मिजोरम में आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने और अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट्स को ध्वस्त करने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। राज्य प्रशासन ने सीमा सुरक्षा को कड़ा करने और अवैध ड्रग्स के फैलाव को रोकने के उद्देश्य से अपने प्रमुख नशा विरोधी अभियान, ऑपरेशन जेरिको के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य मकसद मिजोरम के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की आवाजाही को पूरी तरह खत्म करना है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) शरद अग्रवाल ने आइजोल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन जेरिको 2 का शुभारंभ किया। इस विशेष अभियान के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील रास्तों पर चौकसी बढ़ाई जाएगी ताकि अवैध नशीली दवाओं की खेप राज्य की सीमाओं में प्रवेश न कर सके।
सशस्त्र पुलिस बटालियन और आईआरबी के जवान संभालेंगे कमान
इस वृहद अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सुरक्षा बलों की कई टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है। इसमें मिजोरम आर्म्ड पुलिस की पहली, तीसरी और पांचवीं बटालियन के जवानों के साथ-साथ फर्स्ट इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के कर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे अभियान की जमीनी कमान और निगरानी संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के हाथों में सौंपी गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई का समन्वय करेंगे।
विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं से सटे जिलों पर कड़ा पहरा रहेगा। इन सीमावर्ती इलाकों की भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की तस्करी और अवैध गतिविधियों को शुरुआत में ही रोका जा सके।
पहले चरण का असर और अब तक की उपलब्धियां
ऑपरेशन जेरिको की शुरुआत सबसे पहले 1 सितंबर 2025 को हुई थी। इस संयुक्त पहल में मिजोरम पुलिस, आबकारी और नारकोटिक्स विभाग तथा सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (CYMA) ने मिलकर काम किया था। उस दौरान म्यांमार सीमा से लगे चंफाई जिले के 22 गांवों में पुलिस बल तैनात किया गया था। इस तैनाती के दौरान स्थानीय जिला पुलिस, नागरिक समाज संगठनों, विलेज डिफेंस पार्टीज (VDP) और स्थानीय वाईएमए शाखाओं के बीच निरंतर तालमेल कायम रखा गया।
इस सघन संयुक्त प्रयास के कारण 31 मार्च तक 203 मामले दर्ज किए गए और 298 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस अवधि में करीब 391.95 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। विशेष तैनाती वापस लिए जाने के बाद भी जिला पुलिस ने अपने नियमित संसाधनों के जरिए अभियान जारी रखा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 26 अक्टूबर तक दर्ज मामलों की संख्या 447 पहुंच गई, जबकि गिरफ्तार आरोपियों का आंकड़ा 663 हो गया। अब तक कुल 843.47 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।
खुफिया तंत्र और जनसहयोग पर टिकी रणनीति
ऑपरेशन जेरिको 2 को पूरी तरह खुफिया सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई, विभिन्न विभागों के बीच मजबूत तालमेल और चौबीसों घंटे सीमा निगरानी के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय समुदायों की भागीदारी इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें ताकि तस्करों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।
























