वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच फारस की खाड़ी से राहत भरी खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों का आवागमन बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक पहल तेज कर दी गई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार ओमान के माध्यम से चल रही वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी संकेत मिले हैं कि समुद्री मार्ग को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने के लिए बातचीत जारी है और बहुत जल्द किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
कूटनीतिक मध्यस्थता और समुद्री जहाजों का मार्ग परिवर्तन
खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने और व्यापारिक मार्ग बहाल करने में कतर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दोहा से मिले संकेतों के अनुसार कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीधी बातचीत की है। दोहा प्रशासन का कहना है कि संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए मध्यस्थ सभी पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी पुष्टि की है कि होर्मुज मार्ग को खोलने को लेकर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का मानना है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर समझौता अगले एक से दो दिनों के भीतर संपन्न हो सकता है। इस बीच अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ईरान के खिलाफ लागू की गई नाकेबंदी नीति के तहत जुलाई के मध्य से अब तक लगभग 45 व्यावसायिक जहाजों के मार्गों में बदलाव किया गया है।
सटीक मिसाइलों के भंडार पर उठते सवाल
पश्चिम एशिया में जारी इस सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना के पास उपलब्ध हथियारों के भंडार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं छिड़ गई हैं। कई दावों में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ चले लंबे सैन्य अभियानों के कारण अमेरिका ने अपनी अधिकांश लंबी दूरी की सटीक मारक मिसाइलों की खपत कर ली है। इन दावों के अनुसार अमेरिकी सेना का 'आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम' (ATACMS) तथा 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों' का मौजूदा स्टॉक लगभग समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है। इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद अमेरिकी रक्षा तैयारियों और रणनीतिक क्षमता पर सवाल खड़े होने लगे थे।
पेंटागन की ओर से सफाई और आधिकारिक रुख
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने हथियारों की कमी से जुड़ी सभी अटकलों और रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पारनेल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना विश्व की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत है और उसके पास राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित समय और स्थान पर किसी भी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी सेना के पास हथियारों और मिसाइलों की कमी से संबंधी चिंताओं को पूरी तरह बेबुनियाद बताया था। अमेरिका का कहना है कि उसकी रक्षा तैयारियां हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।



















