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आकाश आनंद की वापसी पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख का बड़ा बयान, ससुर के प्रभाव को ठहराया पिछली कार्रवाइयों की वजहउत्तर प्रदेश
6 अक्तू॰ 2026, 2:43 pm (23 दिन पहले)· 1

आकाश आनंद की वापसी पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख का बड़ा बयान, ससुर के प्रभाव को ठहराया पिछली कार्रवाइयों की वजह

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाने के बाद स्पष्ट किया कि पारिवारिक दखल खत्म होने से अब उनके निष्कासन की नौबत नहीं आएगी।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आकाश आनंद के राजनीतिक सफर और हालिया घटनाक्रम को लेकर अपना विस्तृत रुख स्पष्ट किया है। आकाश आनंद को एक बार फिर संगठन के राष्ट्रीय संयोजक पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही मायावती ने उन चर्चाओं पर विराम लगाने का प्रयास किया, जिनमें उनके बार-बार निष्कासन और वापसी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि पूर्व में आकाश आनंद के खिलाफ जो भी कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने पड़े थे, उनके पीछे उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ का नकारात्मक प्रभाव मुख्य कारण था।

पारिवारिक हस्तक्षेप और संगठन से दूरी का घटनाक्रम

मायावती ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखते हुए कहा कि शादी से पहले तक आकाश आनंद संगठन के भीतर पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निभा रहे थे। उस दौर में उनके आचरण या कार्यशैली को लेकर किसी भी स्तर पर कोई शिकायत सामने नहीं आई थी और न ही उन्हें कभी दल से अलग करने की जरूरत महसूस हुई। हालांकि, अशोक सिद्धार्थ के साथ वैवाहिक संबंध जुड़ने के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलने लगीं। पार्टी प्रमुख के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ ने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए आकाश आनंद की राजनीतिक छवि को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते संगठन को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा।

व्यवहार में सुधार और राष्ट्रीय संयोजक के रूप में पुनरागमन

सोमवार को आकाश आनंद को औपचारिक रूप से बहुजन समाज पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी गई। मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि मीडिया के एक बड़े हिस्से में इस बात को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है कि उन्हें चार बार निकाला गया और फिर वापस ले लिया गया। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जब भी आकाश आनंद को अपनी भूल का अहसास हुआ और आचरण में अपेक्षित सुधार देखा गया, उन्हें संगठन में वापस स्थान दिया गया। अब जबकि अशोक सिद्धार्थ सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके हैं, तब पार्टी के भीतर किसी बाहरी दबाव या भटकाव की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

भविष्य में सख्त कदम उठाने की आशंका खारिज

बसपा सुप्रीमो ने भरोसा जताया कि अब भविष्य में आकाश आनंद को दल से निष्कासित करने की कोई स्थिति पैदा नहीं होगी। उन्होंने रेखांकित किया कि शादी से पहले जिस तरह आकाश आनंद ने अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया था, वही समर्पण अब आगे भी जारी रहेगा। ससुर के राजनीतिक परिदृश्य से हटने के बाद संगठन को पूरा विश्वास है कि वह किसी विवाद में फंसे बिना पार्टी के विस्तार और मजबूती के लिए काम करेंगे। पार्टी नेतृत्व ने आशा व्यक्त की है कि वह आगे बढ़ते हुए बहुजन आंदोलन को नई ऊर्जा देंगे और किसी को भी शिकायत का मौका नहीं आने देंगे।

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सवाल-जवाब

मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी में कौन सी जिम्मेदारी सौंपी है?
मायावती ने आकाश आनंद को पुनः बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है।
आकाश आनंद को पहले पार्टी से कितनी बार निकाला गया था?
मायावती के अनुसार, आकाश आनंद को पूर्व में चार बार पार्टी से बाहर किया गया था।
आकाश आनंद के निष्कासन के पीछे मायावती ने किसे जिम्मेदार ठहराया?
मायावती ने उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव और स्वार्थ को इन कार्रवाइयों का मुख्य कारण बताया।
अब आगे निष्कासन की नौबत न आने का क्या कारण बताया गया है?
अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने और आकाश आनंद के व्यवहार में सुधार के बाद अब ऐसी स्थिति न बनने की उम्मीद जताई गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·22 दिन पहले

राजनीति में परिवार और रिश्ते कैसे बड़े फैसलों पर असर डालते हैं, यह इसका ताजा उदाहरण है। अमेरिका में भी राजनीतिक परिवारों में अंदरूनी कलह और प्रभाव का असर चुनावों और अभियानों पर साफ दिखता है। खैर, अब देखना होगा कि आकाश इस नई शुरुआत का कितना फायदा उठा पाते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·22 दिन पहले

परिवार और राजनीति का यह चक्कर बहुत भारी पड़ता है। ससुर के जाने के बाद अब देखते हैं पार्टी में उनका काम कैसा रहता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो सही है। पर क्या ससुर के हटने से सच में पार्टी के भीतर सारे अंदरूनी कलह खत्म हो जाएंगे?

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 दिन पहले

राजनीति में परिवार और रिश्ते कैसे बड़े फैसलों की वजह बन जाते हैं, यह इसका ताजा उदाहरण है। हालांकि ससुर के हटने के बाद अब जिम्मेदारी पूरी तरह आकाश आनंद पर है कि वे बिना किसी बाहरी दखल के संगठन को संभालें।

Rohan Verma@rohan-verma·22 दिन पहले

करण भाई, बात बिल्कुल सही कही। अब देखना होगा कि आकाश इस मौके को संभाल पाते हैं या नहीं।

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