त्योहारों का मौसम हो, व्रत के बाद का समय या घर पर किसी खास मेहमान का आगमन, मीठे में पारंपरिक सूजी या गाजर के हलवे से हटकर कुछ नया आजमाने की इच्छा अक्सर होती है। ऐसे मौकों के लिए सेब का दानेदार हलवा एक बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प बनकर उभरता है। सेब की कुदरती मिठास, शुद्ध देसी घी की सोंधी महक और सूखे मेवों का मेल इस मिठास को हर उम्र के लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए पसंदीदा बना देता है। इसे तैयार करने में बहुत अधिक समय भी नहीं लगता और थोड़ी सी सूझबूझ से रसोई में मौजूद सामग्री से ही इसे बेहद लजीज रूप दिया जा सकता है।
हलवा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस खास व्यंजन को तैयार करने के लिए मुख्य आधार के रूप में 4 मध्यम आकार के कद्दूकस किए हुए ताजे सेब की जरूरत होती है। इसके अलावा पकाने के लिए शुद्ध देसी घी, मिठास के लिए चीनी, हलवे को समृद्ध और दानेदार बनावट देने के लिए मावा, तथा सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर, काजू, बादाम और किशमिश का इस्तेमाल किया जाता है। परोसते समय सजावट के लिए बारीक कटा पिस्ता काम आता है।
सेब की तैयारी और भूनने की सही विधि
इस व्यंजन की शुरुआत सेब को साफ पानी से अच्छी तरह धोने से होती है। धोने के बाद सेब का छिलका उतार लें और उन्हें कद्दूकस कर लें। यहां ध्यान रखने योग्य बात यह है कि कद्दूकस करने के तुरंत बाद ही इसे पकाने की प्रक्रिया में ले जाना चाहिए, अन्यथा हवा के संपर्क में आने से सेब का रंग काला पड़ने लगता है। अब एक भारी तले की कड़ाही में देसी घी गर्म करें। घी पिघलने पर उसमें कद्दूकस किया हुआ सेब डालें और मध्यम आंच पर 8 से 10 मिनट तक लगातार भूनें। सेब का स्वाभाविक पानी जब सूखने लगे और पूरा मिश्रण हल्का गाढ़ा दिखाई देने लगे, तब आगे की तैयारी की जाती है।
चीनी और मावा मिलाकर दानेदार बनावट लाना
जब सेब का पानी सूख जाए, तब कड़ाही में चीनी मिलाई जाती है। चीनी घुलते ही सेब फिर से नमी छोड़ता है, जिससे मिश्रण कुछ देर के लिए थोड़ा पतला हो जाता है। इसे लगातार चलाते हुए तब तक पकाना चाहिए जब तक कि अतिरिक्त नमी पूरी तरह सूख न जाए। इसके तुरंत बाद इसमें मावा डाला जाता है और अच्छी तरह मिलाया जाता है। मावा मिलने के बाद हलवे को धीमी आंच पर लगातार चलाते रहना जरूरी होता है, क्योंकि यही धीमी सिकाई हलवे को उसका खास दानेदार रूप प्रदान करती है। जब मिश्रण कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे, तो यह संकेत होता है कि हलवा पकने के अंतिम पड़ाव पर है।
मेवे, इलायची और परोसने का तरीका
हलवे के लगभग तैयार होने पर इसमें इलायची पाउडर, काजू, बादाम और किशमिश डाले जाते हैं। सूखे मेवे डालने के बाद मिश्रण को 2 से 3 मिनट तक और पकाया जाता है, ताकि इलायची की खुशबू और मेवों का कुरकुरापन हलवे में पूरी तरह समा जाए। पकने के बाद हलवे को सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से पिस्ता छिड़ककर सजाएं। इसे गर्मागर्म परोसा जा सकता है, जबकि कुछ लोग इसे हल्का ठंडा करके खाना भी पसंद करते हैं।
स्वाद और पोषण बढ़ाने के कुछ खास सुझाव
इस हलवे के स्वाद को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए पकाते समय इसमें थोड़ा सा केसर मिलाया जा सकता है। यदि आप चीनी का विकल्प तलाश रहे हैं, तो चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करके इसे और सेहतमंद बनाया जा सकता है। इसके अलावा, हलवे की पौष्टिकता को दोगुना करने के लिए इसमें अखरोट और चिया सीड्स मिलाने का विकल्प भी मौजूद रहता है।


















