यूनाइटेड किंगडम में स्किल्ड वर्कर वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए इंडेफिनिट लीव टू रिमेन यानी ILR हासिल करने की राह चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। यूके में स्थाई रूप से बसने के लिए वहां पांच साल तक लगातार रहना अनिवार्य है। भविष्य में ब्रिटिश नागरिकता का रास्ता साफ करने और इमिग्रेशन से जुड़े अधिकांश प्रतिबंधों को हटाने के लिए बहुत से लोग अपना वीजा खत्म होने से कई महीने पहले ही आवेदन की तैयारी शुरू कर देते हैं।
सैलरी और आर्थिक मानक
साल 2026 में भारतीय आवेदकों के लिए वेतन सीमा एक बड़ी बाधा साबित हो सकती है। अप्रैल 2024 से नए आवेदकों के लिए न्यूनतम वेतन के स्तर में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि जो लोग पहले से ही सेटलमेंट के रास्ते पर हैं, वे अक्सर ट्रांजिशनल नियमों का लाभ ले सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने ऑक्यूपेशन कोड के लिए तय 'गोइंग रेट' यानी प्रचलित वेतन दर की शर्त को पूरा करना ही होगा। इसके अलावा, ILR का आवेदन शुल्क भी काफी ज्यादा है और अक्सर इसमें वार्षिक आधार पर वृद्धि होती रहती है। प्रायोरिटी प्रोसेसिंग के लिए अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता भी हो सकती है। चूंकि कई नियोक्ता अब इन खर्चों को कवर नहीं करते, इसलिए व्यक्तिगत बचत का होना बहुत जरूरी है।
निवास और भाषा की अनिवार्यता
स्थाई निवास के निर्णय में 'सतत निवास' का नियम सबसे अहम है। पांच साल की अवधि के दौरान, किसी भी 12 महीने के रोलिंग पीरियड में यूके से बाहर बिताया गया समय 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए। इस सीमा में व्यक्तिगत छुट्टियां और बिजनेस ट्रिप दोनों शामिल हैं। आवेदक निर्धारित समय से 28 दिन पहले तक आवेदन दाखिल कर सकते हैं। इसके साथ ही, अंग्रेजी भाषा की दक्षता साबित करना अनिवार्य है। इसके लिए B1 स्तर या उससे अधिक की योग्यता होनी चाहिए। यदि आवेदक के पास यूके से प्राप्त डिग्री है, तो उसे भी भाषा की अनिवार्यता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।
परीक्षा और नागरिकता की ओर कदम
ILR आवेदकों को 'लाइफ इन द यूके' परीक्षा भी पास करनी होती है। यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा यूके के इतिहास, वहां की परंपराओं और कानूनी व्यवस्था पर आधारित होती है। एक बार जब ILR मिल जाता है, तो बहुत से निवासी नागरिकता के लिए आवेदन करने से पहले बारह महीने तक प्रतीक्षा करते हैं। यह अंतिम चरण मतदान के अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं तक स्थायी पहुंच सुनिश्चित करता है।













