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अलीगंज की आग ने छीन ली एक जोड़े की पूरी ज़िंदगी, दिसंबर में होनी थी नीलेश और अनामिका की शादीउत्तर प्रदेश
23 जून 2026, 2:22 pm (126 दिन पहले)· 4

अलीगंज की आग ने छीन ली एक जोड़े की पूरी ज़िंदगी, दिसंबर में होनी थी नीलेश और अनामिका की शादी

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की जान गई, जिनमें 27 साल के नीलेश कुमार और 30 साल की अनामिका सामंत भी शामिल हैं। दोनों की शादी इसी दिसंबर में होने वाली थी और परिवार खुशियों की तैयारी में जुटे थे, लेकिन एक ही हादसे में दोनों की अर्थी एक साथ उठ गई।

लखनऊ के अलीगंज इलाके में लगी भीषण आग ने 15 जिंदगियां निगल लीं, लेकिन इस हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी है 27 साल के नीलेश कुमार और 30 साल की अनामिका सामंत की। दोनों की शादी इसी दिसंबर में होने वाली थी, दोनों परिवार तैयारियों में लगे थे और यह सपने में भी किसी ने नहीं सोचा था कि जो जोड़ी दूल्हा-दुल्हन बनने वाली थी, उनकी अर्थी एक दिन एक साथ उठेगी।

एक ही इमारत, एक ही हादसा, एक साथ मौत

अनामिका सामंत उसी इमारत में काम करती थीं जहां सोमवार को आग की लपटें उठीं। नीलेश कुमार भी उसी वक्त वहां मौजूद था। आग ने दोनों को एक साथ अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की एक साथ मौत हो गई। नीलेश उस सुबह घर से बिल्कुल सामान्य दिन की तरह काम पर निकला था। दोपहर या शाम तक उसके परिवार को पता चला कि वह लौटेगा नहीं। उसी दिन उसके घर उसकी लाश पहुंची और अनामिका के घर भी उनकी।

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शादी की बातें चल रही थीं, तैयारियां शुरू हो चुकी थीं

नीलेश और अनामिका के परिवारों ने हाल ही में शादी के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की थी और रिश्ता तय हो गया था। दोनों तरफ के घरों में खुशी का माहौल था। एक ऐसी ज़िंदगी की शुरुआत होने वाली थी जो अभी बनी भी नहीं थी कि बिखर गई। हादसे की कई खौफनाक कहानियों में यह कहानी इसलिए अलग है क्योंकि इसमें सिर्फ दो जिंदगियां नहीं गईं, बल्कि दो परिवारों का एक पूरा भविष्य खत्म हो गया।

भाई अभिषेक की मांग: 2016 में इमारत सील होती, तो भाई जीवित रहता

नीलेश के भाई अभिषेक ने साफ कहा कि अगर वह इमारत 2016 में ही सील कर दी गई होती, तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं और उनका भाई आज जीवित रहता। उनका गुस्सा प्रशासन की लापरवाही पर है। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन को किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शना नहीं चाहिए।

पिता शत्रुहन लाल का टूटा दिल: 'आखिरी तस्वीर आंखों से नहीं जाएगी'

नीलेश के पिता शत्रुहन लाल बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। उनके चेहरे पर दर्द और नाराजगी का मिला-जुला भाव है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सीधा सवाल किया कि क्या कोई भी सरकारी कार्रवाई उनके बेटे की मौत की भरपाई कर सकती है। अपना दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा:

"मेरा बेटा हमेशा खुशी-खुशी घर से निकलता था; मैंने कभी नहीं सोचा था कि कल उसे आखिरी बार देखूंगा। कल की वह आखिरी तस्वीर अब हमेशा मेरी आंखों के सामने रहेगी।"

सवाल-जवाब

अलीगंज अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
लखनऊ के अलीगंज में हुए इस भीषण हादसे में 15 लोगों की जलकर मौत हो गई।
नीलेश कुमार और अनामिका सामंत कौन थे?
नीलेश कुमार 27 साल के थे और अनामिका सामंत 30 साल की थीं। दोनों की शादी इसी दिसंबर में होने वाली थी।
अनामिका का उस इमारत से क्या संबंध था?
अनामिका सामंत उसी इमारत में काम करती थीं जहां आग लगी।
नीलेश के भाई अभिषेक ने क्या मांग की?
अभिषेक ने कहा कि वह इमारत 2016 में ही सील हो जानी चाहिए थी और हादसे के सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नीलेश के पिता का नाम क्या है और उन्होंने क्या कहा?
नीलेश के पिता का नाम शत्रुहन लाल है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि क्या कोई सरकारी कार्रवाई उनके बेटे की मौत की भरपाई कर सकती है।
दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत कब हुई थी?
दोनों परिवारों ने हाल ही में शादी के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की थी और रिश्ता तय हो गया था।
हादसे वाले दिन नीलेश घर से कब निकला था?
सोमवार को नीलेश सुबह सामान्य दिन की तरह काम पर निकला था, लेकिन बाद में उसके घर उसकी लाश पहुंची।
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