90 के दशक की लोकप्रिय जादू-टोने वाली फिल्मों ने हमेशा से महिलाओं की शक्ति, स्वतंत्रता और आपसी एकजुटता को पर्दे पर बखूबी दर्शाया है। इसी कड़ी में तैयार यह प्रैक्टिकल मैजिक 2 रिव्यू दर्शकों को हॉलीवुड की पुरानी हिट फिल्मों की वापसी के दौर से रूबरू कराता है, जैसे हाल ही में द क्राफ्ट और होकस पोकस के सीक्वल देखे गए। हालांकि, किसी क्लासिक फिल्म का दोबारा निर्माण करना हमेशा आसान नहीं होता, और 1998 की मूल कहानी की तुलना में यह नया सीक्वल वह पुराना जादू जगाने में नाकाम रहता है।
परिवार का श्राप और इंग्लैंड का सफर
फिल्म की कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के 25 वर्ष बाद आगे बढ़ती है। ओवेंस परिवार एक बार फिर नए संकट में घिर जाता है जब सैली (सैंड्रा बुलक) की बेटी कायली (जॉई किंग) को गिडियन (जोलो मारिड्यूएना) से प्यार हो जाता है। लेकिन परिवार पर लगा पुराना श्राप दोबारा हावी हो जाता है और गिडियन कोमा में चला जाता है। अपने प्यार का इलाज ढूंढने के लिए कायली इंग्लैंड रवाना होती है। उसके पीछे-पीछे उसकी मां सैली और मौसी गिलियन (निकोल किडमैन) भी वहां पहुंचती हैं, जहां वे जादू के विद्वान इयान राइट (ली पेस) से मदद मांगती हैं।
आकर्षक विजुअल्स और कलाकारों की केमिस्ट्री
कमजोर कहानी के बावजूद, फिल्म में कुछ खूबसूरत पहलू देखने को मिलते हैं। फिल्म का विजुअल स्टाइल काफी शानदार है, जिसमें स्टीवी निक्स से प्रेरित परिधान और परियों की कहानियों जैसे घर का डिजाइन आकर्षण का केंद्र हैं। फिल्म की असली ताकत इसके पुराने कलाकारों का पुनर्मिलन है, जहां सैली, गिलियन, फ्रांसिस (स्टॉकर्ड चैनिंग) और जेट (डायने वीस्ट) एक साथ नजर आती हैं। इन दिग्गज अभिनेत्रियों की आपस में नोक-झोंक और हंसी-मजाक के दृश्य फिल्म को जीवंत बनाते हैं। जॉई किंग ने कायली की भूमिका में अच्छा प्रयास किया है, लेकिन मेसी विलियम्स का किरदार काफी सीमित और बेअसर रह जाता है।
बहनों के बंधन से भटकती कहानी
फिल्म की सबसे बड़ी निराशा इसका पुरुष-केंद्रित और पारंपरिक मोड़ है। 1998 की मूल फिल्म में दिखाया गया था कि रोमांटिक प्यार कहानी का सिर्फ एक हिस्सा था, जबकि असली जादू बहनों, मौसियों और बेटियों द्वारा बनाई गई उनकी अपनी अनोखी दुनिया में था। इसके विपरीत, यह नया सीक्वल एक सामान्य प्लॉट और अनावश्यक ट्विस्ट में उलझ जाता है। दशकों बाद जब महिला किरदारों और सीक्वल फिल्मों के पास नए प्रयोग करने के असीमित अवसर थे, तब इस सीक्वल का एक साधारण ढर्रे पर चलना दर्शकों को निराश करता है।



















