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अरावली में मौजूद भीमकुंड का महाभारत कनेक्शन, चट्टानों पर गदा प्रहार और मीठे जलधारा की आस्थाभारत
11 अक्तू॰ 2026, 2:25 pm (2 घंटे पहले)· 0

अरावली में मौजूद भीमकुंड का महाभारत कनेक्शन, चट्टानों पर गदा प्रहार और मीठे जलधारा की आस्था

पाली के बीजापुर अंचल में स्थित पौराणिक भीमकुंड को लेकर मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान द्रौपदी की प्यास बुझाने के लिए भीम ने चट्टान पर प्रहार कर यह जलस्रोत प्रकट किया था.

राजस्थान के पाली जिले में अरावली पर्वतमाला के आंचल में बसा बीजापुर क्षेत्र सदियों पुरानी पौराणिक गाथाओं को खुद में समेटे हुए है। सुमेरपुर उपखंड के वनों और पथरीली वादियों के मध्य स्थित भीमकुंड एक ऐसा धार्मिक व ऐतिहासिक केंद्र है, जहाँ प्रकृति और प्राचीन आस्था का अद्भुत मेल दिखाई पड़ता है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार यह वही पावन भूभाग है, जहाँ महाभारत काल में पांडव बंधुओं ने अपनी पहचान छिपाते हुए निर्वासन का दौर काटा था। चट्टानी धरातल पर उभरे विशालकाय पदचिह्न और घुटनों के गहरे निशान आज भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

महाबली के गदा प्रहार से फूटी थी अमृतमयी जलधारा

इस कुंड की उत्पत्ति के पीछे एक बेहद रोचक पौराणिक प्रसंग जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि गहन जंगलों से गुजरते समय जब महारानी द्रौपदी अत्यंत तृषित हो उठीं और सुदूर तक पानी का कोई निशान नहीं दिखा, तब उनके कष्ट को देखकर महाबली भीम व्यथित हो उठे। उन्होंने अपने असीम सामर्थ्य का परिचय देते हुए पर्वत श्रृंखलाओं के बीच धरती पर घुटने टिकाए और अपनी भारी गदा से कठोर पाषाण पर भीषण आघात किया। उस प्रचंड चोट से मजबूत शिलाएं दरक गईं और उनके गर्भ से स्वच्छ जल का स्रोत प्रवाहित हो उठा, जिसने आगे चलकर एक प्राकृतिक जलाशय का स्वरूप ग्रहण कर लिया। इसी अलौकिक घटना के कारण लोकमानस में यह तीर्थ भीमकुंड के रूप में प्रतिष्ठित हुआ।

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कड़कड़ाती धूप में भी नहीं सूखता शीतल व मीठा जल

पहाड़ों के दुर्गम घेरे में स्थित होने के बावजूद इस जलकुंड की भौतिक विशेषताएं हर किसी को विस्मित करती हैं। इस सरोवर का पानी न सिर्फ पीने में अत्यंत स्वादिष्ट और मीठा है, बल्कि गर्मियों के चरम प्रकोप के दौरान भी इसका स्तर कभी समाप्त नहीं होता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल की यह शुद्धता और निरंतरता दैवीय कृपा का ही प्रत्यक्ष प्रमाण है। कठोर पाषाणों पर अंकित पैरों के असामान्य आकार के छापे और घुटने टेकने से बने गड्ढे आज भी स्पष्ट नजर आते हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दराज से लोग यहाँ पहुँचते हैं।

महादेव मंदिर और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम

बीजापुर स्थित इस कुंड के समीप बना भगवान शिव का प्राचीन देवालय यहाँ के वातावरण को आध्यात्मिक शांति से भर देता है। यहाँ आने वाले भक्तगण देवाधिदेव महादेव के विग्रह की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और साथ ही भीम के उन पदचिह्नों का दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं। अरावली की हरियाली, शांत वनक्षेत्र और ऐतिहासिक अवशेष मिलकर इस समूचे परिसर को एक शांत व मनोरम तीर्थस्थल का रूप प्रदान करते हैं।

सुमेरपुर और बीजापुर तक पहुँचने का सुगम मार्ग

इस पौराणिक स्थल तक जाने के लिए परिवहन के कई साधन उपलब्ध हैं

  • सड़क मार्ग: जोधपुर अथवा पाली से यात्रा करने वाले श्रद्धालु राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 62 (NH-62) के जरिए सुमेरपुर पहुँच सकते हैं। सुमेरपुर कस्बे से बीजापुर की दूरी मात्र 15 से 20 किमी रह जाती है, जिसके लिए बस, ऑटो तथा निजी टैक्सियां निरंतर संचालित होती हैं। सिरोही या उदयपुर से आने वाले मुसाफिर शिवगंज व सुमेरपुर वाले रास्ते से बीजापुर का रुख कर सकते हैं।
  • रेलवे कनेक्टिविटी: निकटतम रेल संपर्क जवाई बांध रेलवे स्टेशन है, जिसकी बीजापुर से दूरी करीब 20 किमी बैठती है। स्टेशन परिसर से निजी गाड़ियां और जीप आसानी से किराए पर मिल जाती हैं।
  • हवाई मार्ग: सबसे करीबी विमानपत्तन उदयपुर एयरपोर्ट (लगभग 140 किमी) तथा जोधपुर एयरपोर्ट (लगभग 150 किमी) हैं। इन हवाई अड्डों से राज्य परिवहन निगम की बसों या टैक्सियों द्वारा सुमेरपुर पहुँचकर बीजापुर जाया जा सकता है। बीजापुर गाँव में प्रवेश के उपरांत अरावली की पहाड़ियों में स्थित कुंड तक पहुँचने के लिए स्थानीय गाड़ियों या पैदल रास्ते का उपयोग किया जाता है।

सवाल-जवाब

भीमकुंड राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
भीमकुंड राजस्थान के पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में स्थित बीजापुर के जंगलों और पहाड़ियों के बीच मौजूद है।
भीमकुंड का नाम महाबली भीम से कैसे जुड़ा?
मान्यता के अनुसार द्रौपदी की प्यास बुझाने के लिए भीम ने अपने घुटने टेककर गदा से चट्टान पर प्रहार किया था, जिससे फूटी जलधारा कुंड बन गई।
क्या इस कुंड का पानी गर्मियों में सूख जाता है?
नहीं, भीषण गर्मी के मौसम में भी इस कुंड का मीठा और शीतल जल कभी समाप्त नहीं होता।
भीमकुंड के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कौन सा है?
सबसे निकटवर्ती स्टेशन जवाई बांध रेलवे स्टेशन है, जो बीजापुर से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित है।
हवाई मार्ग से भीमकुंड कैसे पहुँचा जा सकता है?
यात्री उदयपुर एयरपोर्ट (लगभग 140 किमी) या जोधपुर एयरपोर्ट (लगभग 150 किमी) उतरकर सुमेरपुर होते हुए बीजापुर पहुँच सकते हैं।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·48 मिनट पहले

गर्मी में भी कुंड का पानी न सूखना वाकई हैरान करने वाली बात है।

Divya Reddy@divya-reddy·48 मिनट पहले

रवि जी, भूगोल की पाठ्यपुस्तकों में अरावली के इस हिस्से में पानी के ऐसे स्रोतों पर और रिसर्च होनी चाहिए ताकि छात्रों को भी नई जानकारी मिले।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

भीम की गदा के प्रहार से पानी निकल आया, ये बात थोड़ी फिल्मी लगती है पर ऐसे किस्से इतिहास को दिलचस्प जरूर बना देते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

करण भाई, बात फिल्मी जरूर है पर राजस्थान की लोक कथाओं में ऐसे किस्से इतिहास से भी ज्यादा जिंदा रहते हैं।

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