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27 अगस्त को 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली एनसीआर एमपी और बिहार में आंधी संग जलभराव की चेतावनीभारत
26 अग॰ 2026, 4:08 pm (2 घंटे पहले)· 2

27 अगस्त को 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली एनसीआर एमपी और बिहार में आंधी संग जलभराव की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 अगस्त के लिए 10 राज्यों के 40 प्रमुख शहरों में भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। दिल्ली एनसीआर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

देश भर में मानसूनी हवाओं के अत्यधिक सक्रिय होने से मौसम का मिजाज काफी संवेदनशील बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 27 अगस्त के लिए देश के 10 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश, तीव्र आंधी, निचले इलाकों में जलभराव और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं के आपसी मिलन के कारण मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जो कुछ स्थानों पर तूफानी रूप लेकर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में निम्न दबाव का क्षेत्र

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग पर एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय हो गया है। इस मौसमी प्रणाली के चलते प्रमुख नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) सहित देश के कई बड़े शहरी केंद्रों में सड़कें जलमग्न हो सकती हैं, जिससे शहरी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण चट्टानें खिसकने और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। मैदानी भागों में बारिश के दौर के बीच जब धूप निकलेगी, तब भारी नमी के कारण लोगों को बेहाल करने वाली उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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दिल्ली और एनसीआर के शहरों में मौसम का मिजाज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 27 अगस्त को पूरे दिन आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार मध्यम स्तर की बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 34°C से 36°C के आसपास बना रहेगा।

नोएडा में गरज और चमक के साथ हल्की से मध्यम श्रेणी की वर्षा होने और बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की जा सकती है, जबकि दिनभर भारी उमस लोगों को परेशान करेगी।

गाजियाबाद के मैदानी इलाकों में तेज बारिश के साथ ही तेज आंधी चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। सुबह के समय तीखी उमस महसूस होगी, लेकिन दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और राहत मिलेगी।

गुरुग्राम में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में जोरदार हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं। जलभराव के चलते सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, हालांकि तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा।

फरीदाबाद में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शहर के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इससे मौसम सुहावना तो होगा, लेकिन आर्द्रता बढ़ने से उमस का असर कायम रहेगा।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश और बिजली की कड़क के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे उमस में इजाफा होगा।

कानपुर के लिए मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो सकती है। दिन के अधिकतम तापमान में सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और हवाएं तेज चलेंगी।

वाराणसी में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यहां हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।

आगरा में बादलों की आवाजाही के बीच मध्यम दर्जे की बारिश होगी। सुबह के समय हल्की उमस के बाद दोपहर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी।

मध्य प्रदेश के जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम तो खुशनुमा रहेगा, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या आ सकती है।

इंदौर में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

ग्वालियर में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं और आंधी के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है।

जबलपुर में तेज गरज और चमक के साथ झमाझम बारिश होने का अनुमान है। नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में जलभराव और गंगा का उफान

बिहार की राजधानी पटना में बादलों की मौजूदगी के बीच मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दोपहर के समय उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है, जबकि शाम के वक्त 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गया में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वातावरण में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण भारी उमस का सामना करना पड़ेगा, जबकि बीच-बीच में कड़ी धूप भी निकल सकती है।

मुजफ्फरपुर में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश का अनुमान है। स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है और हवा की रफ्तार 35 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

भागलपुर में गंगा नदी के तटीय इलाकों में बारिश और बाढ़ की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है।

पश्चिम बंगाल के महानगर कोलकाता में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्री नमी के कारण शहर में उमस का स्तर काफी बढ़ा रहेगा।

उत्तर बंगाल के प्रमुख शहर सिलीगुड़ी में भारी बारिश और पहाड़ियों पर भूस्खलन का अलर्ट जारी किया गया है। नदियों में उफान आने से निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर सकता है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और लैंडस्लाइड अलर्ट

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश और आंधी का अनुमान जताया गया है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है।

हरिद्वार के मैदानी इलाकों में पानी भरने की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। लगातार हो रही बारिश और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।

नैनीताल के पर्वतीय इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने और घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। भूस्खलन के कारण प्रमुख रास्तों के बाधित होने की पूरी आशंका बनी हुई है।

ऋषिकेश में तेज बारिश के साथ पहाड़ों से पानी के तेज बहाव की संभावना जताई गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी, जिसे देखते हुए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में धूप उमस और बारिश की मिलीजुली स्थिति

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होगी और 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, हालांकि उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कोटा में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। जिले की प्रमुख नदियों और बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि तेज हवाएं मौसम में ठंडक घोलेंगी।

जोधपुर में धूप और बादलों के बीच आंखमिचौली का खेल चलेगा। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से तेज उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने से तर-बतर करेगी।

उदयपुर में हल्की बारिश और सुहावने मौसम का अनुमान व्यक्त किया गया है। प्रसिद्ध झीलों के आसपास 30 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलेंगी और तापमान सामान्य बना रहेगा।

सवाल-जवाब

27 अगस्त को दिल्ली और एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में घने बादलों के साथ मध्यम बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बौछारें पड़ने और सड़कों पर पानी भरने की आशंका है।
क्या उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी है?
हाँ, देहरादून, नैनीताल और ऋषिकेश जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश के किन शहरों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है?
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। ग्वालियर में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट घोषित है।
बारिश के दौरान हवा की रफ्तार कितनी रह सकती है?
मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाओं की गति सामान्यतः 40 से 50 किमी/घंटा रहेगी, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी के झोंके 60 से 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।
बिहार और पश्चिम बंगाल में बाढ़ की क्या स्थिति है?
भागलपुर और वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि सिलीगुड़ी में नदियों के उफान और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र का असर राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों के बुनियादी ढांचे पर साफ दिखाई देगा। खासकर दक्षिण और तराई बेल्ट के जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर और जलभराव से जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन की वास्तविक जमीनी परीक्षा होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

आपराधिक मामलों और कानून-व्यवस्था के बीट पर काम करते हुए यह स्पष्ट है कि इस स्तर के जलभराव और शहरी बाढ़ जैसे हालात से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर भारी दबाव आएगा। जब दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों की सड़कें जलमग्न होंगी, तो आपातकालीन सेवाओं, पुलिस गश्त और न्यायपालिका से जुड़ी आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। जिला प्रशासन और पुलिस बल को ट्रैफिक डायवर्जन और आपदा राहत के लिए तुरंत समन्वय स्थापित करना होगा, क्योंकि ऐसी आपदाएं अक्सर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल देती हैं।

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