मिजोरम के कोलासिब जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर मामूली विवाद के बाद असम रेजिमेंट के 29 वर्षीय जवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक जवान जकारिया लालह्रियातुलुआंगा छुट्टी पर अपने घर जा रहे थे, तभी यह हमला हुआ। परिवार के अकेले कमाने वाले बेटे की असमय मौत के बाद उनके बुजुर्ग माता-पिता पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं और उन्होंने प्रशासन से सख्त सजा व न्याय की मांग की है।
सड़क की खराब हालत और ट्रैफिक पर विवाद
यह खौफनाक वारदात 20 सितंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 306 पर बुआलपुई और थिंगदौल के बीच घटी। जकारिया अपने मूल गांव न्यू बुइलुम की ओर यात्रा कर रहे थे। उनके साथ उनके दोस्त और ट्रक चालक जॉन लालतानपुइया भी मौजूद थे। सड़क की खराब स्थिति के चलते गाड़ियां बेहद धीमी गति से चल रही थीं, जिस दौरान अन्य युवकों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और युवकों के एक समूह ने उन पर हमला बोल दिया, जिसमें जवान की जान चली गई।
बुजुर्ग माता-पिता का अकेला सहारा थे जकारिया
श्रीनगर में तैनात जकारिया वर्ष 2017 में सेना की असम रेजिमेंट में शामिल हुए थे। वह पांच भाई-बहनों में दूसरे सबसे छोटे थे और पूरे घर का वित्तीय बोझ अकेले ही संभाल रहे थे। उनके पिता वीएल दुइलोवा 78 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और पूर्व पादरी हैं, जबकि मां लालथाजोवी की उम्र 60 वर्ष है। बढ़ती उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण दोनों माता-पिता आजीविका कमाने की स्थिति में नहीं हैं।
कर्ज और बिखरते परिवार का दर्द
शोक में डूबी मां लालथाजोवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनका बेटा ही परिवार की एकमात्र उम्मीद था। उन्होंने कहा,
"जकारिया हमारे परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। वह हमारे लिए सब कुछ था, क्योंकि उम्र की वजह से अब हम कोई काम नहीं कर सकते। उसने हमारा घर बनाने के लिए कर्ज भी ले रखा था। उसकी मौत ने हमें पूरी तरह तबाह कर दिया है।"घर पर लिया गया कर्ज और जवान की मौत ने इस पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।
आठ आरोपी गिरफ्तार, जेल के बाहर भारी प्रदर्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला और दो नाबालिगों सहित कुल आठ लोगों को पकड़ा है। कोलासिब के पुलिस अधीक्षक लालरिनपुइया वारते के मुताबिक, छह बालिग आरोपियों में से पांच को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि दोनों नाबालिगों को सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में न्यू बुइलुम गांव के लोगों ने मंगलवार को कोलासिब जिला जेल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की सार्वजनिक पहचान उजागर करने और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। यंग मिजो एसोसिएशन की न्यू बुइलुम शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के दबाव के बाद पुलिस ने आरोपियों को सामने लाकर उनकी शिनाख्त कराई। कुछ स्थानीय लोग दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग भी कर रहे हैं।























