राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में स्थित अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर रेल पटरियों के पैच दोहरीकरण का बुनियादी ढांचा कार्य शुरू किया जा रहा है। इस तकनीकी निर्माण और ट्रैक विस्तार के चलते जोधपुर-इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में व्यापक रूप से प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए ट्रेन को परिवर्तित मार्ग से चलाने और कुछ तारीखों पर इसके फेरे पूरी तरह निरस्त करने का निर्णय लिया है।
ट्रैक दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य की योजना
अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर झारवासा, बांदनवाड़ा और सिंगावल रेलवे स्टेशनों के मध्य पैच दोहरीकरण का काम तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाना है। संरक्षा और सिग्नल प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यहां प्री-नॉन इंटरलॉकिंग, मुख्य नॉन इंटरलॉकिंग और उसके बाद पोस्ट-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य चरणबद्ध तरीके से संपन्न किए जाएंगे। इस बड़े इंजीनियरिंग ब्लॉक के कारण नियमित ट्रेनों का आवागमन पुराने ट्रैक पर पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रखना संभव नहीं है, जिस वजह से इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है।
16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक परिवर्तित मार्ग से संचालन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने परिचालन में किए गए बदलावों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया है। उनके अनुसार, ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस 16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक अपने कुल 18 फेरों के दौरान नियमित मार्ग से नहीं चलेगी। यह गाड़ी अपने सामान्य रूट मारवाड़ जंक्शन-चित्तौड़गढ़-रतलाम के बजाय मारवाड़ जंक्शन-अजमेर-जयपुर-सवाई माधोपुर-रतलाम के रास्ते चलाई जाएगी। मार्ग परिवर्तन के दौरान यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए रेलवे ने कुछ वैकल्पिक स्टॉपेज निर्धारित किए हैं। यह ट्रेन परिवर्तित रूट पर किशनगढ़, जयपुर, दुर्गापुरा, वनस्थली निवाई, सवाई माधोपुर, कोटा और नागदा स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस डायवर्जन के कारण ट्रेन के समय और गंतव्य तक पहुंचने की अवधि में बदलाव देखने को मिल सकता है।
अक्टूबर के पहले पखवाड़े में 11 फेरे रहेंगे पूरी तरह रद्द
ट्रैक पर अंतिम चरण के नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य को गति देने के लिए दोनों दिशाओं में चलने वाली इस ट्रेन के कुल 11 फेरे पूरी तरह निरस्त रखने का फैसला भी लिया गया है। हितेश यादव के मुताबिक, ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अपने पांच फेरों के लिए रद्द रहेगी। वहीं दूसरी ओर से आने वाली ट्रेन संख्या 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का संचालन 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक छह फेरों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। जिन यात्रियों ने इन तारीखों पर पूर्व में आरक्षण करा रखा है, उन्हें अपनी यात्रा में बड़ा फेरबदल करना पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए रेलवे की जरूरी सलाह
रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग पर यात्रा करने की योजना बना रहे सभी नागरिकों से विशेष अपील की है। बदले हुए मार्ग और अतिरिक्त ठहराव वाले स्टेशनों के कारण यात्रा का समय सामान्य दिनों से भिन्न हो सकता है, इसलिए घर से निकलने से पहले ट्रेन की मौजूदा परिचालन स्थिति और नए ठहरावों की जांच कर लेना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, जो यात्री 4 से 9 अक्टूबर के बीच यात्रा करने वाले थे, वे अपने टिकट और ट्रेन की स्थिति की पुनः पुष्टि करने के पश्चात ही आगे का सफर तय करें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित असुविधा से बचा जा सके।





















