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एलपीजी रिफिल के नए नियम लागू, सिर्फ 23 फीसदी ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा सिलेंडर, जानिए क्या हैं नई कीमतेंमनी
7 सित॰ 2026, 9:06 pm (59 मिनट पहले)· 2

एलपीजी रिफिल के नए नियम लागू, सिर्फ 23 फीसदी ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा सिलेंडर, जानिए क्या हैं नई कीमतें

ग्रामीण इलाकों में एलपीजी रिफिल और बुकिंग को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं, जहां केवल 23 फीसदी परिवार ही लगातार सिलेंडर भरवा पा रहे हैं। साथ ही सरकार ने रिफिल बुकिंग के अंतराल को घटाकर 25 दिन कर दिया है और महानगरों में व्यावसायिक सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं।

देशभर में रसोई गैस के इस्तेमाल और रिफिल को लेकर नए आंकड़े और नियम सामने आए हैं, जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में ईंधन की उपलब्धता की अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर यानी सीीडब्ल्यू के हालिया अध्ययन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 90 दिनों के दौरान 73 प्रतिशत परिवारों ने एलपीजी का इस्तेमाल किया, लेकिन इनमें से केवल 23 प्रतिशत परिवार ही पूरी तरह से एलपीजी पर निर्भर हैं। ग्रामीण इलाकों में आधे से ज्यादा परिवार आज भी अपने मुख्य ईंधन के रूप में लकड़ी पर ही निर्भर बने हुए हैं। इसके अलावा, केवल 47 प्रतिशत ग्रामीण एलपीजी उपभोक्ताओं को ही घर तक डिलीवरी की सुविधा मिल पाती है, जिससे रीफिल की लागत और आखिरी छोर तक की लॉजिस्टिक्स बड़ी बाधा बनकर सामने आती हैं।

शहरी बस्तियों और प्रवासियों की स्थिति

शहरी अनियोजित बस्तियों के भीतर एलपीजी का उपयोग काफी अधिक यानी 70 प्रतिशत पूर्ण उपयोग तक दर्ज किया गया है। हालांकि, औपचारिक कनेक्शन न रखने वाले ऐसे 30 प्रतिशत से ज्यादा यानी 31 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि पते का प्रमाण जैसे दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें लौटा दिया गया था। इस वजह से 11 प्रतिशत लोग अनौपचारिक स्रोतों से सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं और सर्वेक्षण के समय के 803 रुपये के खुदरा मूल्य की तुलना में 1,040 रुपये तक चुकाते हैं। प्रवासी श्रमिकों के मामले में ईंधन की पहुंच सीधे तौर पर उनके आवास से जुड़ी हुई है। खुली जगहों या झुग्गी-झोपड़ियों और पटरियों पर रहने वाले 70 प्रतिशत प्रवासी केवल ठोस ईंधन का उपयोग करते हैं, जबकि किराए के मकानों में रहने वालों में यह आंकड़ा 11 प्रतिशत है। प्रवासी उत्तरदाताओं के बीच अनौपचारिक एलपीजी उपभोक्ता 71 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान करते हैं, जो औपचारिक कनेक्शन के जरिए मिलने वाले 59 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 20 प्रतिशत से ज्यादा महंगा है।

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सीीडब्ल्यू विशेषज्ञों की राय और अध्ययन का दायरा

इस विषय पर बात करते हुए सीीडब्ल्यू की फेलो प्रार्थना बोरा ने कहा कि स्वच्छ हवा लोगों के पकाने, काम करने और जीने के तरीके से जुड़ी है और एलपीजी कनेक्शन देना केवल पहला कदम है। सीीडब्ल्यू के फेलो अभिषेक कर ने बताया कि ग्रामीण परिवारों के लिए रिफिल की वहनीयता और घर पर डिलीवरी सबसे ज्यादा मायने रखती है, जबकि शहरी गरीबों के लिए दस्तावेजों की औपचारिकता और डिजिटल भुगतान जैसे नवाचार जरूरी हैं। यह पूरा अध्ययन छह राज्यों के 2,200 से अधिक ग्रामीण परिवारों, 10 शहरों की अनौपचारिक बस्तियों के 1,100 से अधिक परिवारों और 1,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों पर किया गया है।

रिफिल बुकिंग के नए नियम और अंतराल

रिफिल नियमों में बदलाव करते हुए 7 सितंबर 2026 को तेल मंत्रालय ने एलपीजी रिफिल्स के बीच के अंतराल को 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया था। पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में सुधार और रिफिल बैकलॉग में आई भारी कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस प्रतिबंध में ढील दी है। तेल विपणन कंपनियों यानी ओएमसी को जारी नए निर्देश के मुताबिक अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतराल एक समान रूप से 25 दिन कर दिया गया है। हालांकि, अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध से पहले यह बुकिंग अंतराल 21 दिन का हुआ करता था जिसे आपूर्ति संकट के कारण संशोधित किया गया था।

व्यासायिक और घरेलू सिलेंडरों के दाम

चालू महीने के लिए दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 9.50 रुपये बढ़ाकर 2,747.50 रुपये कर दी गई है जो 1 सितंबर 2026 से प्रभावी है। मुंबई में यह कीमत 9.50 रुपये बढ़कर 2,701 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 10.50 रुपये बढ़कर 2,916.50 रुपये हो गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कोलकाता में 11.50 रुपये की दर्ज की गई जहां सितंबर 2026 के लिए दाम 2,884 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गए हैं। इसके विपरीत, घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम पिछले महीने की तरह ही स्थिर रखे गए हैं। सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये पर मिलेगा। घरेलू सिलेंडर पटना में सबसे महंगा 1,031.50 रुपये और नोएडा में सबसे सस्ता 944.50 रुपये प्रति सिलेंडर उपलब्ध है।

सवाल-जवाब

ग्रामीण इलाकों में कितने प्रतिशत परिवार पूरी तरह एलपीजी का उपयोग करते हैं?
सीीडब्ल्यू के अध्ययन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 23 प्रतिशत परिवार ही एलपीजी का पूरी तरह से उपयोग करते हैं।
वर्तमान में सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का नया अंतराल कितना है?
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतराल 25 दिन तय किया गया है।
सितंबर 2026 में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत क्या है?
दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है।
सितंबर 2026 में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में कितनी हो गई है?
दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 9.50 रुपये बढ़कर 2,747.50 रुपये हो गई है।
ग्रामीण परिवारों के लिए एलपीजी अपनाने में सबसे बड़ी बाधाएं क्या हैं?
रिफिल की ऊंची लागत और घर तक डिलीवरी न होना ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी के निरंतर उपयोग में मुख्य बाधाएं हैं।
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