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एशविले में उच्च स्तरीय वार्ता: भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक परिदृश्य पर निर्मला सीतारमण और क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के बीच चर्चामनी
2 सित॰ 2026, 1:29 pm (58 दिन पहले)· 2

एशविले में उच्च स्तरीय वार्ता: भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक परिदृश्य पर निर्मला सीतारमण और क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के बीच चर्चा

एशविले में G20 बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें भारत के मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक प्रदर्शन और वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर चर्चा हुई।

एशविले में मंगलवार को आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता और विकास दरों पर महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस कार्यक्रम से इतर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ एक अहम द्विपक्षीय बैठक की। इस उच्च स्तरीय वार्ता में भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति, वर्तमान समष्टिगत आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) आकलन और वैश्विक वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक बाजार में दीर्घकालिक स्थिरता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को और गहरा करने की जरूरत पर बल दिया।

भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन और संरचनात्मक बदलावों की सराहना

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक के दौरान भारत में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का व्यापक आकलन किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक बुनियाद को रेखांकित किया और बताया कि राष्ट्रीय नीतियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। आईएमएफ प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत के उत्कृष्ट आर्थिक प्रदर्शन और लगातार बने रिकॉर्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी आंतरिक क्षमता को काफी मजबूत किया है, जिससे अनिश्चित वैश्विक माहौल के बावजूद देश की विकास दर लगातार सकारात्मक बनी हुई है।

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मैक्रोइकोनॉमिक आकलन और निगरानी ढांचे में वास्तविक स्थिति का समावेश

द्विपक्षीय वार्ता का एक प्रमुख बिंदु यह था कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा किए जाने वाले आर्थिक आकलनों में वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित किया जाए। निर्मला सीतारमण ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को मजबूत और साक्ष्य-आधारित निगरानी ढांचा अपनाना चाहिए। यह ढांचा उभरते बाजार और विकासशील देशों (EMDEs) में हो रहे गतिशील संरचनात्मक परिवर्तनों को सही ढंग से दर्शाने में सक्षम होना चाहिए। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि विकास पूर्वानुमान और आर्थिक आकलन जमीन पर हो रहे वास्तविक बदलावों के अनुकूल होने चाहिए ताकि विकासशील देशों की प्रगति का सटीक मूल्यांकन हो सके।

संस्थागत क्षमता निर्माण और सांख्यिकी प्रणालियों का सुदृढ़ीकरण

बातचीत के दौरान आईएमएफ द्वारा विकासशील देशों में चलाए जा रहे क्षमता विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। इसमें उभरती अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) में संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, मैक्रोइकोनॉमिक नीति-निर्माण में सुधार लाने और सांख्यिकीय प्रणालियों को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। निर्मला सीतारमण और क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने माना कि पारदर्शी नीति-निर्माण और आर्थिक सुशासन के लिए मजबूत सांख्यिकीय ढांचा अनिवार्य है। भारत और आईएमएफ के बीच निरंतर सहयोग का उद्देश्य विश्लेषणात्मक क्षमताओं को बढ़ाना और संभावित वित्तीय संकटों से बचाव के लिए वैश्विक आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करना है।

वैश्विक आर्थिक लचीलेपन के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प

बैठक के बाद क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने इस वार्ता को विचारों का एक उत्कृष्ट आदान-प्रदान बताया। उन्होंने भारत के नेतृत्व और आईएमएफ के बीच मिलकर काम करने के साझा संकल्प को दोहराया। दोनों पक्षों ने इस बात की पुष्टि की कि भारत और आईएमएफ का निरंतर जुड़ाव दुनिया भर में सुदृढ़ मैक्रोइकोनॉमिक नीतियों को समर्थन देने के लिए आवश्यक है। विश्लेषणात्मक ढांचे और संस्थागत विकास में योगदान देकर दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने और समावेशी आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

सवाल-जवाब

निर्मला सीतारमण और क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के बीच बैठक कहाँ आयोजित हुई?
यह द्विपक्षीय बैठक एशविले में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक के दौरान अलग से आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान किन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई?
वार्ता का मुख्य ध्यान भारत की बढ़ती विकास दर, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, संरचनात्मक आर्थिक परिवर्तनों और आईएमएफ निगरानी ढांचे को मजबूत करने पर था।
आईएमएफ प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत के आर्थिक प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत के उत्कृष्ट आर्थिक विकास प्रदर्शन की सराहना की और भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा बनाई गई मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक बुनियाद को रेखांकित किया।
आर्थिक निगरानी ढांचे को लेकर भारत ने क्या मुख्य मुद्दा उठाया?
निर्मला सीतारमण ने मजबूत और साक्ष्य-आधारित निगरानी ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया जो उभरते बाजारों और विकासशील देशों (EMDEs) में हो रहे संरचनात्मक बदलावों को सटीक रूप से दर्शाए।
क्षमता निर्माण से जुड़ी किन पहलों पर चर्चा की गई?
दोनों नेताओं ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं में संस्थागत क्षमता, मैक्रोइकोनॉमिक नीति-निर्माण और सांख्यिकीय प्रणालियों को मजबूत करने के लिए आईएमएफ के क्षमता विकास कार्यक्रमों पर चर्चा की।
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