पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में एक राजनीतिक कार्यालय पर हमले की घटना के बाद माहौल गरमा गया है। वार्ड संख्या 14 के नयापल्ली क्षेत्र में स्थित तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालय का ताला तोड़कर कुछ उपद्रवियों ने भीतर रखे सामान को तहस-नहस कर दिया। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और राजनीतिक दलों के बीच तीखा विवाद शुरू हो गया है।
कार्यालय में तोड़फोड़ और कैमरे नष्ट करने का आरोप
नयापल्ली स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर हुए इस हमले को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस के अनुसार हमलावर जबरन मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे थे। उपद्रवियों ने दफ्तर में रखी कुर्सियों, मेजों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया और कई जरूरी सामान को उठाकर पास बह रहे नाले में फेंक दिया।
इसके अलावा आरोपियों ने परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को भी पूरी तरह तोड़ दिया ताकि घटना की कोई रिकॉर्डिंग न मिल सके। परिसर में तोड़फोड़ मचाने के बाद हमलावरों ने बाहर निकलते वक्त मुख्य दरवाजे पर अपना नया ताला जड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुआयना शुरू किया। तृणमूल के पूर्व युवा अध्यक्ष राजू सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय भाजपा विधायक से भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दफ्तर का नियंत्रण वापस दिलाने की मांग की है।
भाजपा विधायक ने दी सफाई, टीएमसी पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों को स्थानीय भाजपा विधायक लक्ष्मण चंद्र घड़ुई ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पार्टी का कोई सीधा संबंध नहीं है। विधायक ने दावा किया कि यह तोड़फोड़ स्थानीय नागरिकों के गुस्से का परिणाम है।
लक्ष्मण चंद्र घड़ुई के मुताबिक पूर्व युवा अध्यक्ष राजू सिंह की अगुवाई में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं से जबरन अपने पार्टी दफ्तर की साफ-सफाई करवाने का दबाव बनाया था। विधायक का कहना है कि इसी जबरदस्ती और धमकी भरे रवैये के विरोध में स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया, जिसके बाद यह बवाल हुआ।
सिउरी में भी सामने आई थी ऐसी ही वारदात
दुर्गापुर की इस घटना से कुछ ही समय पहले राज्य के बीरभूम जिले के सिउरी में भी ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना घटी थी। वहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में कुछ लोग अचानक घुस आए थे। उस समय नेता अनुब्रत मंडल कार्यालय के भीतर ही मौजूद थे। आरोप है कि हमलावरों ने अनुब्रत मंडल को एक कुर्सी पर जबरन बैठाए रखा और उनकी आंखों के सामने ही पूरे दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। लगातार घट रही इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।





















