जालंधर के मैदान पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम का शानदार विजय अभियान पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। टूर्नामेंट के एक बेहद कड़े और तनावपूर्ण मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 4-2 के अंतर से पराजित करते हुए लगातार चौथी जीत अपने खाते में डाल ली। अंक तालिका की दो शीर्ष टीमों के बीच खेला गया यह मैच शुरू से लेकर अंत तक उतार-चढ़ाव से भरा रहा। इस अहम भिड़ंत में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मोर्चे से अगुवाई की और यादगार हैट्रिक जड़कर अपनी टीम को पूरे तीन अंक दिलाए। हरमनप्रीत के तीन सटीक हमलों और फॉरवर्ड सुखजीत सिंह के एक हैरतअंगेज गोल की बदौलत भारतीय टीम ने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़कर अपनी अजेय बढ़त कायम रखी।
यह मुकाबला दोनों देशों के बीच एशियाई खेल 2026 के खिताबी मुकाबले की यादों को ताजा करने वाला एक रोमांचक रीमैच साबित हुआ। सीटी बजते ही भारतीय दल ने आक्रामक रवैया अपनाया और तीसरे ही मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपने खास अंदाज में गेंद को जाल में उलझाकर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस त्वरित गोल ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों में भारी उत्साह भर दिया और भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा दिया। शुरुआती झटके से उबरने के लिए मलेशिया ने अपने खेल को पुनर्गठित करने की पुरजोर कोशिश की, मगर पहले क्वार्टर के समापन तक भारतीय रक्षापंक्ति ने अपनी 1-0 की बढ़त को पूरी मुस्तैदी से सुरक्षित रखा।
दूसरे क्वार्टर में मलेशिया की पलटवार रणनीति
खेल के दूसरे क्वार्टर में परिदृश्य तेजी से बदला, जब मलेशियाई टीम ने मुकाबले में जान फूंकते हुए भारतीय रक्षापंक्ति पर दबाव बढ़ाना शुरू किया। मलेशिया ने रणनीति बदलकर भारतीय हाफ में लगातार हमले बोले, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को बचाव की मुद्रा अपनानी पड़ी। इस निरंतर आक्रामकता का लाभ मलेशिया को जल्द ही मिला, जब उनके खिलाड़ी अखिमुल्ला अनवर ने सटीक मैदानी हमला करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस बराबरी के गोल ने मैच में तनाव बढ़ा दिया, क्योंकि भारतीय अग्रिम पंक्ति को मलेशियाई घेराबंदी तोड़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। मध्यांतर की सीटी बजने तक दोनों ही टीमें 1-1 पर बराबरी पर बनी रहीं, जिससे मुकाबला बेहद नाज़ुक मोड़ पर पहुंच गया।
तीसरे क्वार्टर में भारत का जोरदार प्रहार
हाफ-टाइम के विराम के बाद कोच क्रेग फुल्टर के मार्गदर्शन में उतरी भारतीय टीम बिल्कुल बदले हुए तेवरों के साथ मैदान पर दाखिल हुई। रणनीति में बदलाव लाते हुए भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और मलेशियाई रक्षापंक्ति को तितर-बितर कर दिया। क्वार्टर की शुरुआत होते ही कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और शानदार प्रहार करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल से टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया। बढ़त मिलते ही भारत ने दबाव और बढ़ा दिया, जिसका नतीजा जल्द ही देखने को मिला जब फॉरवर्ड सुखजीत सिंह ने दर्शकों को दंग कर देने वाला एक हैरतअंगेज मैदानी गोल दाग दिया। सुखजीत के इस बेहतरीन गोल ने बढ़त का अंतर 3-1 कर दिया और मैच का पूरा नियंत्रण भारत की मुट्ठी में थमा दिया।
अंतिम पलों में हैट्रिक और अंतिम स्कोरलाइन
मुकाबले के अंतिम चरण में भी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह की आक्रामकता थमी नहीं। उन्होंने मलेशियाई गोलकीपर को कोई मौका न देते हुए अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 4-1 कर दिया। इस गोल ने मुकाबले का फैसला भारत के पक्ष में लगभग पूरी तरह तय कर दिया। हालांकि, मैच समाप्त होने से ठीक पहले मलेशियाई टीम ने एक त्वरित जवाबी हमले की बदौलत गोल दागकर स्कोर 4-2 जरूर किया, लेकिन तब तक समय पूरी तरह निकल चुका था और यह गोल केवल हार का अंतर कम करने तक ही सीमित रहा। अंततः भारत ने 4-2 की स्कोरलाइन के साथ मैच अपनी झोली में डाल लिया।
कोरिया के खिलाफ अगला मैच और खिलाड़ी की चोट की चिंता
टूर्नामेंट में लगातार चार मुकाबले जीतकर भारतीय टीम अब लीग दौर के अपने अंतिम मुकाबले की तैयारियों में जुट गई है। भारत का अगला मुकाबला सोमवार, 2 नवंबर को दक्षिण कोरिया के खिलाफ निर्धारित है। शानदार प्रदर्शन और लगातार जीत के बीच भारतीय खेमे के लिए एक चिंताजनक बात भी सामने आई है। मैच के आखिरी लम्हों में स्टार खिलाड़ी अभिषेक का पैर मुड़ गया, जिसकी वजह से उनकी फिटनेस को लेकर भारतीय खेमे में आशंकाएं हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टर और भारतीय टीम प्रबंधन यही उम्मीद करेंगे कि अभिषेक की चोट गंभीर न हो और वे जल्द स्वस्थ हों। कल जालंधर में लीग चरण का अंतिम मैच होने के कारण, कोच क्रेग फुल्टर अपनी रणनीति के तहत मुख्य एकादश में कुछ फेरबदल और रोटेशन कर सकते हैं, ताकि अहम खिलाड़ियों को विश्राम मिले और टीम नॉकआउट चरण के बड़े मैचों से पहले पूरी तरह ऊर्जावान रह सके।

















