आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजधानी क्षेत्र के चारों ओर एक विशाल ग्रीनफील्ड रिंग रोड के निर्माण की जमीनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए कॉरिडोर के वजूद में आने से स्थानीय यातायात सुगम होगा और शहर के आंतरिक हिस्सों में भारी वाहनों की वजह से लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलने से क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
चार पैकेजों में बंटेगा 189 किलोमीटर लंबा 6 लेन कॉरिडोर
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजना के मुताबिक अमरावती के चारों तरफ बनने वाला यह आउटर रिंग रोड 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। मुख्य रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 189 किलोमीटर तय की गई है। निर्माण कार्य को तेजी और सुगमता से आगे बढ़ाने के मकसद से पूरे प्रोजेक्ट को 4 अलग-अलग पैकेज में विभाजित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सभी पैकेजों के लिए नीलामी की शुरुआत 19 नवंबर, 2026 से की जाएगी। प्रत्येक पैकेज को पूरा करने के लिए 1,095 दिनों की सख्त समयसीमा रखी गई है, यानी कार्य प्रारंभ होने के महज 3 वर्षों के भीतर इसका निर्माण कार्य संपन्न करना अनिवार्य होगा।
प्रोजेक्ट की लागत, भूमि अधिग्रहण और लिंक रोड
अमरावती के इस महत्वाकांक्षी रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण पर कुल मिलाकर लगभग 30,491 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। इस वित्तीय बजट में सिविल लागत यानी जमीन अधिग्रहण से जुड़े खर्च के तौर पर लगभग 10,596 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस परियोजना के लिए शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य कॉरिडोर के अतिरिक्त इसमें 5.2 किलोमीटर लंबा एक लिंक रोड भी तैयार किया जाएगा, जिसके जुड़ने के बाद इस समूचे राजमार्ग प्रोजेक्ट की प्रभावी लंबाई 195.2 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। नवंबर महीने में टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही निर्माण की तय समयसीमा पर काम शुरू हो जाएगा।
















