बराबरी और साझेदारी का नया दौर, करवा चौथ पर पतियों के उपवास रखने की अनूठी परंपराडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बैंक की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की तैयारीपहाड़ी धाम की थाली का गौरव: बिना प्याज़-टमाटर ऐसे तैयार करें क्रीमी और सुगंधित हिमाचली चना मदराबिहार के ऐतिहासिक प्रतीकों को कबाड़ से जीवंत बना रहे भोजपुर के इंजीनियर प्रशांतअमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलचांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दामआईआईटी मद्रास ने जारी किया गेट 2027 का पूरा शेड्यूल, रोबोटिक्स समेत नए बदलावों के साथ इस दिन से शुरू होंगे आवेदनफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
सोशल मीडिया के नुस्खों और असल निवेश सलाह में अंतर समझना क्यों जरूरी हैमनी
11 अक्तू॰ 2026, 9:35 pm (18 दिन पहले)· 2

सोशल मीडिया के नुस्खों और असल निवेश सलाह में अंतर समझना क्यों जरूरी है

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी पेशेवर निवेश सलाह नहीं होती। सेबी के ताजा सर्वे के आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय के जरिए जानिए कि अनचाहे नुकसान से बचने के लिए जानकारी को कैसे परखें।

स्मार्टफोन और डिजिटल मंचों के प्रसार ने शेयर बाजार से जुड़े आंकड़ों और सुझावों को आम लोगों की उंगलियों पर ला खड़ा किया है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब या वॉट्सऐप जैसे मंचों पर नजर डालते ही हर रोज अनगिनत लोग शेयरों पर अपनी राय और सुझाव साझा करते दिखते हैं। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले साधन भी सेकंडों में वित्तीय प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं। लेकिन इंटरनेट पर दिखने वाली हर बात या सुझाव पेशेवर और कानूनी रूप से प्रमाणित निवेश सलाह की श्रेणी में नहीं आता। वित्तीय आंकड़ों, सामान्य जानकारी और प्रमाणित वित्तीय परामर्श के बीच की महीन लकीर को पहचानना अपने पैसों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद आवश्यक हो चुका है।

जानकारी का प्रवाह और पहले के दौर से तुलना

एक वक्त था जब किसी निवेशक को शेयर बाजार से जुड़ा कोई नुस्खा या विचार किसी मित्र, स्थानीय ब्रोकर या समाचार पत्र के किसी कॉलम से मिलता था। उस समय निवेशक को यह सोचने का भरपूर समय मिलता था कि उस सुझाव का क्या करना है। आज सूचनाओं के पहुंचने की रफ्तार कई गुना बढ़ चुकी है। जैनम के चीफ बिजनेस ऑफिसर पुलक कुमार सिंह के अनुसार, आज कोई भी शेयर सुझाव इंस्टाग्राम पर तैरता हुआ मिल सकता है, बाजार का नजरिया वॉट्सऐप संदेश के जरिए आ सकता है और कोई एआई टूल पलक झपकते ही किसी निवेश सवाल का जवाब तैयार कर देता है।

ये भी पढ़ें

इस बदले हुए माहौल में असली चुनौती जानकारी जुटाना नहीं रह गया है। असल संकट यह समझना है कि किस जानकारी पर भरोसा किया जाए और कब कोई सामान्य राय चुपके से निवेश सलाह का रूप धारण कर लेती है। बहुत से लोग यह फर्क नहीं कर पाते कि किसी कंपनी के बारे में दिया गया सामान्य विवरण और उसे खरीदने की सीधी सिफारिश दो बिल्कुल अलग बातें हैं।

सेबी निवेशक सर्वे 2025 के चौंकाने वाले आंकड़े

नियामक संस्था सेबी के इन्वेस्टर सर्वे 2025 में निवेशकों के व्यवहार से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण के अनुसार, 56 प्रतिशत निवेशक सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़े उत्पादों की जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर मौजूद फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लेते हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि 62 प्रतिशत निवेशकों ने स्वीकार किया कि वे इन्फ्लुएंसर्स की सिफारिशों के आधार पर कुछ निवेश संबंधी निर्णय लेते हैं।

इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि खुदरा निवेशक तेजी से ऑनलाइन सामग्री पर निर्भर हो रहे हैं। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इंटरनेट पर उपलब्ध सारा वित्तीय ज्ञान गलत या अविश्वसनीय है। मुख्य बात यह पहचानना है कि आप किस तरह की सामग्री का उपभोग कर रहे हैं और उसे किस संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

जानकारी पर अमल करने से पहले जरूरी सात जांच बिंदु

पुलक कुमार सिंह के अनुसार, केवल जानकारी पढ़ने और उस पर सीधे पैसे लगाने के बीच निवेशकों को थोड़ा ठहरकर कुछ आवश्यक जांच करनी चाहिए। इन आसान कदमों से पूंजी को सुरक्षित रखा जा सकता है

  • स्रोत की विश्वसनीयता: सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि जानकारी दे कौन रहा है। क्या वह व्यक्ति या संगठन विश्वसनीय है और क्या वह नियामकों के पास विधिवत पंजीकृत है?
  • तारीख और समय: शेयर बाजार की परिस्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं। इसलिए यह देखना आवश्यक है कि सामग्री कब प्रकाशित हुई थी और क्या उसके पीछे के मूल तथ्य अब भी जस के तस हैं।
  • पुख्ता सबूतों की पड़ताल: अगर कोई व्यक्ति गारंटीड रिटर्न, पक्के मुनाफे वाले शेयर या अगले मल्टीबैगर जैसे बड़े वादे कर रहा है, तो सतर्क हो जाएं। बिना किसी ठोस वित्तीय प्रमाण के किए गए दावों से दूरी बनाना ही समझदारी है।
  • तथ्य और निजी राय में अंतर: किसी कंपनी के तिमाही वित्तीय परिणाम या आधिकारिक खुलासे वास्तविक तथ्य होते हैं, जबकि आगे क्या हो सकता है इस पर किसी की व्याख्या महज एक व्यक्तिगत राय होती है। इन दोनों को कभी एक नहीं मानना चाहिए।
  • एआई से मिले उत्तरों की पड़ताल: सीखने, समझने और शुरुआती शोध के लिए एआई टूल्स का उपयोग करना उपयोगी हो सकता है, लेकिन कोई भी निवेश करने से पहले महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि भरोसेमंद आधिकारिक स्रोतों से जरूर करनी चाहिए।
  • अपनी निजी वित्तीय स्थिति का आकलन: केवल वही शेयर नहीं चुनना चाहिए जो चर्चा में चल रहा हो। यह पूछना जरूरी है कि क्या वह विकल्प आपके व्यक्तिगत लक्ष्यों, निवेश की समयसीमा और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुकूल है।
  • जल्दबाजी पर विराम: जब कोई सिफारिश किसी अवसर के छूट जाने का डर यानी फोमो पैदा करे या पैसे डूबने का खौफ दिखाए, तो फौरन कदम उठाने के बजाय कुछ देर रुक जाना सबसे बेहतर रणनीति होती है।

बाजार के उतार-चढ़ाव में भावनाओं पर नियंत्रण

ये सावधानियां सबसे अधिक तब काम आती हैं जब बाजार में भारी अस्थिरता चल रही हो। डर और अत्यधिक उत्साह अक्सर विवेकपूर्ण फैसलों पर हावी हो जाते हैं। जब बाजार तेजी से गिर रहा होता है, तो घबराहट में हड़बड़ी में बाहर निकल जाना सही लगने लगता है। दूसरी ओर, जब कोई शेयर तेजी से ऊपर भाग रहा होता है, तो छूट जाने का डर अनियंत्रित खरीदारी करवा देता है।

इनमें से कोई भी तात्कालिक प्रतिक्रिया किसी व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहने की क्षमता के गंभीर मूल्यांकन की जगह नहीं ले सकती। समाधान यह नहीं है कि सोशल मीडिया या एआई का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाए, क्योंकि दोनों ही बाजार को समझने के लिए शुरुआती बिंदु के रूप में उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन अंतिम लक्ष्य यही होना चाहिए कि जानकारी आपको निर्णय लेने में मदद करे, न कि वह आपके बदले फैसला करने लगे।

सवाल-जवाब

सोशल मीडिया की जानकारी और पेशेवर निवेश सलाह में मुख्य अंतर क्या है?
सोशल मीडिया की जानकारी किसी की सामान्य राय या विवरण होती है, जबकि पेशेवर सलाह अधिकृत विशेषज्ञों द्वारा निवेशक के लक्ष्यों और जोखिम क्षमता को देखकर दी जाती है।
सेबी इन्वेस्टर सर्वे 2025 के अनुसार कितने निवेशक इन्फ्लुएंसर्स पर निर्भर हैं?
सर्वेक्षण के मुताबिक 56 प्रतिशत निवेशक जानकारी के लिए इन्फ्लुएंसर्स को देखते हैं और 62 प्रतिशत उनके सुझावों पर निवेश निर्णय लेते हैं।
सोशल मीडिया पर किसी शेयर सुझाव को देखने के बाद क्या जांच करनी चाहिए?
सलाह देने वाले के पंजीकरण, प्रकाशन की तारीख, दावों के पुख्ता सबूतों और तथ्य बनाम राय के फर्क की जांच करनी चाहिए।
क्या निवेश के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है?
एआई टूल्स सीखने और शोध के लिए उपयोगी हैं, लेकिन पैसे लगाने से पहले उनके बताए तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करनी चाहिए।
बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
घबराहट या अवसर छूट जाने के डर में जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय कुछ देर रुककर अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·17 दिन पहले

रील देखकर पैसे लगाना सही नहीं है, यह बात बिल्कुल ठीक है। पर सिर्फ सेबी के आंकड़े देखकर यह मान लेना कि लोग खुद दिमाग नहीं लगाते, थोड़ा गलत लगता है। आज का निवेशक काफी समझदार है, वह सिर्फ रील्स देखकर आंख बंद करके पैसे नहीं झोंक रहा होगा।

Rohan Gupta@rohan-gupta·17 दिन पहले

इन्फ्लुएंसर्स के भरोसे लोग पैसे लगा रहे हैं, ये तो समझ आ रहा है, पर क्या सेबी के पास ऐसा कोई तरीका है जिससे सोशल मीडिया पर गलत सलाह देने वालों पर तुरंत नकेल कसी जा सके? आम आदमी तो फंस जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·17 दिन पहले

रोहन जी, बात तो सही है। पर जब 62% लोग ऐसे ही पैसे लगा रहे हैं, तो क्या हमारे स्कूलों में थोड़ा बहुत पैसे का हिसाब-किताब सिखाना शुरू नहीं करना चाहिए?

Amit Patel@amit-patel·17 दिन पहले

रील देखकर पैसे लगाने वाले 62% लोग सचमुच हैरान करने वाले हैं। आजकल हर कोई टिप दे रहा है, पर नुकसान होने पर कोई साथ नहीं आता।

Michael Anderson@michael-anderson·17 दिन पहले

अमित भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। अमेरिका में भी जबसे टिक टॉक पर टिप्स मिलने लगे हैं, मेरे एक पड़ोसी ने बिना सोचे-समझे सारा पैसा एक वायरल ट्रेंड में डुबो दिया था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp