामिल होने वाले इन नए विधायकों को सरकार में महत्वपूर्ण कैबिनेट पद दिए जा सकते हैं, हालांकि इस बात की कभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
एनपीपी के पास पूर्ण बहुमत, 33 विधायक पूरी तरह एकजुट
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एनपीपी की राजनीतिक स्थिति पर इन घटनाक्रमों का रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा है। 60 सदस्यों वाले सदन में एनपीपी के अपने दम पर 33 विधायक हैं और वे सभी पूरी तरह एकजुट हैं। संगमा ने उन असत्यापित दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि भाजपा सरकार बनाने के लिए एनपीपी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 33 विधायकों के साथ उनकी पार्टी सदन में स्पष्ट और पूर्ण बहुमत रखती है। यदि पार्टी चाहती, तो पिछले कैबिनेट फेरबदल के दौरान ही अपने सभी गठबंधन सहयोगियों को बाहर कर सकती थी, लेकिन सरकार ने साझा तालमेल का रास्ता चुना।
एमडीए 2.0 की ताकत बरकरार, गठबंधन में आपसी सहयोग
कॉनराड संगमा ने बताया कि एनपीपी के सभी प्रमुख नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को ही आयोजित की गई है। मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस 2.0 के ढांचे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही सहयोगी दलों के बीच आंतरिक संख्या बदल गई हो, लेकिन गठबंधन की कुल ताकत जस की तस बनी हुई है। गठबंधन के दो दलों के बीच किसी भी संभावित मतभेद को उनका आंतरिक मामला बताते हुए उन्होंने उस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यदि विधायक गठबंधन से बाहर या विपक्ष में जाते, तो अविश्वास का कारण बनता, परंतु जब यह बदलाव गठबंधन के ही दो घटक दलों के बीच हुआ है, तो किसी तरह की चिंता या अविश्वास का सवाल ही नहीं उठता।























