पश्चिम एशिया में मौजूद संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बाद बड़े पैमाने पर बर्बादी की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। सक्रिय सैन्य कर्मियों द्वारा साझा किए गए इन दृश्यों में नष्ट हुए उन्नत निगरानी विमान, मलबे में तब्दील आवासीय ट्रेलर और बुरी तरह क्षतिग्रस्त इमारतें साफ नजर आ रही हैं। यह साक्ष्य उन अमेरिकी परिसरों के हैं जो सऊदी अरब और कुवैत में स्थित हैं, जहां ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने भारी तबाही मचाई है।
खुफिया निगरानी विमान के टुकड़े और रनवे पर तबाही
सामने आई तस्वीरों में सबसे बड़ा नुकसान सऊदी अरब में रियाद से लगभग 62 मील (100 किमी) दक्षिण-पूर्व में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर फोर्स बेस पर देखा गया है। यहां तैनात एक बोइंग E-3 संतरी अर्ली वार्निंग जेट हमले की चपेट में आकर बीच से दो टुकड़ों में बंट गया। विमान का पिछला हिस्सा मुड़कर धातु के मलबे का ढेर बन चुका है। यह बोइंग E-3 अवाक्स विमान लंबी दूरी पर संभावित खतरों की टोह लेने और उनकी निगरानी करने में अमेरिकी रक्षा कवच की रीढ़ माने जाते हैं।
इसी एयर बेस पर हुए हमले के समय बारह अमेरिकी सैन्य कर्मियों के घायल होने की पुष्टि हुई थी, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हुए थे। तस्वीरों से साफ झलकता है कि रनवे पर खड़ी रणनीतिक संपत्ति को किस कदर निशाना बनाया गया। अग्रिम पंक्ति पर तैनात एक सैनिक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा,
"This is major damage to our bases that hasn't been communicated to the American public."सैनिक का कहना था कि वहां तैनात जवानों को बिना पूरी तैयारी या रक्षा के सीधे हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग और कैंप आरिफजान में भीषण नुकसान
कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ईरानी प्रहार के निशान बेहद गहरे हैं। कैंप ब्यूहरिंग से सामने आई बिना तारीख वाली तस्वीरों में नष्ट हुए वाहन, पिचक चुके ट्रेलर और चारों तरफ बिखरा मलबा दिखाई देता है। वहां मौजूद एक विशाल टेंट नुमा ढांचा पूरी तरह चिथड़ों में बदल चुका था और परिसर से लगातार घना धुआं उठता देखा गया।
वहीं कुवैत के एक अन्य महत्वपूर्ण केंद्र कैंप आरिफजान में एक चार मंजिला इमारत को गहरा नुकसान पहुंचा है। कंक्रीट की संरचनाओं पर मिसाइलों के सीधे असर से कई हिस्से ढह गए। इन दृश्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकाने ईरानी मारक क्षमता से सुरक्षित नहीं रहे हैं। इस संबंध में व्हाइट हाउस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड से संपर्क साधा गया है।
पेंटागन की वॉचडॉग रिपोर्ट में वित्तीय और सैन्य नुकसान का ब्योरा
इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने से पहले पेंटागन के वॉचडॉग की एक आधिकारिक समीक्षा रिपोर्ट आई थी, जिसने नुकसान के आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए। उस रिपोर्ट के अनुसार कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों इमारतों और ढांचों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह नष्ट हो गए।
इस पूरे संघर्ष में हथियारों और सैन्य उपकरणों की क्षति का कुल आंकड़ा 3.7 अरब डॉलर (2.8 अरब पाउंड) तक पहुंच चुका है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि 29 जून तक इस युद्ध पर कुल 33.4 अरब डॉलर (24.7 अरब पाउंड) खर्च किए जा चुके हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद के महीनों में दर्जनों अमेरिकी विमान या तो तबाह हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इनमें सऊदी अरब की जमीन पर ईरानी गोला-बारूद की चपेट में आकर बर्बाद हुए पांच ईंधन भरने वाले रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं।
राजनीतिक गतिरोध और युद्ध समाप्ति के लिए कांग्रेस में मतदान
यह सैन्य टकराव 28 फरवरी को तब भड़का जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, साझेदार देशों और इजरायल पर लगातार जवाबी हमले किए। इस युद्ध के खिंचते जाने से अमेरिकी प्रशासन पर इसे तुरंत समाप्त करने का भारी राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव बन गया है।
मंगलवार रात को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान में युद्ध को रोकने के लिए तीसरी बार मतदान किया। सदन ने उस कानूनी प्रस्ताव को मंजूरी दी जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की औपचारिक अनुमति के बिना सैन्य कार्रवाई जारी रखने से रोकेगा। यह प्रस्ताव कई रिपब्लिकन सदस्यों के समर्थन से पारित हुआ। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले इस तरह के विधायी प्रयास को प्रतिनिधि सभा का संभवतः अंतिम बड़ा मतदान माना जा रहा है।



















