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अलवर के बानसूर में घरों तक पहुंचा 11 हजार वोल्ट का करंट, एक ही परिवार के चार लोग झुलसेराजस्थान
18 सित॰ 2026, 11:34 am (7 दिन पहले)· 0

अलवर के बानसूर में घरों तक पहुंचा 11 हजार वोल्ट का करंट, एक ही परिवार के चार लोग झुलसे

अलवर के बहराम का बास गांव में घरों के भीतर 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ने से एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए। इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने रामपुर मार्ग पर जाम लगाकर विद्युत निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर उपखंड के अंतर्गत आने वाले बहराम का बास गांव में एक भयंकर हादसा सामने आया है, जहां बिजली के तारों के जरिए अचानक 11 हजार वोल्ट का करंट सीधे घरों के अंदर तक पहुंच गया। इस खतरनाक घटना की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुर्घटना के बाद से इलाके के निवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा और किन उपकरणों को पहुंचा नुकसान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना देर रात की है जब अचानक घरों में सामान्य वोल्टेज की जगह 11 हजार वोल्ट का हाई-टेंशन करंट दौड़ गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्य रूप से एलटी लाइन का एक तार सीधे 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन विद्युत लाइन के ऊपर जा गिरा था, जिसके कारण यह बड़ा फॉल्ट उत्पन्न हुआ। इस भयानक करंट के प्रवाह से घरों में रखे कई महंगे और जरूरी बिजली के उपकरण पूरी तरह जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए। इस चपेट में आने से एक ही परिवार के चार सदस्य बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से कमला देवी की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है।

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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा और रामपुर मार्ग पर जाम

इस अप्रत्याशित और गंभीर हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश तुरंत फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सड़कों पर उतर आए और उन्होंने रामपुर मार्ग पर पूरी तरह से जाम लगा दिया। सड़क के बीचों-बीच बैठकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप है कि इलाके में बिछाई गई पुरानी बिजली लाइनों की समय-समय पर न तो कोई जांच की जाती है और न ही उनकी सही ढंग से देखरेख व रखरखाव होता है, जिसके कारण आए दिन इस तरह की जानलेवा घटनाएं सामने आती रहती हैं।

दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग और यातायात पर असर

सड़क जाम होने के कारण रामपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे क्षेत्र की विद्युत लाइनों की नए सिरे से जांच कराने और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने की पुरजोर मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा अलवर जिले के बानसूर उपखंड के बहराम का बास गांव में हुआ।
घरों में कितना करंट दौड़ गया था?
घरों में अचानक 11 हजार वोल्ट का तेज करंट दौड़ गया था।
इस हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए हैं।
किसकी हालत गंभीर बताई जा रही है?
इस दुर्घटना में कमला देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने कहां जाम लगाया?
ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रामपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।
हादसे का मुख्य कारण क्या माना गया?
एलटी लाइन का तार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर गिर जाने के कारण यह हादसा हुआ।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

यह हादसा केवल तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा में गंभीर चूक और आपराधिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। बिजली निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से लोगों की जान जोखिम में पड़ी है, जिस पर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर सख्त जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं से उपजने वाले जन-आक्रोश और कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन को तुरंत निष्पक्ष जांच, घायलों को सहायता और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की पारदर्शी प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क की यह जर्जर स्थिति बुनियादी ढांचे के रखरखाव और नियामक निगरानी पर गहरे सवाल खड़े करती है। 11 केवी हाई-टेंशन और एलटी लाइनों के बीच सुरक्षा जाली (गार्डिंग) का न होना या तारों का सीधे संपर्क में आना सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों और एसओपी का घोर उल्लंघन है। केवल निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी; विद्युत निगम को ग्रामीण फीडरों पर अनिवार्य थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराना चाहिए और पुरानी लाइनों को बदलने के लिए तय समयसीमा में काम करना होगा, ताकि ऐसे जानलेवा तकनीकी फॉल्ट दोबारा न दोहराए जाएं।

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