मिजोरम के कोलासिब जिले में सेना के एक जवान की हत्या के सिलसिले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नौवें संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले की जांच में जुटी पुलिस इस खौफनाक वारदात से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है और कॉपियों व साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस सिलसिले में अब तक कुल नौ लोगों की धरपकड़ की जा चुकी है और पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी और न्यायिक हिरासत
ताजा कार्रवाई के तहत पुलिस ने कोलासिब जिले के कावनपुई शहर से 31 वर्षीय एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस नए आरोपी को दबोचने के बाद औपचारिकताएं पूरी करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जहां वह अदालत के अगले आदेश तक बंद रहेगा। इस गिरफ्तारी से पहले पुलिस इस खौफनाक मामले में एक महिला और दो नाबालिगों समेत कुल आठ लोगों को पहले ही धर दबोच चुकी थी। पकड़े गए आरोपियों में से छह वयस्कों को जिला जेल भेजा जा चुका है, जबकि दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
क्या था पूरा घटनाक्रम
मृतक की पहचान 29 वर्षीय सेना के जवान जकारिया लालहियात्तलुआंगा के रूप में हुई है, जो असम रेजिमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। बीते 20 सितंबर को जब वे अपने पैतृक गांव न्यू बुइलम लौट रहे थे, तभी रास्ते में युवकों के एक झुंड ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया और बेरहमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर डाली। इस अचानक हुए बर्बर हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और सुरक्षा बलों के बीच भी रोष व्याप्त हो गया।
शीर्ष नेताओं का रुख और सांत्वना संदेश
इस पूरी घटना के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में भी गहरी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इस हत्या की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए कहा था कि इस अमानवीय कृत्य ने पूरे राज्य और यहां के लोगों की छवि को धूमिल किया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मिजोरम के गृह मंत्री के सापदंगा शनिवार को जकारिया के माता-पिता से मुलाकात करने वाले हैं, ताकि वे अपनी गहरी संवेदना प्रकट कर सकें और शोक संतप्त परिवार को अनुग्रह राशि की सहायता प्रदान कर सकें।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस बल इस बात की गहराई से छानबीन कर रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते सेना के जवान की जान गई और उस दिन कथित हमले के वक्त वहां क्या-क्या घटनाक्रम हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य संभावित संलिप्त लोगों की पहचान करने और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिल सके।



















