त्योहारों की आमद के साथ ही बाजार में मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। इस दौरान चीनी की खपत भी काफी बढ़ जाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है ताकि बाजार में चीनी की सुचारू उपलब्धता बनी रहे और कोई भी कारोबारी ज्यादा स्टॉक जमा करके कृत्रिम किल्लत न पैदा कर सके। जिले में थोक व्यापारियों के लिए चीनी के भंडारण की अधिकतम सीमा को सीधे आधा कर दिया गया है। अब स्थानीय कारोबारी अपनी दुकानों या गोदामों में एक बार में केवल 1,000 क्विंटल चीनी ही रख पाएंगे, जबकि इससे पहले यह सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई थी।
केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशों के तहत हुआ बदलाव
बिलासपुर की जिला नियंत्रक (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) शीतल शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से चीनी के भंडारण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के आधार पर ही पूरे देश में चीनी की स्टॉक सीमा में संशोधन किया गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये नए प्रावधान 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुके हैं। इसके बाद से जिले के तमाम थोक कारोबारियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे तय की गई नई सीमा के दायरे में ही अपने यहां चीनी का भंडारण करें। स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित व्यापारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
जमाखोरी पर लगाम कसने और निगरानी का प्रयास
त्योहारों के इस सीजन में जब मांग में भारी उछाल आता है, तब बाजार में चीनी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना और बाजार में चीनी की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखना है ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। नई व्यवस्था के तहत अब उन कारोबारियों पर विशेष नजर रखी जाएगी जो तय सीमा से अधिक मात्रा में चीनी जमा करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, भंडारण की इस सीमा को घटाए जाने से खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों पर कितना और कैसा असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में मांग और आपूर्ति के संतुलन पर पूरी तरह निर्भर करेगा।
पोर्टल पर स्टॉक का ब्योरा देना अनिवार्य
प्रशासन ने केवल स्टॉक सीमा ही कम नहीं की है, बल्कि जिले के सभी चीनी विक्रेताओं, व्यापारियों और थोक कारोबारियों को यह निर्देश भी दिए हैं कि वे खाद्य भंडार निगरानी पोर्टल पर अपने स्टॉक का पूरा विवरण नियमित रूप से अपडेट करें। इस ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिकारियों को यह देखने में आसानी होगी कि बाजार में इस समय चीनी की कुल कितनी मात्रा उपलब्ध है। नए आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए विभागीय निरीक्षकों को औचक निरीक्षण करने के खास निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी इस बात की गहराई से जांच करेंगे कि व्यापारी तय सीमा के भीतर ही चीनी का भंडारण कर रहे हैं या नहीं और पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी सही समय पर दर्ज की जा रही है या नहीं। त्योहारों के इस दौर में प्रशासन की पूरी कोशिश यही है कि बाजार में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी की आशंका को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके, जिसके चलते व्यापारियों को अब नए नियमों के मुताबिक ही अपना पूरा स्टॉक प्रबंधन चलाना होगा।























