मेघालय के उपमुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्नियावभलंग धर ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार में किसी भी प्रकार की राजनीतिक उथल-पुथल की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल पीपुल्स पार्टी के सभी 33 विधायक पूरी तरह से एकजुट हैं और मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ा है। हाल ही में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय के बाद से गठबंधन में अंदरूनी मतभेद की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर विराम लगाते हुए धर ने सरकार के मजबूत होने का दावा किया।
दिल्ली दौरे और सोशल मीडिया की अटकलों पर दी सफाई
उपमुख्यमंत्री स्नियावभलंग धर ने उन खबरों का भी खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि एनपीपी के विधायक पार्टी नेतृत्व से अलग होकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ किसी गुप्त बातचीत में शामिल थे। उन्होंने अपने हालिया दिल्ली दौरे के संबंध में स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से प्रशासनिक और सरकारी कार्यों से जुड़ी थी।
धर ने बताया कि इस दौरे में उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वे तीनों केवल आधिकारिक कामकाज के सिलसिले में दिल्ली गए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर 22 एनपीपी विधायकों के दिल्ली जाने की अफवाहों का खंडन करते हुए बताया कि केवल 3 विधायक ही सरकारी काम से दिल्ली पहुंचे थे। धर ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे किसी भी अपरिपक्व खबर को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
यूडीपी विधायकों का बीजेपी में जाना गठबंधन का आंतरिक मामला
यूडीपी के 8 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक नतीजों पर बोलते हुए धर ने इसे दोनों दलों के बीच का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से एमडीए सरकार की सेहत या उसकी कुल संख्यात्मक ताकत पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है।
उन्होंने समझाया कि यूडीपी और बीजेपी दोनों ही पहले से एमडीए गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे में विधायकों का यूडीपी से बीजेपी में जाना केवल एक सत्तारूढ़ साझेदार दल से दूसरे सत्तारूढ़ साझेदार दल में स्थानांतरण जैसा है। हर राजनीतिक दल को अपनी स्थिति मजबूत करने का अधिकार है, इसलिए इससे गठबंधन सरकार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। एनपीपी और उसके अन्य सहयोगी दल पहले की तरह मिलकर काम कर रहे हैं।
2018 के मुकाबले अब अधिक मजबूत स्थिति में है एनपीपी
पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर बल देते हुए स्नियावभलंग धर ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग और वे स्वयं लगातार एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व में किसी भी स्तर पर कोई मतभेद या गुटबाजी नहीं है।
उन्होंने ऐतिहासिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि 2018 से 2023 के अपने पहले कार्यकाल के दौरान एनपीपी के पास केवल 19 विधायक थे और तब भी सरकार पूरे पांच साल सफलतापूर्वक चली थी। वर्तमान में पार्टी के पास 33 विधायकों का बड़ा और स्पष्ट समर्थन हासिल है। इस तुलना के आधार पर उन्होंने कहा कि वर्तमान एमडीए सरकार अपने पिछले कार्यकाल से भी अधिक मजबूत और सुरक्षित स्थिति में है।



















