ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR-3 की सुविधा चालू
Income Tax Department ने AY 2026-27 के लिए ITR-3 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग और Excel यूटिलिटी ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध करा दी है. विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी. इससे पहले ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म पहले ही जारी किए जा चुके थे. अब ITR-3 के आने के बाद चालू फाइलिंग सीजन के चारों प्रमुख फॉर्म पोर्टल पर मौजूद हो गए हैं.
ITR-3 भरना किसके लिए जरूरी है?
यह फॉर्म उन व्यक्तियों और Hindu Undivided Family (HUF) के लिए बनाया गया है जिनकी कमाई कई अलग-अलग स्रोतों से होती है, खासकर बिजनेस या प्रोफेशनल काम से जुड़ी आय. नीचे दी गई कैटेगरी में आने वाले लोगों को ITR-3 दाखिल करना होगा:
- बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आमदनी
- सैलरी, मकान किराए से आय या Capital Gains
- डिविडेंड या ब्याज से मिलने वाली कमाई
- शेयर ट्रेडिंग, इंट्राडे या Futures and Options (F&O) से आने वाला पैसा
- पार्टनरशिप फर्म से मिलने वाली सैलरी या बोनस
जो टैक्सपेयर्स ITR-1, ITR-2 या ITR-4 के लिए पात्र हैं, उन्हें ITR-3 भरने की कोई जरूरत नहीं. इसी तरह, जिन लोगों की बिजनेस या पार्टनरशिप फर्म से कोई आमदनी नहीं है, वे इस फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
इस बार ITR-3 में क्या-क्या बदला?
टैक्स विभाग ने इस साल ITR-3 में कई बड़े बदलाव किए हैं. रिटर्न भरने से पहले इन अपडेट्स को जान लेना फायदेमंद रहेगा.
Futures and Options, इंट्राडे इक्विटी, कमोडिटी और करेंसी में ट्रेडिंग करने वालों को अब हर कैटेगरी की आय अलग-अलग दर्ज करानी होगी. पहले इन सभी को एक साथ दिखाने की सुविधा थी, लेकिन नए फॉर्मेट में हर स्रोत का अलग विवरण देना अनिवार्य हो गया है.
जिन टैक्सपेयर्स के खातों का ऑडिट जरूरी है, उनके लिए कुछ अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे कागजी काम का बोझ कम होगा. अब फॉर्म में एक वैकल्पिक पता, दूसरा मोबाइल नंबर और एक और ईमेल आईडी दर्ज करने का विकल्प भी जोड़ा गया है. इसके अलावा, बिजनेस और बड़े वित्तीय लेनदेन के मामले में पहले की तुलना में ज्यादा विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी.
ITR-3 भरने की आखिरी तारीख
जिन टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स ऑडिट अनिवार्य नहीं है, उनके लिए AY 2026-27 का ITR-3 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है. वहीं, जिन मामलों में टैक्स ऑडिट लागू होता है, उनके लिए यह समयसीमा 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है. डेडलाइन चूकने पर जुर्माना लग सकता है, इसलिए दस्तावेज समय से पहले तैयार रखना समझदारी होगी.













