पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर देश उनके महान योगदान को नमन कर रहा है। इसी दौरान पंजाब के बीजेपी नेता नरेश गर्ग ने एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग का उल्लेख किया है। यह वाकया दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में अटल जी के प्रति केवल एक वरिष्ठ राजनेता का सम्मान ही नहीं था, बल्कि वे उन्हें अपना सच्चा मार्गदर्शक और प्रेरणा पुंज मानते रहे हैं।
1996 का नामधारी शहीदी स्मारक दौरा
यह पूरा वाकया वर्ष 1996 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पंजाब स्थित नामधारी शहीदी स्मारक पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्मारक परिसर का अवलोकन करने के बाद आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार लिखे थे। उन्होंने उस समय राष्ट्र सेवा और बलिदान को लेकर बेहद सारगर्भित पंक्तियां दर्ज की थीं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'मोदी स्टोरी' नाम के हैंडल से जारी एक वीडियो में इस ऐतिहासिक घटना की स्मृतियों को दोबारा साझा किया गया है।
नरेंद्र मोदी की स्मारक यात्रा और निजी डायरी
इस घटनाक्रम में एक बहुत ही दिलचस्प मोड़ तब आया जब कई वर्षों बाद नरेंद्र मोदी स्वयं पंजाब के उसी नामधारी शहीदी स्मारक के दर्शन करने पहुंचे। परिसर में प्रवेश करते ही उन्होंने अधिकारियों से अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा आगंतुक पुस्तिका में लिखे गए उस पुराने संदेश को देखने की इच्छा प्रकट की। जब उनके सामने वह पुस्तिका लाई गई और उनकी नज़र अटल जी के लिखे शब्दों पर पड़ी, तो नरेंद्र मोदी ने तुरंत अपनी निजी डायरी निकाली। उन्होंने बिना एक भी शब्द छोड़े अटल जी के पूरे संदेश को अक्षरशः अपनी डायरी में दर्ज कर लिया।
गुरू के शब्दों को जीवन का आधार मानना
पंजाब बीजेपी नेता नरेश गर्ग के अनुसार, जब बाद में नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि उन्होंने अटल जी के उस संदेश को अपनी निजी डायरी में क्यों लिखा, तो उनका उत्तर बेहद प्रभावकारी था। नरेंद्र मोदी ने कहा कि अटल जी के शब्द केवल एक संदेश नहीं हैं, बल्कि वे पूरे जीवन के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का निरंतर स्रोत हैं। उन्होंने आगे कहा कि अटल जी की शिक्षाएं देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करती हैं और उनके दिखाए आदर्शों को आजीवन संजोकर रखना प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है।
पद और राजनीति से परे सम्मान की मिसाल
यह छोटा सा प्रसंग भारतीय राजनीति में गुरु और शिष्य के उस पवित्र रिश्ते को उजागर करता है, जहां राजनीतिक पदों और व्यस्तताओं से ऊपर उठकर विचारों और मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। अटल जी की पंक्तियों को अपनी डायरी में सहेजकर रखना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उनके विचार नरेंद्र मोदी के कार्यशैली और दृष्टिकोण पर कितना गहरा प्रभाव रखते हैं।
पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री की भावपूर्ण श्रद्धांजलि
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अटल जी को अद्भुत दूरदृष्टि वाला महान जननेता बताया, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी के विचार और कार्य आने वाली अनेक पीढ़ियों को दिशा देते रहेंगे। सुशासन और लोक कल्याण के प्रति अटल जी की प्रतिबद्धता हमेशा देश का मार्गदर्शन करती रहेगी।



















