उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया है, जहां अपना नियमित कामकाज निपटा रहे एक पेशेवर ट्रक ड्राइवर की दो भारी वाहनों के बीच बुरी तरह दब जाने से जान चली गई। मृतक की पहचान बबलू के रूप में हुई है, जो हादसे के वक्त पूरी तरह बेखबर होकर अपने वाहन की देखरेख में लगा हुआ था। कलक्टरगंज थाना इलाके में घटी इस खौफनाक घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, बबलू अपने खड़े ट्रक की साफ-सफाई में जुटा हुआ था, ठीक उसी क्षण बराबर में खड़े दूसरे ट्रक के ड्राइवर ने अपने भारी वाहन का इंजन स्टार्ट किया और अचानक गाड़ी आगे बढ़ा दी। दोनों बड़े वाहनों के बीच की संकरी जगह में बबलू बुरी तरह फंस गया और संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सफाई करते समय घटा हादसा और मची चीख-पुकार
कलक्टरगंज इलाके में यह पूरी त्रासदी रविवार की सुबह घटित हुई। रोजमर्रा की तरह बबलू अपने ट्रक को दुरुस्त और साफ करने का काम कर रहा था। उस वक्त पास में ही एक और विशालकाय ट्रक खड़ा था। अचानक दूसरे ट्रक के चालक ने बिना आसपास का मुआयना किए गाड़ी चालू की और तेजी से पहिए आगे बढ़ा दिए। बबलू दोनों भारी ट्रकों की मजबूत धातु की बॉडी के बीच बुरी तरह पिस गया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों और राहगीरों ने जब यह भयानक दृश्य देखा, तो चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग चिल्लाते हुए दूसरे चालक से वाहन फौरन पीछे हटाने की गुहार लगाने लगे। कई लोग जान बचाने के लिए बदहवास दौड़ पड़े, लेकिन कुछ ही पलों के भीतर बबलू की सांसें थम चुकी थीं।
सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो फुटेज में युवक दोनों वाहनों के बीच लाचार हालत में फंसा हुआ साफ दिखाई देता है। जब तक दबाव कम करने के लिए ट्रक को पीछे किया गया, तब तक युवक निढाल होकर सीधे जमीन पर आ गिरा। इस भयावह घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे ट्रक का ड्राइवर अपना वाहन वहीं छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के वायरल फुटेज को खंगाल रही है ताकि हादसे की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
परिजनों ने लगाया जानबूझकर कुचलने का संगीन आरोप
इस अप्रत्याशित मौत के बाद मृतक के परिवार में मातम पसर गया है और उन्होंने इस पूरे मामले को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। मृतक बबलू के बड़े भाई रामबाबू ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि दूसरे वाहन चालक ने उनके भाई को जानबूझकर कुचला है। रामबाबू का कहना है कि यह लापरवाही का साधारण मामला नहीं बल्कि दुर्भावनापूर्ण हरकत हो सकती है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने तथा जिम्मेदार चालक को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की है। हालांकि स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले में दर्ज साक्ष्यों तथा तथ्यों के आधार पर ही कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मोबाइल फोन से शिनाख्त और पोस्टमार्टम हाउस में बिलखते रिश्तेदार
घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके सूचना दर्ज कराई। सूचना मिलते ही कलक्टरगंज थाने का पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और घटनास्थल पर पहुंच गया। मृतक के कपड़ों से मिले मोबाइल फोन की जांच करके पुलिस कर्मियों ने उसकी शिनाख्त की और उसके घर वालों को इस अनहोनी की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को मोर्चरी भेज दिया।
सोमवार दोपहर जब परिवार के सदस्य और रिश्तेदार कानपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। शवगृह में अपनों ने जब बबलू का पार्थिव शरीर देखा, तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और वहां कोहराम मच गया। घर की महिलाएं और रिश्तेदार फूट-फूटकर रोने लगे। परिजनों ने रोते-बिलखते हुए पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई कि फरार चालक को जल्द से जल्द दबोचा जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
चोट से उबरकर काम पर लौटा था ड्राइवर
मृतक मूल रूप से हमीरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सुमेरपुर कस्बे का निवासी था। परिवार में उनके बुजुर्ग पिता मलखान हैं, जबकि दो भाई रामबाबू और राजू हैं। बड़े भाई रामबाबू रोजी-रोटी के सिलसिले में महाराष्ट्र राज्य में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि साझा करते हुए रामबाबू ने बताया कि बबलू लंबे समय से भारी वाहन चलाकर परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटा रहा था। लगभग एक महीने पहले ही किसी काम के दौरान उसके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके चलते वह आराम करने अपने पैतृक गांव सुमेरपुर आया हुआ था। हाथ ठीक होने पर वह दोबारा काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से अपनी जिम्मेदारियां निभाने लगेगा, लेकिन कानपुर में घटी इस अनहोनी ने पूरे परिवार का सहारा ही छीन लिया।
भतीजी मोहनी की पढ़ाई और शादी का संजोया था सपना
बबलू ने जीवन में विवाह नहीं किया था और वह अविवाहित रहकर ही अपने परिवार के प्रति पूरी तरह समर्पित था। उसने अपने बड़े भाई की बेटी मोहनी को कानूनी व पारिवारिक रूप से गोद ले रखा था। वह मोहनी को अपनी सगी औलाद की तरह मानता था और उसके सारे शैक्षिक खर्च खुद वहन करता था। परिजनों ने नम आंखों से बताया कि बबलू का सबसे बड़ा अरमान यह था कि वह दिन-रात पसीना बहाकर अपनी भतीजी को उच्च शिक्षा दिलाए और फिर अपने हाथों से धूमधाम के साथ उसका कन्यादान करे। वह अक्सर अपने घर वालों से कहा करता था कि वह मेहनत की कमाई से मोहनी का भविष्य संवारेगा। इस मजबूत भावनात्मक रिश्ते के कारण परिवार को भी बबलू से काफी आशाएं थीं। अब उसकी असामयिक मौत से न केवल परिवार का एक कमाऊ सदस्य चला गया है, बल्कि बच्ची मोहनी की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य पर भी अनिश्चितता के काले बादल मंडराने लगे हैं।
फरार चालक की तलाश में दबिश और कानूनी प्रक्रिया
कलक्टरगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने इस संबंध में आधिकारिक बयान देते हुए पुष्टि की है कि दो ट्रकों के बीच दबने के कारण ही युवक की दर्दनाक मौत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक मृतक के परिजनों की तरफ से कोई औपचारिक लिखित शिकायत अथवा तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित तहरीर दी जाएगी और तकनीकी जांच पूरी होगी, उसके आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही मौके से फरार हुए दूसरे ट्रक के ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी गई है। पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह तस्वीर साफ हो सकेगी कि घटना विशुद्ध रूप से एक भीषण भूल थी अथवा इसके पीछे कोई अन्य वजह मौजूद थी।


















