मिजोरम की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने और बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर करने के मकसद से राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम शुरू किया है। राजधानी आइजोल में आयोजित मिजोरम प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के आम सम्मेलन में राज्य के शिक्षा मंत्री वानलालथाना ने घोषणा की कि मौजूदा वर्ष के दौरान 100 नियमित प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पूरी की जाएगी। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
सीखने की क्षमता में सुधार के लिए नया मूल्यांकन ढांचा
राष्ट्रीय स्तर के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में मिजोरम का 31वां स्थान रहा है, जिसे देखते हुए छात्रों के सीखने के परिणाम सरकार के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि रटने की प्रवृत्ति को खत्म करने और बच्चों में विषयों की व्यावहारिक समझ को परखने के लिए सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों हेतु मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली यानी एसएएफईएस की शुरुआत की है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल पाठ याद न करें बल्कि अवधारणाओं को अच्छी तरह समझें।
पात्रता परीक्षा और सेवारत शिक्षकों के लिए नियम
शिक्षा मंत्री के अनुसार सरकार ने कुल 671 शिक्षकों की नियुक्तियों को मंजूरी दी है, जिनमें से 100 नियमित प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती इसी साल की जाएगी। इसके साथ ही मिजोरम बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन उन सेवारत शिक्षकों के लिए व्यवस्था कर रहा है जिनकी सेवा के पांच साल से अधिक बचे हैं, ताकि वे 2028 से पहले मिजोरम शिक्षक पात्रता परीक्षा दे सकें। कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता शर्तों को लचीला बनाने और इस परीक्षा का आयोजन साल में दो बार कराने पर भी विचार चल रहा है ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवार इसे पास कर सकें।
कंप्यूटर और हिंदी भाषा की पढ़ाई की मांग
शिक्षकों के इस सम्मेलन में प्राथमिक शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए दो प्रमुख प्रस्ताव भी पारित किए गए। शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि मिजोरम के सभी प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी विषय की शुरुआत की जाए। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए राज्य के प्रत्येक प्राथमिक स्कूल में कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराने की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी गई है।




















